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Hindi News ›   Chandigarh ›   Awaise Sheikh about Sarabjit Releasing from Pakistan

'माफ कीजिए, सरबजीत को जिंदा वापस नहीं ला पाया'

Sat, 05 Jul 2014 10:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 05 Jul 2014 10:30 AM IST
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Awaise Sheikh about Sarabjit Releasing from Pakistan

सरबजीत से जब आखिरी बार जेल में मिला था तो वह काफी डरा हुआ था। उसने लिखित में जेल के सुपरवाइजर से शिकायत की थी की उसकी जान को खतरा है। अगली सुबह जब उठा तो पाया की उसे उसके साथ रहने वाले कैदियों ने मार डाला।

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दिल से माफी चाहता हूं की सरबजीत को जिंदा वापिस नहीं ला पाया। पाकिस्तानी जेल में जासूसी के आरोप में कैद सरबजीत सिंह के बारे में यह बात कही ओवैस शेख ने।
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ओवैस पाकिस्तान में सरबजीत के वकील रहे हैं और आजकल पाकिस्तान में जान के जोखिम के डर से वह स्वीडन में रहे हैं। शुक्रवार को आवेश शहर के केबीडीएवी स्कूल-7 में अपनी किताब में जुड़े दो नए चैप्टर के बारे में बताने आए।
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भारत-पाक में चाहते थे शांति हो

Awaise Sheikh about Sarabjit Releasing from Pakistan

शेख ने कहा कि वह शुरू से ही पाकिस्तान और भारत में शांति चाहते आए है, इसलिए वह चाहते थे कि सरबजीत सिंह का केस लड़े।

उन्होंने कहा कि अपनी नई किताब समझौता एक्सप्रेस (पहले से प्रकाशित) में उन्होंने अपनी जिंदगी की यात्रा से जुड़े दो नए चैप्टर जोड़े हैं, जिसमें उन्हें सरबजीत सिंह के केस के बाद अपहरण करने की साजिश और आतंकवादियों से हमले के डर के कारण पाकिस्तान छोड़ स्वीडन जाने की बात का जिक्र किया है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान में बंद उन कुछ लोगों के बारे में बताया है जिसका केस लड़ने के लिए उन्हें खत आएं।

कई बार मिली जान से मारने की धमकी

Awaise Sheikh about Sarabjit Releasing from Pakistan

उन्होंने कहा कि उनके पास एक ऐसा केस भी आया जिसमें 1971 के भारत पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान में कैद भारतीय कैदी है जो अभी भी पाकिस्तान की जैल में कैद है। उन्होंने कहा कि वह उससे मिले भी और उनकी पुरानी फोटो भी दिखाईं।

इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान में कैद सुरजीत सिंह, सतीश कौर सिंह, करकरे भाव दास और कुलदीप सिंह का भी जिक्र किताब में किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस किताब में वह तमाम खत हैं जो उन्हें आतंकवादी गुटों से मिले थे, जिसमें उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी है।

यह किताब वह 9 जुलाई को दिल्ली में लॉन्च करेंगे। इस मौके पर पूर्व सांसद पवन बंसल भी शामिल हुए और उन्होंने कहा कि  वह ओवैस के भारत पाक के बीच में शांति कायम करने के लिए एक अच्छी दिशा में बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले वह कभी ओवैस से नहीं मिले, लेकिन सरबजीत के परिवार से इनके बारे में बहुत कुछ सुना।

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