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हरियाणा फतेह में जुटी 'आप', केजरी ने दिया जीत का मूलमंत्र

Mon, 31 Aug 2015 02:49 PM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 31 Aug 2015 02:49 PM IST
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arvind kejriwal aam admi party strategy for haryana politics

हरियाणा में राजनीति की चौसर बिछनी शुरू हो गई है। इस चौसर में इस बार आप के भी मोहरे होंगे, जो रणनीति बनाने में अभी से जुट गए हैं। अरविंद केजरीवाल ने भी नवीन जयहिंद को जीत का मूलमंत्र दे दिया है।  इसी मूलमंत्र के आधार पर केजरीवाल ने दिल्ली फतेह की थी।

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दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के मैदान में उतरने से हरियाणा में इस बार त्रिकोणीय मुकाबले के आसार नजर आ रहे हैं। आप ने अगस्त के आरंभ में ऐलान किया था कि पार्टी न केवल विधानसभा स्तर तक संगठन बनाएगी, बल्कि भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष की भूमिका भी निभाएगी।
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प्रदेश में आप के मुख्य नेता नवीन जयहिंद का कहना है कि संगठन का ऐलान करने के साथ ही राज्य भर में आप भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी। प्रदेश में विपक्ष नाम की कोई चीज नहीं है, क्योंकि कांग्रेस का अब कोई अस्तित्व नहीं रहा । वहीं इनेलो के नेताओं का अता-पता नहीं है।
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संगठन का ऐलान होने के बाद पार्टी पंचायत चुनाव और जिला परिषद चुनाव में भी उतरेगी, इस बारे में अभी फैसला नहीं लिया गया है। फिलहाल यही तय है कि इन चुनावों में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जागरूकता अभियान चलाएंगे और लोगों से अच्छे प्रतिनिधि चुनने की अपील करेंगे।

पार्टी को संगठित करने में जुटे नवीन जयहिंद

arvind kejriwal aam admi party strategy for haryana politics

जोन स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में मौजूद नवीन जयहिंद ने बताया कि पार्टी ने जिला स्तर पर 21-21 सदस्यीय टीमों के गठन का फैसला लिया है, जो अपने हलकों में कार्यकर्ताओं के सहयोग से आम लोगों को पार्टी के साथ जोड़ेंगी। साथ ही उन्हें प्रदेश की भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के प्रति भी जागरूक करेंगी।

पार्टी गांव-कस्बा स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेगी। इसी सिलसिले में उन्होंने जोन स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में पार्टी की भावी रणनीति पर चर्चा की गई है। नवीन जयहिंद ने कहा कि हरियाणा में पार्टी संगठन के ऐलान के साथ ही एक बड़े आंदोलन का ऐलान होगा।

उन्होंने संकेत दिया कि भले ही संगठन के ऐलान में उन्हें कुछ देर हो जाए, पर वह राज्य के अन्य विपक्षी दलों की तरह दिखावे के आंदोलन नहीं करेंगे। उम्मीद जताई कि आप मजबूत विपक्ष की तरह सामने आएगी। वे भाजपा सरकार से उसके किए वादों का गिन-गिनकर हिसाब मांगेगी।

केजरीवाल ने जयहिंद को दिया जीत का मूलमंत्र

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हालांकि सूबे में चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के हरियाणा इकाई के मुख्य नेता नवीन जयहिंद को यहां सक्रिय होने का मंत्र दे दिया है। जिस होमवर्क के बाद दिल्ली में आप का दोबारा उदय हुआ, वह मंत्र उन्होंने जयहिंद को भी दे दिया है।

लिहाजा जयहिंद ने गांव की चौपालों पर हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ ही राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। हरियाणा की भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर रहे जयहिंद गांव की चौपालों से सरकार की ग्राउंड रिपोर्ट एकत्र कर रहे हैं। अक्तूबर से पहले पार्टी कीहरियाणा में संगठन खड़ा करने की मंशा है। इसे लेकर वॉलेंटियर्स के फार्म भरवाए जा रहे हैं।

योगेंद्र यादव को अलग करने के बाद जो सक्रिय कार्यकर्ता अलग हुए, पार्टी उन्हें भी दोबारा सक्रिय किया जा रहा है। ऐसे कार्यकर्ताओं का रिकार्ड जमाकर लिया गया है जो पार्टी के लिए हर समय सक्रिय हैं। पार्टी ने जोन के हिसाब से हरियाणा में पांच-पांच जिलों की बैठकें पूरी कर ली हैं।

बेगाने हुए अपनों ने बढ़ाई आप की मुसीबत

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हरियाणा में लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी न सिर्फ खाली हाथ रही, बल्कि किसी भी सीट पर पार्टी की चुनौती नजर नहीं आई। तब आप के चुनाव रथ की कमान योगेंद्र यादव के हाथ में थी, वह खुद भी नहीं जीत पाए थे। लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन से निराश पार्टी ने इसके बाद हरियाणा के विधानसभा चुनाव में उतरने का इरादा भी छोड़ दिया।

पार्टी आत्ममंथन कर हार के कारण तलाशती हुई और किसी नतीजे पर पहुंचती, इससे पहले ही योगेंद्र यादव की ओर से लोकसभा में पार्टी की हार के लिए अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराए जाने के कारण विवाद खड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आप हाईकमान ने योगेंद्र यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

हरियाणा आप का चेहरा बन चुके योगेंद्र यादव के पार्टी से विदाई के विरोध में प्रदेश इकाई में फूट पड़ गई। प्रदेश कार्यकारिणी से सात अन्य सदस्य योगेंद्र यादव के साथ चले गए। प्रकरण के दौरान प्रदेश में आप को संभालने का काम नवीन जयहिंद ने किया। अब उन्हीं के कंधे पर हरियाणा में पार्टी को संगठित करने का जिम्मा है।

नवीन जयहिंद से विशेष बातचीत

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प्रश्न: अब आप की हरियाणा में क्या तैयारी है?
उत्तर: भाजपा के खिलाफ आंदोलन खड़ा करेंगे। उससे पहले अक्तूबर तक संगठन खड़ा करेंगे।

प्रश्न: आप को लेकर अनिश्चितता का माहौल है, पार्टी इससे उबर नहीं पा रही, ऐसे में संगठन और सत्ता की बात कैसे संभव है?
उत्तर: विधानसभा चुनाव में भाजपा के पास बूथ पर ऐजेंट तक पूरे नहीं थे, लेकिन दल ने सत्ता हासिल की। इसलिए किसी को कमजोर नहीं समझना चाहिए।

प्रश्न: आप के पास इस समय मुद्दे क्या हैं?
उत्तर: अरविंद केजरीवाल के घोषणापत्र को और हरियाणा भाजपा के घोषणापत्र को जनता के सामने रखेंगे। जनता खुद ही यह तय कर लेगी कि काम कौन कर सकता है।

प्रश्न: इस बार हरियाणा में तीन बड़ी पार्टियां मैदान में हैं। जिसमें से एक भाजपा  भी है?
उत्तर: भाजपा के खुद के लोग दुखी हैं। मंत्री और विधायक यह चिल्ला रहे हैं कि उनके काम नहीं हो रहे। अफसरशाही पिछली सरकार पर भी हावी थी इस सरकार पर भी हावी है।

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