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बीमारी से छतबीड़ जू में एशियाई शेर की मौत

Mon, 22 Sep 2014 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 22 Sep 2014 10:55 AM IST
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Asiatic Lion Deat in Chhatbir Zoo due to Illness

नई दिल्ली की चिड़िया घर से ब्रीडिंग के लिए लाए गए शेर की मौत की वजह पुरानी बीमारी बताई गई है। पोस्टमार्टम में शेर के फेफड़ों में पुरानी गांठ या संक्रमण की संभावना जताई गई है। छतबीड़ चिड़िया घर में इस शेर की मौत शनिवार को हुई थी। 17 सितंबर को उसे सफारी से कीपिंग हाउस में लाने के लिए बेहोश किया गया था।

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छतबीड़ जू प्रबंधन के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया है कि उसे लंग पल्मनरी क्रोनिक बीमारी थी। वह छतबीड़ आने के बाद कभी बीमार नहीं पड़ा और न ही ऐसे लक्षण दिखे, जिससे फेफड़ों की यह बीमारी सामने आती। छतबीड़ जू में अभय पिछले सात दिन से बाहर था।
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ऐसा इस लायन के साथ पहली बार नहीं हुआ था बल्कि पहले भी यह तीन से चार दिन तक सफारी में ही रहता था और रात को खुद शिकार करता था। अभय को नौ सितंबर 2014 को हाउस से रिलीज किया गया। जू प्रबंधन के अनुसार अभय को सफारी में रहने की आदत नहीं थी।
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सफारी में बर्ड हैं जिनको वह शिकार करके खा जाता था और पौंड में पानी पी लेता था। अबकी बार जब वह सफारी में गया तो सात दिन से ज्यादा समय से अंदर नहीं आया। वह इस बीच में आंख मिचौली भी खेला, हाउस तक आया और चला गया।

छतबीड़ में उसको मीट डाला गया और मेडिकेटेड पानी दिया गया तो पानी पी लिया लेकिन मीट नहीं खाया। जू स्टाफ को इसके बाद निर्देश दिए गए कि उसको हाउस में लाएं। ट्रेंकुलाइज करके उसको 17 सितंबर को भीतर लाया गया। वह जैसे ही भीतर आया उठकर खड़ा हो गया। लेकिन 19 को उसकी हालत खराब हो गई।

उसको ड्रिप लगाई गई और बेसिक मेडिसिन दी गई। वीरवार, शुक्रवार को वह एक्टिव रहा। उसको चेक करवाने के लिए लुधियाना अंगद देव वेटेनरी यूनिवर्सिटी की टीम भी आई। शुक्रवार को रिकमंडेशन पर ट्रीटमेंट होता रहा। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे उसकी मौत हो गई।


यहां भेजे गए हैं सैंपल

अभय के टिश्यू के सैंपल गुरु अंगद देव वेटेनरी यूनिवर्सिटी, लुधियाना, इंडियन वेटेरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया में भेजे गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि अभय की बीमारी कैसे जन्मी। कहीं यह संक्रमणतो नहीं है। इससे अभय और हैली के चार शावकों पर ध्यान दिया जाएगा।

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