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Chandigarh News: स्टेशनरी विक्रेता को ठगने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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चंडीगढ़। स्टेशनरी विक्रेता से ठगी के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि पकड़े जाने पर पैसे वापस कर दोनों पक्षों के बीच समझौता होने को आधार बनाकर जमानत देने पर समाज में गलत संदेश जाएगा।अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे आरोपी पर यह भी प्रभाव पड़ेगा कि वह ऐसा करना जारी रख सकता है। जघन्य कृत्य में यदि वह फिर से पकड़ा जाता है, तो केवल पैसे वापस करने होंगे। दरअसल मामले में आरोपी के वकील की ओर से समझौता नामे की फोटोकॉपी अदालत में प्रस्तुत करते हुए दोनों पक्षों के बीच हुई सुलह को आधार बनाते हुए जमानत देने की मांग की गई थी। मामले में साइबर सेल की टीम ने 18 जुलाई को स्टेशनरी खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में जमानत अर्जी दखिल करने वाले मोहाली निवासी सुरेश कुमार (62) को गिरफ्तार किया था। दर्ज मामले के तहत आरोपी विक्रेता का मोबाइल नंबर हासिल करता, फिर वह व्हाट्सएप कॉल/मैसेज के माध्यम से उनसे संपर्क करता था। इसके बाद आरोपी विक्रेता को ठगने के लिए अधिक मात्रा में स्टेशनरी सामान का आर्डर कर उन्हें नकली चालान (नकली पता) भेज स्टेशनरी आइटम के लिए ऑर्डर कर देता। विक्रेता को विश्वास में लेने के लिए आरोपी उन्हें कुछ राशि एडवांस के तौर पर भेज देता। इसके बाद अधिक सामान दो-तीन ऑटो में लोड करवाकर डिलीवरी लेकर सामान लेकर फरार हो जाता, जिसे बाद में ट्राइसिटी में आधे दामों पर बेच देता।
क्या था मामला...
दर्ज मामले के मुताबिक कैंबवाला गांव की रहने वाली बलविंदर कौर ने साइबर सेल को दी शिकायत में बताया कि वह लक्ष एंटरप्राइजेज के नाम से स्टेशनरी का थोक काम करती हैं। उनके मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई और फोन करने वाले ने उनके व्हाट्सएप पर एक इनवॉइस भेजते हुए स्टेशनरी का 3.67 लाख रुपये का ऑर्डर दे दिया। आरोपी ने स्टेशनरी सामान की डिलीवरी के लिए साई एंटरप्राइजेज, माड़ीवाला टाउन, मनीमाजरा के नाम पर का एक लेटर हेड भेजा। उन्होंने सामान ऑटो में लोडकर उसका नंबर भी कॉल करने वाले को शेयर किया। आरोपी ने ऑटो ड्राइवर से संपर्क किया और सामान की डिलीवरी ले ली। आरोपी ने सामान लेने के बाद बकाया रकम मालिक को भुगतान करने की बात कही लेकिन आरोपी ने बाद में कोई भुगतान नहीं किया। बाद में पता चला कि लेटर हेड/इनवॉयस फर्जी था।
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क्या था मामला...
दर्ज मामले के मुताबिक कैंबवाला गांव की रहने वाली बलविंदर कौर ने साइबर सेल को दी शिकायत में बताया कि वह लक्ष एंटरप्राइजेज के नाम से स्टेशनरी का थोक काम करती हैं। उनके मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई और फोन करने वाले ने उनके व्हाट्सएप पर एक इनवॉइस भेजते हुए स्टेशनरी का 3.67 लाख रुपये का ऑर्डर दे दिया। आरोपी ने स्टेशनरी सामान की डिलीवरी के लिए साई एंटरप्राइजेज, माड़ीवाला टाउन, मनीमाजरा के नाम पर का एक लेटर हेड भेजा। उन्होंने सामान ऑटो में लोडकर उसका नंबर भी कॉल करने वाले को शेयर किया। आरोपी ने ऑटो ड्राइवर से संपर्क किया और सामान की डिलीवरी ले ली। आरोपी ने सामान लेने के बाद बकाया रकम मालिक को भुगतान करने की बात कही लेकिन आरोपी ने बाद में कोई भुगतान नहीं किया। बाद में पता चला कि लेटर हेड/इनवॉयस फर्जी था।
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