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आशुतोष महाराज केस में हाईकोर्ट के कड़े तेवर, संस्थान पर ठोका जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 17 Dec 2016 02:32 PM IST
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आशुतोष महाराज
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज के केस में हाईकोर्ट ने फिर कड़े तेवर दिखाए और संस्थान पर जुर्माना ठोक दिया। संस्थान ने मामले में बहस के लिए और समय दिए जाने की अपील की तो हाईकोर्ट ने दो लाख रुपये जुर्माना लगा दिया।
मामले की अगली सुनवाई अब 16 जनवरी को होगी। गौरतलब है कि संस्थान ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से 14 दिसंबर को आशुतोष महाराज के शव को लेकर बहस के लिए समय मांगा था, जिस पर हाईकोर्ट ने संस्थान को आज 17 दिसंबर तक का समय दिया था।
मगर आज संस्थान के वकील ने हाईकोर्ट में पेश होकर फिर से बहस के लिए समय मांगा। जिस पर हाईकोर्ट ने लताड़ लगाते हुए संस्थान पर 2 लाख रुपए की कोस्ट डाल दी।
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मामले की अगली सुनवाई अब 16 जनवरी को होगी। गौरतलब है कि संस्थान ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से 14 दिसंबर को आशुतोष महाराज के शव को लेकर बहस के लिए समय मांगा था, जिस पर हाईकोर्ट ने संस्थान को आज 17 दिसंबर तक का समय दिया था।
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मगर आज संस्थान के वकील ने हाईकोर्ट में पेश होकर फिर से बहस के लिए समय मांगा। जिस पर हाईकोर्ट ने लताड़ लगाते हुए संस्थान पर 2 लाख रुपए की कोस्ट डाल दी।
ये है मामला
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आशुतोष महाराज
- फोटो : फाइल फोटो
पंजाब में जालंधर स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब महाराज के शरीर को समाधि में बताया गया था। मामले में एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर खुद को उनका ड्राइवर बताया और जांच करने की अपील की थी।
आरोप लगाया गया था कि आशुतोष महाराज की प्रॉपर्टी के लिए उनकी हत्या किए जाने की संभावना है। ऐसे में उनके शरीर का पोस्टमार्टम करवाया जाए। इसके बाद डॉक्टर्स की टीम ने शरीर को एग्जामिन किया और आशुतोष महाराज को क्लीनिकली डेड करार दिया।
फिर खुद को आशुतोष महाराज का पुत्र बताने वाले दलीप कुमार झा सामने आए। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पिता का अंतिम संस्कार करने की अनुमति मांगी। इस दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से कहा गया था कि आशुतोष महाराज समाधि में हैं और कभी भी लौट सकते हैं।
आरोप लगाया गया था कि आशुतोष महाराज की प्रॉपर्टी के लिए उनकी हत्या किए जाने की संभावना है। ऐसे में उनके शरीर का पोस्टमार्टम करवाया जाए। इसके बाद डॉक्टर्स की टीम ने शरीर को एग्जामिन किया और आशुतोष महाराज को क्लीनिकली डेड करार दिया।
फिर खुद को आशुतोष महाराज का पुत्र बताने वाले दलीप कुमार झा सामने आए। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पिता का अंतिम संस्कार करने की अनुमति मांगी। इस दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से कहा गया था कि आशुतोष महाराज समाधि में हैं और कभी भी लौट सकते हैं।