पंजाबः खालिस्तान समर्थकों को हथियार सप्लाई करने वाला गिरफ्तार, नेटवर्क को लेकर कई खुलासे
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महाराष्ट्र की एंटी टेररिज्म स्क्वाएड (एटीएस) की गिरफ्त में आए पंजाब के एक खालिस्तानी समर्थक से पूछताछ के आधार पर पंजाब पुलिस को राज्य में हथियारों के एक अहम सप्लायर को दबोचने में सफलता मिली, जो खालिस्तान समर्थक मुहिम से जुड़े लोगों को हथियार सप्लाई करता था।
एटीएस से मिली जानकारी के आधार पर पंजाब पुलिस को उस मोड्यूल का भी पता चला है, जिसमें फेसबुक से विदेश में बैठे अलगाववादी प्रदेश में खालिस्तान मुहिम को हवा देने के लिए युवाओं को उकसाकर अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र एटीएस ने पुणे के चाकन से एक 42 वर्षीय व्यक्ति हरपाल सिंह को गिरफ्तार किया, जो रोपड़ जिले के मुगल माजरी का स्थायी निवासी है और इन दिनों कर्नाटक के बेल्लारी में रह रहा था। एटीएस ने उसके कब्जे से एक पिस्तौल, पांच कारतूस और 41 हजार रुपये नगद बरामद किए थे।
पुणे में गत 2 दिसंबर को हुई गिरफ्तारी में एटीएस ने खुलासा किया कि हरपाल सिंह खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़ा है। फिलहाल मुंबई एटीएस थाना पुलिस ने उसके खिलाफ सशस्त्र अधिनियम और यूएपीए की धारा 20 के तहत आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के तहत केस दर्ज कर अदालत में पेश किया।
जहां से उसे 17 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। एटीएस को हरपाल सिंह से आरंभिक पूछताछ के दौरान जो जानकारी मिली, उससे पंजाब में खालिस्तान समर्थक मुहिम छेड़ने के इरादों का खुलासा हुआ और पंजाब में खालिस्तान समर्थकों तक हथियार पहुंचने की कड़ी भी हाथ लगी। हरपाल सिंह से मिली जानकारी को एटीएस ने पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग से साझा किया, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने सूबे में आतंकियों तक हथियारों की सप्लाई के मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया।
वैसे पंजाब पुलिस का दावा है कि फतेहगढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति फतेहगढ़ साहिब पहुंच रहा है जो सरहिंद में अपने उन साधियों को हथियार पहुंचाएगा जो राज्य में खालिस्तान संबंधी गतिविधियों में लगे हैं। पुलिस ने इस मामले में मोहियुद्दीन सिद्दीकी उर्फ मोहिन खान पुत्र मुन्ना खान निवासी दिल्ली को सरहिंद में रेलवे रोड हुमांयूपुर में गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से .38 एमएम पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद हुए। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईपीसी की धारा 120बी के तहत केस दर्ज कर रिमांड पर लिया गया है।
इंटेलिजेंस विंग के अनुसार, आरंभिक पूछताछ में मोहिन खान ने माना है कि वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहा है और इस दौरान वह हरपाल सिंह के संपर्क में आया, जिसने फेसबुक पर खालिस्तान जिंदाबाद खालिस्तान पेज बना रखा है। खान ने बताया कि हरपाल सिंह ने फेसबुक पर ही उसकी मुलाकात साइप्रस में बैठे गुरजीत सिंह निज्जर से कराई।
निज्जर ने उसे रेफरेंडम-2020 के लिए काम करने को कहा। खान ने आगे बताया कि जब वह खालिस्तान जिंदाबाद खालिस्तान का सदस्य बन गया तो उसके बाद वह पाकिस्तान में बैठे एजेंटों के संपर्क में भी आया, जिन्होंने उसे रेफरेंडम-2020 के लिए काम करने को लेकर प्रोत्साहित किया। खान ने पूछताछ में बताया कि वह निज्जर के निर्देश पर ही फतेहगढ़ साहिब आया था, जहां उसे निज्जर के साथियों को पंजाब में आतंकी गतिविधियों के लिए हथियार सप्लाई करने थे।
निज्जर के कहने पर ही मोहिन खान तीन बार बंगलुरू जाकर हरपाल सिंह से भी मिला था। उसने माना कि उसने पहले भी फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारे के निकट कुछ लोगों को हथियार पहुंचाए थे। यह भी उसने गुरजीत सिंह निज्जर के कहने पर ही किया था। पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग ने आगे जांच शुरू कर दी है और महाराष्ट्र की जेल में बंद हरपाल सिंह को भी प्रोडक्शन वारंट पर पंजाब लाने की कोशिशें तेज की गई हैं।