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खुशखबरीः ऑस्ट्रेलिया ने भी शुरू किया स्टडी वीजा देना, फ्लाइट शुरू होते ही दिया आने का निमंत्रण
Wed, 29 Jul 2020 12:41 PM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 29 Jul 2020 12:41 PM IST
सार
- यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन सेशन भी शुरू
- 25 फीसदी स्कॉलरशिप भी दी जाएगी
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
कोरोना महामारी काल के बीच ऑस्ट्रेलिया ने अपनी विदेशी स्टडी इंडस्ट्री को प्रमोट और मजबूत करना शुरू कर दिया है। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन करने वालों को वीजा जारी करने शुरू कर दिए हैं। विद्यार्थियों को हिदायत दी गई है कि वह फ्लाइट शुरू होते ही ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाए। नियमानुसार उनको यूनिवर्सिटी ही क्वारंटीन करेगी।
इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए भारतीय छात्रों को सुविधा दी है कि वह सितंबर वाला सेशन ऑनलाइन लगा सकते हैं। वह सितंबर का सेमेस्टर ऑनलाइन भारत से करते हैं तो 25 फीसदी स्कॉलरशिप भी मिलेगी और वर्क वीजा व पीआर में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
ऑस्ट्रेलिया पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में पिछले दो साल से भारी बढ़ोतरी हुई है। साल 2018 के दौरान ऑस्ट्रेलिया के शैक्षिक संस्थानों में एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों ने दाखिला लिया है। भारतीय छात्रों के कुल अंतरराष्ट्रीय दाखिले का यह 12.4 फीसदी है। 2019 के दाखिलों में 25 फीसदी इजाफा हुआ है।
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इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए भारतीय छात्रों को सुविधा दी है कि वह सितंबर वाला सेशन ऑनलाइन लगा सकते हैं। वह सितंबर का सेमेस्टर ऑनलाइन भारत से करते हैं तो 25 फीसदी स्कॉलरशिप भी मिलेगी और वर्क वीजा व पीआर में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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ऑस्ट्रेलिया पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में पिछले दो साल से भारी बढ़ोतरी हुई है। साल 2018 के दौरान ऑस्ट्रेलिया के शैक्षिक संस्थानों में एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों ने दाखिला लिया है। भारतीय छात्रों के कुल अंतरराष्ट्रीय दाखिले का यह 12.4 फीसदी है। 2019 के दाखिलों में 25 फीसदी इजाफा हुआ है।
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ऑस्ट्रेलिया का बढ़ रहा रुझान
ऑस्ट्रेलिया ने एडिशनल टेंपेरेरी ग्रेजुएट वीजा की घोषणा की थी। इसमें किसी रजिस्टर्ड यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय कैंपस से ग्रेजुएशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के बाद ऑस्ट्रेलिया में एक साल अतिरिक्त काम का अधिकार मिलता है। मौजूदा समय में जो नियम है उसके मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में बैचलर या मास्टर डिग्री तक की पढ़ाई करने वाले छात्रों को पढ़ाई के बाद 2 साल तक काम के लिए वीजा मिलता है।
नए नियम में अब उनको तीन साल मिलेंगे। पिछले साल 20 मार्च को जारी एक अलग रिलीज में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने एक नई स्कॉलरशिप स्कीम की घोषणा थी। यह स्कीम ऑस्ट्रेलिया के अन्य क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलियाई और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए थी। हर साल स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को करीब 15,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 7 लाख रुपये) मिलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया में नियम, कायदे संख्त लेकिन छात्रों को आमदनी भी अच्छी
ऑस्ट्रेलिया की स्टडी वीजा के माहिर सुकांत का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में तमाम यूनिवर्सिटी सरकारी हैं और वहां पर इनके नियम कायदे काफी सख्त हैं। विद्यार्थियों को फीस का कोई खतरा नहीं है। ऑस्ट्रेलिया ने तेजी से अपना वर्क शुरू कर दिया है और दाखिले दिए जा रहे हैं। स्ट्डेंट्स वीजा लेने के बाद इस साल नहीं जा पाते तो उनकी फीस अगले साल में एडजस्ट हो जाएगी।
नए नियम में अब उनको तीन साल मिलेंगे। पिछले साल 20 मार्च को जारी एक अलग रिलीज में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने एक नई स्कॉलरशिप स्कीम की घोषणा थी। यह स्कीम ऑस्ट्रेलिया के अन्य क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलियाई और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए थी। हर साल स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को करीब 15,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 7 लाख रुपये) मिलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया में नियम, कायदे संख्त लेकिन छात्रों को आमदनी भी अच्छी
ऑस्ट्रेलिया की स्टडी वीजा के माहिर सुकांत का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में तमाम यूनिवर्सिटी सरकारी हैं और वहां पर इनके नियम कायदे काफी सख्त हैं। विद्यार्थियों को फीस का कोई खतरा नहीं है। ऑस्ट्रेलिया ने तेजी से अपना वर्क शुरू कर दिया है और दाखिले दिए जा रहे हैं। स्ट्डेंट्स वीजा लेने के बाद इस साल नहीं जा पाते तो उनकी फीस अगले साल में एडजस्ट हो जाएगी।