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रिश्वतखोरी में गिरफ्तार एएसआई हरभजन निलंबित
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चंडीगढ़। एयरफोर्स कर्मी से रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए एएसआई हरभजन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। रिश्वतखोरी में पकड़े जाने के बाद पुलिस विभाग ने मंगलवार को उसके खिलाफ कार्रवाई की। उधर, सीबीआई की पूछताछ में हरभजन ने बताया कि उसने शिकायतकर्ता से लिए पहली किस्त के तीन हजार रुपयों के साथ सात हजार अपनी जेब से मिलाकर थाना प्रभारी को कुल दस हजार दिए थे।
हरभजन के आरोप के बाद अब सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि वह सच बोल रहा है या झूठ। उधर, मामले में थाना प्रभारी राजीव कुमार का कहना है कि उन्हें तो इसके बारे पता ही नहीं। हरभजन के आरोप बेबुनियाद हैं। इसके अलावा लोन एजेंसी की कोई शिकायत थाने में नहीं आई है। वहीं सीबीआई ने हरभजन को मंगलवार को जिला अदालत में पेश कर थाना प्रभारी की भूमिका की जांच के लिए आरोपी हरभजन का दो दिन का रिमांड मांगा, जहां अदालत ने उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया।
वहीं दूसरी तरफ अब तक की जांच में मामले में न तो एएसआई से रिश्वत संबंधी थाना प्रभारी से बातचीत की कोई रिकॉर्डिंग सामने आई है और न ही उनकी को कोई भूमिका सामने आई है। दूसरी तरफ, सेक्टर-34 थाना पुलिस ने एएसआई हरभजन की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी थी, जांच के बाद एसएसपी कुलदीप सिंह चहल के निर्देश पर उसे निलंबित कर दिया गया है।
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बता दें कि लालडू के रहने वाले धर्मपाल ने 13 फरवरी को सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि मई 2018 में बेटे की शादी के लिए सेक्टर-32 स्थित एक निजी फाइनेंस एजेंसी से पांच प्रतिशत ब्याज पर 3.20 लाख रुपये का कर्ज लिया था। प्रति माह 16 हजार रुपये किस्त देनी थी। अक्तूबर 2020 तक वह 4.64 लाख रुपये दे चुके थे। नवंबर 2020 में हरभजन सिंह ने फोन कर कहा कि उनके खिलाफ शिकायत आई कि वह लोन के किस्तें नहीं दे रहे। आरोप था कि एएसआई मामला दर्ज करने की धमकी देकर 20 हजार रुपये थाना प्रभारी और 50 हजार रुपये एजेंसी को देने के लिए रिश्वत की मांग की। इसके बाद एएसआई ने पहले तीन हजार रुपये ले लिया और सोमवार को दस हजार रुपये लेने सेक्टर-32 स्थित निर्माण सिनेमा के पास पहुंचा तो सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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हरभजन के आरोप के बाद अब सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि वह सच बोल रहा है या झूठ। उधर, मामले में थाना प्रभारी राजीव कुमार का कहना है कि उन्हें तो इसके बारे पता ही नहीं। हरभजन के आरोप बेबुनियाद हैं। इसके अलावा लोन एजेंसी की कोई शिकायत थाने में नहीं आई है। वहीं सीबीआई ने हरभजन को मंगलवार को जिला अदालत में पेश कर थाना प्रभारी की भूमिका की जांच के लिए आरोपी हरभजन का दो दिन का रिमांड मांगा, जहां अदालत ने उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया।
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वहीं दूसरी तरफ अब तक की जांच में मामले में न तो एएसआई से रिश्वत संबंधी थाना प्रभारी से बातचीत की कोई रिकॉर्डिंग सामने आई है और न ही उनकी को कोई भूमिका सामने आई है। दूसरी तरफ, सेक्टर-34 थाना पुलिस ने एएसआई हरभजन की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी थी, जांच के बाद एसएसपी कुलदीप सिंह चहल के निर्देश पर उसे निलंबित कर दिया गया है।
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बता दें कि लालडू के रहने वाले धर्मपाल ने 13 फरवरी को सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि मई 2018 में बेटे की शादी के लिए सेक्टर-32 स्थित एक निजी फाइनेंस एजेंसी से पांच प्रतिशत ब्याज पर 3.20 लाख रुपये का कर्ज लिया था। प्रति माह 16 हजार रुपये किस्त देनी थी। अक्तूबर 2020 तक वह 4.64 लाख रुपये दे चुके थे। नवंबर 2020 में हरभजन सिंह ने फोन कर कहा कि उनके खिलाफ शिकायत आई कि वह लोन के किस्तें नहीं दे रहे। आरोप था कि एएसआई मामला दर्ज करने की धमकी देकर 20 हजार रुपये थाना प्रभारी और 50 हजार रुपये एजेंसी को देने के लिए रिश्वत की मांग की। इसके बाद एएसआई ने पहले तीन हजार रुपये ले लिया और सोमवार को दस हजार रुपये लेने सेक्टर-32 स्थित निर्माण सिनेमा के पास पहुंचा तो सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।