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'श्री श्री' ने खाप पंचायतों को सिखाई 'आर्ट ऑफ लिविंग'

Tue, 25 Nov 2014 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद Updated Tue, 25 Nov 2014 11:46 PM IST
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arts of living founder shri shri ravishankar meet khap panchayat at jind

श्री श्री रविशंकर का कहना है कि संत का काम समाज को सुधारने का होता है। ऐसे में यदि कोई संत गलती करता है तो उसे सजा भी दोगुनी मिलनी चाहिए। इससे पहले उनका कहना था कि जब तक अदालतें दोषी नहीं ठहराती तब तक किसी को दोषी नहीं कहा जा सकता। जींद के एक होटल में खाप प्रतिनिधियों से रूबरू होकर ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक एवं अध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर ने कहा कि ऑनर किलिंग और तुगलकी फरमानों के लिए देश में खापों की जो छवि खराब हुई है उसे सुधारने के लिए खाप पंचायतें सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर अपना योगदान दें।

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खाप पंचायतें आदर्श गांव बनाने के लिए प्रयास कर इसकी पहल कर सकती हैं। हालांकि ऑनर किलिंग और तुगलकी फरमानों से खापों का कोई सरोकार नहीं है। इस मामले में आर्ट ऑफ लिविंग भी सहयोग कर सकती हैं।

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खाप प्रतिनिधियों से रूबरू हुए आध्यात्मिक गुरू

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अध्यात्मिक गुरू ने कहा कि टीवी पर देखकर उनको विश्वास नहीं हुआ कि इस देश में तालिबान जैसी कोई संस्था है, इसलिए खापों से मिलने की उनकी इच्छा थी। खापों से मिलने के बाद उनको अहसास हुआ है कि खापों में तालिबान जैसी कोई संभावना नहीं है, बल्कि खापें तो सामाजिक कार्यों से समाज को जोड़ने का काम करती हैं।

श्री श्री रविशंकर ने कहा कि देश में खापों की जो छवि खराब की गई है उसे सुधारने के लिए खापों को सामाजिक कार्यों में अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहिए। खाप पंचायतें आदर्श गांव बनाकर इस काम को आगे बढ़ा सकती हैं।

कौशल विकास केंद्र करेंगे स्थापित

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अध्यात्मिक गुरू ने कहा कि खापों के साथ मिलकर कौशल विकास केंद्र स्थापित करेंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी जीवन जीने की कला सीखाई जा सके। इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज संस्कारों के अभाव में युवा पीढ़ी भारतीय मूल्यों से बिछुड़ रही है। देश में धर्मांतरण के मामले बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति का ज्ञान जरूरी है। योग व आयुर्वेद भारतीय संस्कृति का ही हिस्सा हैं। योग व आयुर्वेद को गांव तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फसलों में रासायनिक के बढ़ते प्रयोग के कारण खानपान व वातावरण दूषित हो रहा है और जमीन में पोषक तत्व की कमी होने के कारण जमीन बंजर हो रही है।

अगर देश को फिर से सोने की चिड़िया बनाना है तो सामाजिक कुरीतियों को खत्म करना होगा। दिशाहीन हो रहे युवाआें को दिशा देने के साथ-साथ जैविक खेती को बढ़ावा देने होगा।

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हमेशा हंसते रहने का संदेश

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श्री श्री रविशंकर ने तनाव मुक्त रहने तथा हमेशा हंसते रहने का संदेश दिया। सम्मेलन के समापन पर खाप प्रतिनिधियों द्वारा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया और सम्मेलन में मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया। सम्मेलन में खाप प्रतिनिधियों ने हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में बदलाव करने की मांग की।   

इन लोगों ने रखे विचार
सम्मेलन की अध्यक्षता कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने की। सम्मेलन में सर्वजातीय सर्व खाप के संयोजक कुलदीप ढांडा, डीपी वत्स, ओमप्रकाश धनखड़, संतोष दहिया, इंद्र सिंह ढुल, धर्मपाल मलिक, अजय कुमार, सुदेश चौधरी, ओपी मान, राजेंद्र चहल, सुनील गुलाटी आईएएस, रामरत्न कटारिया गुर्जर खाप, मेहर सिंह दहिया सहित प्रदेशभर के खापों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। 

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