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Chandigarh News: मानसून में भी झमाझम बरसेंगे बदरा
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13 अप्रैल से सक्रिय हो रहा है पश्चिमी विक्षोभ, कुछ जगहों पर आंधी के भी आसार
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
चंडीगढ़/नई दिल्ली। हरियाणा में इस बार वैशाखी 40 डिग्री तापमान वाली तपती गर्मी से राहत दे सकती है। 13 अप्रैल से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से हरियाणा में 13 से 15 अप्रैल तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वीरवार व शुक्रवार को राज्य के सभी जिलों में बारिश होगी। दोनों दिन के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 15 अप्रैल को कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। बदले मौसम की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। गर्मी से यह राहत मानसून में भी मिलेगी। इस बार का मानसून सूखा नहीं जाएगा। लगभग पूरे देश में जमकर बदरा बरसेंगे और मानसून सामान्य रहेगा।
मौसम के बारे में पूर्वानुमान बताने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी स्काईमेट ने मंगलवार को कहा कि इस साल जून से सितंबर तक चार महीने के मानसून सीजन में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 102 फीसदी यानी 868.6 मिमी बारिश होगी, जो सामान्य की श्रेणी में है।
स्काईमेट के मुताबिक, जून से सितंबर के दौरान देश के मध्य और पश्चिमी भागों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में सामान्य और पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। ''''मानसून पूर्वानुमान 2024'''' रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के दक्षिण, पश्चिम और उत्तर पश्चिम क्षेत्रों में अनुकूल वर्षा दर्ज की जाएगी। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे मुख्य मानसून वर्षा आधारित क्षेत्रों में भी पर्याप्त वर्षा होने की उम्मीद है।
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हरियाणा में किसानों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। किसान कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का इस्तेमाल न करें। गरज-चमक व आंधी के दौरान बाहर जाने से बचें और पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
40 डिग्री तक पहुंचा पारा
हरियाणा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। राज्य के सिरसा में अधिकतम तापमान 39.6 और फरीदाबाद का अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार के मुकाबले हरियाणा के तापमान में 0.8 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौसम विभाग ने बताया कि पंचकूला को छोड़ अन्य सभी जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है।
पूर्वी राज्यों में कम बारिश का खतरा
मानसून के चरम महीने में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी भारत के राज्यों में कम बारिश होने का खतरा है। मौसम के पहले भाग में पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। लेकिन केरल, कोंकण, कर्नाटक और गोवा में सामान्य से अधिक और मध्य हिस्से में सामान्य बारिश होने का अनुमान है।
मजबूत ला नीना से बेहतरी की उम्मीद
स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने बताया कि सुपर अल नीनो से मजबूत ला नीना तक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बदलाव से मानसून की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अल नीनो जाते-जाते मानसून सीजन के प्रारंभिक चरण को प्रभावित कर सकता है और इस दौरान कुछ बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन इसकी भरपाई सीजन के दूसरे भाग में झमाझम बरसात के साथ हो जाएगी।
सितंबर में सबसे अधिक बारिश
स्काईमेट की रिपोर्ट के मुताबिक मासिक पैमाने पर जून में एलपीए का 95 प्रतिशत, जुलाई में 105 प्रतिशत, अगस्त में 98 प्रतिशत और सितंबर में 110 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है।
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अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
चंडीगढ़/नई दिल्ली। हरियाणा में इस बार वैशाखी 40 डिग्री तापमान वाली तपती गर्मी से राहत दे सकती है। 13 अप्रैल से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से हरियाणा में 13 से 15 अप्रैल तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वीरवार व शुक्रवार को राज्य के सभी जिलों में बारिश होगी। दोनों दिन के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 15 अप्रैल को कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। बदले मौसम की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। गर्मी से यह राहत मानसून में भी मिलेगी। इस बार का मानसून सूखा नहीं जाएगा। लगभग पूरे देश में जमकर बदरा बरसेंगे और मानसून सामान्य रहेगा।
मौसम के बारे में पूर्वानुमान बताने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी स्काईमेट ने मंगलवार को कहा कि इस साल जून से सितंबर तक चार महीने के मानसून सीजन में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 102 फीसदी यानी 868.6 मिमी बारिश होगी, जो सामान्य की श्रेणी में है।
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स्काईमेट के मुताबिक, जून से सितंबर के दौरान देश के मध्य और पश्चिमी भागों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में सामान्य और पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। ''''मानसून पूर्वानुमान 2024'''' रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के दक्षिण, पश्चिम और उत्तर पश्चिम क्षेत्रों में अनुकूल वर्षा दर्ज की जाएगी। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे मुख्य मानसून वर्षा आधारित क्षेत्रों में भी पर्याप्त वर्षा होने की उम्मीद है।
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हरियाणा में किसानों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। किसान कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का इस्तेमाल न करें। गरज-चमक व आंधी के दौरान बाहर जाने से बचें और पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
40 डिग्री तक पहुंचा पारा
हरियाणा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। राज्य के सिरसा में अधिकतम तापमान 39.6 और फरीदाबाद का अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार के मुकाबले हरियाणा के तापमान में 0.8 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौसम विभाग ने बताया कि पंचकूला को छोड़ अन्य सभी जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है।
पूर्वी राज्यों में कम बारिश का खतरा
मानसून के चरम महीने में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी भारत के राज्यों में कम बारिश होने का खतरा है। मौसम के पहले भाग में पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। लेकिन केरल, कोंकण, कर्नाटक और गोवा में सामान्य से अधिक और मध्य हिस्से में सामान्य बारिश होने का अनुमान है।
मजबूत ला नीना से बेहतरी की उम्मीद
स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने बताया कि सुपर अल नीनो से मजबूत ला नीना तक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बदलाव से मानसून की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अल नीनो जाते-जाते मानसून सीजन के प्रारंभिक चरण को प्रभावित कर सकता है और इस दौरान कुछ बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन इसकी भरपाई सीजन के दूसरे भाग में झमाझम बरसात के साथ हो जाएगी।
सितंबर में सबसे अधिक बारिश
स्काईमेट की रिपोर्ट के मुताबिक मासिक पैमाने पर जून में एलपीए का 95 प्रतिशत, जुलाई में 105 प्रतिशत, अगस्त में 98 प्रतिशत और सितंबर में 110 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है।