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शराब के ठेकों की नीलामी: UT में 11 करोड़ 65 लाख में बिका सबसे महंगा ठेका, कुल 43 ठेके हुए सेल

Wed, 15 Mar 2023 04:13 PM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 15 Mar 2023 04:13 PM IST
सार

यूटी प्रशासन का आबकारी व कराधान विभाग ने इस बार कुल 43 ठेके ही बेचे हैं। इनका आरक्षित मूल्य 202 करोड़ 33 लाख रहा। आबकारी ने नीलामी कर 221 करोड़ 60 लाख कमाए हैं।

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Auction of liquor Shops Most expensive shop sold in UT for 11 crore 65 lakhs
Liquor and beer worth Rs 113 crore sold on Holi in Rajasthan - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन को पंजाब की आबकारी नीति का नुकसान झेलना पड़ रहा है। बुधवार को शहर के 95 ठेकों के लिए की गई नीलामी में प्रशासन का आबकारी व कराधान विभाग 43 ठेकों को ही नीलाम करने में सफल हो पाया है। अन्य के लिए किसी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई। इस बार पलसौरा ठेका सबसे महंगे में नीलाम हुआ। इसका आरक्षित मूल्य 9.60 करोड़ रुपये था जिसे 11.65 करोड़ रुपये में कलेर वाइन्स ने खरीदा। हैरानी की बात है कि पिछले कई वर्षों से सबसे महंगे बिक रहे धनास के ठेके को किसी ने खरीदा ही नहीं।

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आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति 2023-24 के तहत एक साल के लिए एक अप्रैल से इन ठेकों का आवंटन किया है। सेक्टर-24 के पार्क व्यू होटल में नीलामी का आयोजन किया गया था, जिसमें शराब के सभी बड़े ठेकेदार समेत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। विभाग ने कुल 43 शराब के ठेके आवंटित कर कुल 221.60 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि इनका आरक्षित मूल्य 202.35 करोड़ रुपये था।
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आबकारी विभाग का दावा है कि इससे राजस्व में कुल 9.5 फीसदी का इजाफा हुआ है। जो 43 शराब के ठेके बिके हैं, उनके लिए 62 ठेकेदारों ने बोली लगाई थी। पिछले साल पहली ही बार में आबकारी विभाग ने 96 में से 72 शराब के ठेके बेचने में कामयाब रहा था। नई आबकारी नीति के तहत एक ठेकेदार अपने नाम से 10 ठेके ले सकता है। सेक्टर-24 में हुई नीलामी के दौरान आईएएस अनीशा श्रीवास्तव, एसडीएम नवीन और सिटको के सीजीएम हरजीत सिंह संधू मौजूद रहे।
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पलसौरा के बाद सेक्टर-61 का ठेका रहा सबसे महंगा
पलसौरा के बाद सेक्टर-61 का ठेका सबसे महंगे दाम पर बिका। इसका आरक्षित मूल्य 9.52 करोड़ रुपये तय था और नीलामी 9.55 करोड़ रुपये में हुई। यह दोनों शराब के ठेके मोहाली बॉर्डर के पास हैं। सेक्टर-48 मोटर मार्केट का शराब का ठेका 8.95 करोड़, सेक्टर-9 मध्य मार्ग पर स्थित शराब का ठेका 8.15 करोड़ और गांव दड़वा का शराब का ठेका 7.95 करोड़ रुपये में बिका है। नीलामी में कलेर वाइन्स कंपनी ने तीन ठेके लिए जबकि गर्ग वाइन्स और मोनारक वाइन्स ने दो-दो ठेके खरीदे। जिन 43 ठेकों की नीलामी नहीं हुई उनमें से 27 ठेके ऐसे थे जिनके लिए केवल एक ही बोली आई थी।


पंजाब में भी चल रही ठेकों के आवंटन व नवीनीकरण की प्रक्रिया
ऐसा पहली बार हुआ है जब 50 फीसदी से अधिक शराब के ठेके पहली नीलामी में नहीं बिके। यूटी प्रशासन का दावा है कि पंजाब की आबकारी नीति के कारण ऐसा हुआ है, क्योंकि वहां पर वैट और एक्साइज ड्यूटी चंडीगढ़ के मुकाबले में कम है, जिस कारण चंडीगढ़ में ठेके कम बिके हैं। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब में भी इन्हीं दिनों शराब के ठेकों के नवीनीकरण व आवंटन की प्रक्रिया चल रही है, जिसकी वजह से शहर के कई ठेकेदार पंजाब में व्यस्त हैं और वो चंडीगढ़ की नीलामी में हिस्सा नहीं ले पाए। प्रशासन के अनुसार अब जो चंडीगढ़ के शराब के बचे हुए ठेके हैं, उन्हें दोबारा नीलाम किया जाएगा।

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