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बाबा रामदेव को लेकर पुलिस को पड़ी फटकार, जान लिजिए मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 02 May 2016 02:15 PM IST
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रामदेव
- फोटो : getty
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विवादित बयान देने के मामले में पुलिस अभी तक बाबा रामदेव के बयान दर्ज नहीं कर पाई है। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए 23 दिन की मोहलत दी। मामले की अगली सुनवाई अब 23 मई को होगी। विवादित बयान के संबंध में तैयार पुलिस की रिपोर्ट में बाबा रामदेव का पक्ष नहीं होने के कारण अदालत ने पुलिस को अगली तारीख दी है।
पुलिस ने कोर्ट में दावा किया है कि आगामी 10 दिनों में बाबा रामदेव पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाएंगे। अब अगली सुनवाई पर पुलिस की जांच रिपोर्ट देखने के बाद अदालत फैसला करेगी कि बाबा रामदेव के खिलाफ केस दर्ज होगा या नहीं। पिछले दिनों रोहतक में आयोजित सद्भावना सम्मलेन में बाबा रामदेव के विवादित बयान देने के मामले में शनिवार को एसीजेएम हरीश गोयल की कोर्ट में सुनवाई हुई।
बाबा रामदेव के विवादित बयान मामले में पुलिस ने पिछले 26 दिनों में शिकायत करने वालों और गवाहों के बयान तो दर्ज किये, लेकिन बाबा रामदेव के बयान दर्ज नहीं कर सकी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पहुंचे डीएसपी ने पुलिस का पक्ष रखते हुए अदालत से कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद बाबा रामदेव से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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पुलिस ने कोर्ट में लिखित में देकर गुहार लगाई कि बाबा रामदेव के बयान दर्ज करने के लिए उन्हें कुछ और समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने पुलिस को 23 दिन का समय दिया है। दूसरी तरफ, मामले में शिकायतकर्ता पूर्व मंत्री सुभाष बतरा का कहना है कि प्रदेश सरकार बाबा रामदेव का बचाव कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भी सरकार के इशारों पर काम कर रही है। इस तरह अदालत को गुमराह किया जा रहा है।
बता दें कि रोहतक की अनाज मंडी में हुए सद्भावना सम्मेलन में बाबा रामदेव ने मंच से कहा था कि अगर कानून नहीं होता तो भारत माता की जय नहीं बोलने वाले एक नहीं, लाखों के सिर कलम कर देते। मामले में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने एसपी को शिकायत देकर बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो वह कोर्ट चले गए।
कोर्ट ने एसपी शशांक आनंद से मामले की जांच करके रिपोर्ट मांगी और 30 अप्रैल तक उसे कोर्ट में पेश करने के लिए कहा था। मामले की जांच में शामिल होने के लिए पूर्व मंत्री को नोटिस जारी करके बुलाया गया था। उनके अलावा अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। लेकिन पुलिस ने इस संबंध में बाबा रामदेव का बयान नहीं दर्ज कर पाई थी।
पुलिस ने बाबा रामदेव का बयान दर्ज करवाने की गुहार लगाते हुए कोर्ट से अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने 23 दिन का समय दिया है। हालांकि पुलिस ने दावा किया कि वह 10 दिन में रामदेव के बयान दर्ज कर लेगी।
- आरसी दलाल, शिकायतकर्ताओं के वकील
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पुलिस ने कोर्ट में दावा किया है कि आगामी 10 दिनों में बाबा रामदेव पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाएंगे। अब अगली सुनवाई पर पुलिस की जांच रिपोर्ट देखने के बाद अदालत फैसला करेगी कि बाबा रामदेव के खिलाफ केस दर्ज होगा या नहीं। पिछले दिनों रोहतक में आयोजित सद्भावना सम्मलेन में बाबा रामदेव के विवादित बयान देने के मामले में शनिवार को एसीजेएम हरीश गोयल की कोर्ट में सुनवाई हुई।
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बाबा रामदेव के विवादित बयान मामले में पुलिस ने पिछले 26 दिनों में शिकायत करने वालों और गवाहों के बयान तो दर्ज किये, लेकिन बाबा रामदेव के बयान दर्ज नहीं कर सकी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पहुंचे डीएसपी ने पुलिस का पक्ष रखते हुए अदालत से कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद बाबा रामदेव से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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पुलिस ने कोर्ट में लिखित में देकर गुहार लगाई कि बाबा रामदेव के बयान दर्ज करने के लिए उन्हें कुछ और समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने पुलिस को 23 दिन का समय दिया है। दूसरी तरफ, मामले में शिकायतकर्ता पूर्व मंत्री सुभाष बतरा का कहना है कि प्रदेश सरकार बाबा रामदेव का बचाव कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भी सरकार के इशारों पर काम कर रही है। इस तरह अदालत को गुमराह किया जा रहा है।
बता दें कि रोहतक की अनाज मंडी में हुए सद्भावना सम्मेलन में बाबा रामदेव ने मंच से कहा था कि अगर कानून नहीं होता तो भारत माता की जय नहीं बोलने वाले एक नहीं, लाखों के सिर कलम कर देते। मामले में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने एसपी को शिकायत देकर बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो वह कोर्ट चले गए।
कोर्ट ने एसपी शशांक आनंद से मामले की जांच करके रिपोर्ट मांगी और 30 अप्रैल तक उसे कोर्ट में पेश करने के लिए कहा था। मामले की जांच में शामिल होने के लिए पूर्व मंत्री को नोटिस जारी करके बुलाया गया था। उनके अलावा अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। लेकिन पुलिस ने इस संबंध में बाबा रामदेव का बयान नहीं दर्ज कर पाई थी।
पुलिस ने बाबा रामदेव का बयान दर्ज करवाने की गुहार लगाते हुए कोर्ट से अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने 23 दिन का समय दिया है। हालांकि पुलिस ने दावा किया कि वह 10 दिन में रामदेव के बयान दर्ज कर लेगी।
- आरसी दलाल, शिकायतकर्ताओं के वकील