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Chandigarh News: अथाले ने गायन की प्रस्तुति से बांधा समा, बांसुरी वादक बहनों की जुगलबंदी देख श्रोता मंत्रमुग्ध
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चंडीगढ़। सेक्टर-26 स्थित स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल के ऑडिटोरियम में शुक्रवार की शाम को कलाकारों ने खूब समा बांधां। तीन दिवसीय 45वें वार्षिक चंडीगढ़ संगीत सम्मेलन के पहले दिन हिंदुस्तानी संगीत गायिका विदुषी चिन्मयी अथाले ने मधुर गायन की प्रस्तुति दी। वहीं बांसुरी वादक बहनों देबोप्रिया और सुचिस्मिता ने बांसुरी की कर्णप्रिय लहरियों से श्रोताओं मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन नेशनल थियेटर की ओर से और दुर्गा दास फाउंडेशन के सहयोग से किया गया है। बता दें कि इस वर्ष का यह संगीत सम्मेलन इंडियन थियेटर के संरक्षक स्वर्गीय एन खोसला की याद में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम से पूर्व इंडियन नेशनल थियेटर के अध्यक्ष अनिल नेहरू ने खोसला को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दो मिनट का मौन रखा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली विद्यार्थियों ने सामूहिक सरस्वती वंदना के साथ की। उसके बाद चिन्मयी अथले ने गायन की शुरुआत राग मधुवंती में निबद्ध विलंबित एक ताल की बंदिश ए मां तू अंबिके अक्षरे त्रियंबके से की। उनके साथ तबले पर जयदेव तथा हारमोनियम पर विनय मिश्रा ने बखूबी संगत की।
दूसरी ओर बांसुरी वादक बहनों देबोप्रिया और सुचिस्मिता ने राग मारु बिहाग से शुरुआत की। इसमें आलाप, जोड़ और झाला की प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर अविर्भव वर्मा ने बखूबी संगत की।
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कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली विद्यार्थियों ने सामूहिक सरस्वती वंदना के साथ की। उसके बाद चिन्मयी अथले ने गायन की शुरुआत राग मधुवंती में निबद्ध विलंबित एक ताल की बंदिश ए मां तू अंबिके अक्षरे त्रियंबके से की। उनके साथ तबले पर जयदेव तथा हारमोनियम पर विनय मिश्रा ने बखूबी संगत की।
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दूसरी ओर बांसुरी वादक बहनों देबोप्रिया और सुचिस्मिता ने राग मारु बिहाग से शुरुआत की। इसमें आलाप, जोड़ और झाला की प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर अविर्भव वर्मा ने बखूबी संगत की।
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