फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Auto Rickshaw Drivers Charginh Arbitrary rent in Chandigarh

मुसीबतः सख्ती के बाद ऑटो चालक वसूल रहे मनमाना किराया, लोग बोले- हमें भी नुकसान हुआ

Mon, 03 Feb 2020 10:24 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 03 Feb 2020 10:24 AM IST
विज्ञापन
Auto Rickshaw Drivers Charginh Arbitrary rent in Chandigarh
ऑटो रिक्शा - फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से शिकंजा कसने के बाद न केवल ऑटो चालकों का नुकसान हुआ, बल्कि लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्योंकि ऑटो चालकों ने किराया बढ़ा दिया है। लोगों से ऑटो चालक 50 प्रतिशत तक तय किराए से अधिक की वसूली कर रहे हैं। इससे आए दिन ऑटो चालकों के साथ लोगों की नोकझोंक हो रही है, जो कहीं-कहीं मारपीट तक पहुंच रही है।
विज्ञापन


शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने बिना परमिट के शहर में चल रहे ऑटो पर शिकंजा कस रही है। जिन ऑटो चालकों के पास परमिट नहीं है उन्हें पुलिस जब्त कर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई का असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन


पुलिस की कार्रवाई के विरोध में चंडीगढ़ में ऑटो चलाने वालों ने मनमाने तरीके से 50 प्रतिशत तक किराया बढ़ा दिया है। जिस स्थान तक पहुंचने के लिए लोग 10 रुपये चुकाते थे अब उनसे 20 रुपये वसूला जा रहा है। किराए को लेकर लोगों के साथ ऑटो चालक नोकझोंक तक कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नयागांव निवासी बालम सिंह ने बताया कि वह प्रतिदिन पीजीआई आते हैं। यहां तक आने के लिए वह 10 रुपये देते थे, लेकिन अब ऑटो चालक उनसे 20 रुपये वसूल रहे हैं। किराए को लेकर जब इस विषय में चालकों से पूछताछ की तो वह नोकझोंक करने लगते हैं। कई बार इस दौरान मारपीट तक की नौबत आ रही है।

पुलिस की सख्ती से थमे ऑटो के पहिए

पुलिस की सख्ती से बिना परमिट के चलने वाले ऑटो के पहिए थम गए हैं। संचालकों ने महंगे चालान से बचने के लिए अपने-अपने ऑटो को शहर की पार्किंग में खड़ा कर दिया है। जहां ऑटो चालक दिनभर बैठकर टाइम पास करने के लिए ताश या क्रिकेट खेल रहे हैं। वहीं रात को फिर से यह अपना ऑटो सड़कों पर चलाना शुरू कर देते हैं।

कैब कंपनियों ने भी बढ़ाए दाम
कैब और बाइक सर्विस उपलब्ध कराने वाली प्राइवेट कंपनियों ने भी लोगों की जेब काटनी शुरू कर दी है। शहर में यातायात दबाव को समझते हुए कंपनियों ने कैब और बाइक राइड में 5 से 25 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। ऐसे में सिटी ब्यूटीफुल के लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी तय करती है किराया
चंडीगढ़ में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी किराया तय करती है। ऑटो का किराया और बैठने वाली सवारियों की संख्या तय करना एसटीए का काम है, लेकिन एसटीए की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed