अशोक तंवर बोले-कांग्रेसी ही कांग्रेस को खत्म कर रहे, पैसे और ब्लैकमेलिंग की रणनीति कर रही काम
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मौजूदा समय में कांग्रेस राजनीतिक विरोधियों की वजह से नहीं, बल्कि खुद कांग्रेसियों की वजह से अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। जमीन से उठे और किसी बड़े परिवार से ताल्लुक न रखने वाले मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
पार्टी में पैसे, ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने की रणनीति काम कर रही है। ये कहना कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर का। वे बुधवार को यमुनानगर में अपने समर्थक एडवोकेट अजयपाल प्रीतम के सेक्टर-18 स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन लोगों को भी विधानसभा टिकट थमा दी, जिनके पास कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता भी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले अच्छे उम्मीदवारों को समर्थन किया जाएगा। इसके लिए वे जल्द ही प्रत्येक सीट के पसंदीदा उम्मीदवार की लिस्ट तैयार कर लेंगे। इसमें पार्टी का नाम नहीं बल्कि उम्मीदवार का चयन किया जाएगा, जो निर्दलीय भी हो सकता है।
तंवर ने कहा कि इस वक्त कांग्रेस की हालत खराब है। उनके पार्टी से जाने के बाद अभी तक 42 नेता कांग्रेस को अलविदा कह चुके है। उन्होंने कहा कि मैं अनुशासित सिपाही था, लेकिन हालात ने मुझे बागी बना दिया। कांग्रेस की संजीवनी बूटी चोरों के हाथ में चली गई है, जिससे पार्टी का भला नहीं होगा। जेजेपी या अन्य पार्टी में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जेजेपी अभी नई पार्टी है।
मैं अभी किसी पार्टी में नहीं जा रहा और ना ही नई पार्टी बना रहा। उन्होंने कहा कि पार्टियां असली मुद्दों से वोटरों को भटकाने के लिए नए नए मुद्दे बना रही है। मेरी लोगों से अपील है कि वे वोट का सदुपयोग करें और योग्य उम्मीदवार को ही वोट करें।
यहां उन्होंने अपने समर्थकों की मीटिंग लेकर विचार विमर्श भी किया। इससे पहले वे जगाधरी अनाजमंडी के गेट पर 13 दिन से चल रहे अंबेडकर युवा मंच के धरने पर भी पहुंचे और युवाओं को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने रविदास मंदिर को गिराया है। जिससे पूरे समाज की भावना आहत हुई है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। इस मौके पर अजयपाल प्रीतम, भूपेंद्र राणा, असलम खेड़ी, सुनील कटारिया, बलविंद्र, मशरूफ अली, बलजीत पासी, सुरेश कांहड़ी आदि मौजूद रहे।