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Chandigarh News: नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगने वाले मुख्य आरोपी को जमानत
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चंडीगढ़। डीसी रेट पर लोगों को नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों की ठगी मामले में जिला अदालत ने मुख्य आरोपी को जमानत दे दी। आरोपी सिमल खरवल (27) मोहाली के झामपुर का रहने वाला है। उसे गिरफ्तारी के छह महीने बाद जिला अदालत में एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट से सिमल को एक लाख रुपये के बॉन्ड और एक श्योरिटी पर जमानत दी गई है।
21 मई को मलोया थाने में आरोपी और उसके अन्य साथी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज हुआ था। मौजूदा केस में शिकायतकर्ता सुमीत कुमार था। उसकी शिकायत के मुताबिक सिमल खुद को अल्टीमेट मैन पावर हाउस कीपिंग कंपनी का मेनेजर बताता था और कहता था कि उसके पास निगम के अंडर आते पार्कों की मेंटेनेंस का ठेका है। वह डीसी रेट पर लोगों को नौकरी पर रखवाता है। उसने नौकरी दिलवाने के नाम पर उससे एक लाख रुपये लिए थे और उसके बाद न नौकरी लगवाई न पैसे लौटाए।
उसने 16,500 की सैलरी पर नौकरी लगवाने के नाम पर यह रकम ली थी। बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि सिमल ने 300-350 लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी की है। सिमल और उसका साथी रोहित 22 मई को पकड़े गए। इनके खुलासे पर जेई मनोहर लाल पकड़ा गया। रोहित-सिमल दोनों ठगी की रकम का 40-40 प्रतिशत और 20 प्रतिशत जेई को देते थे। उन जगहों-पार्कों में नौकरी के नाम पर ठगी की गई जहां जेई मनाेहर की ड्यूटी थी। जेई मनोहर को पहले ही नवंबर में जमानत मिल चुकी है।
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21 मई को मलोया थाने में आरोपी और उसके अन्य साथी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज हुआ था। मौजूदा केस में शिकायतकर्ता सुमीत कुमार था। उसकी शिकायत के मुताबिक सिमल खुद को अल्टीमेट मैन पावर हाउस कीपिंग कंपनी का मेनेजर बताता था और कहता था कि उसके पास निगम के अंडर आते पार्कों की मेंटेनेंस का ठेका है। वह डीसी रेट पर लोगों को नौकरी पर रखवाता है। उसने नौकरी दिलवाने के नाम पर उससे एक लाख रुपये लिए थे और उसके बाद न नौकरी लगवाई न पैसे लौटाए।
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उसने 16,500 की सैलरी पर नौकरी लगवाने के नाम पर यह रकम ली थी। बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि सिमल ने 300-350 लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी की है। सिमल और उसका साथी रोहित 22 मई को पकड़े गए। इनके खुलासे पर जेई मनोहर लाल पकड़ा गया। रोहित-सिमल दोनों ठगी की रकम का 40-40 प्रतिशत और 20 प्रतिशत जेई को देते थे। उन जगहों-पार्कों में नौकरी के नाम पर ठगी की गई जहां जेई मनाेहर की ड्यूटी थी। जेई मनोहर को पहले ही नवंबर में जमानत मिल चुकी है।
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