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Punjab: अजनाला हिंसा के बाद एक्शन में पंजाब पुलिस, रद्द होंगे कट्टरपंथी अमृतपाल के समर्थकों के लाइसेंस
Tue, 07 Mar 2023 07:23 PM IST
ajay kumar
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़/अमृतसर
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़/अमृतसर
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 07 Mar 2023 07:23 PM IST
सार
कमिश्नरेट के एक आला अधिकारी ने संपर्क करने पर बताया कि पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह के 10 समर्थकों के खिलाफ यह कार्रवाई कर रही है लेकिन एक समर्थक के पास जम्मू-कश्मीर से जारी लाइसेंस है। यही वजह है कि उसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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अमृतपाल सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
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विस्तार
अजनाला थाने पर हुए हमले से पहले ही पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट के बाद वारिस पंजाब दे के मुखी अमृतपाल सिंह व उसके साथियों के हथियारों की जांच शुरू कर दी थी। फरवरी में उनके एक समर्थक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था, जबकि नौ के हथियारों की जांच चल रही थी। लेकिन फिर भी उसके समर्थक हथियार लेकर निकल रहे थे। इतना ही नहीं जब अजनाला कांड हुआ तो उस वक्त भी ये लोग हथियारों से लैस थे।
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वहीं, अब सरकार ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की तैयारी की है, ताकि दोबारा उन्हें विपरीत स्थिति का सामना न करना पड़े। पुलिस की तरफ से गुरभेज सिंह निवासी फरीदकोट का लाइसेंस सबसे पहले रद्द किया गया। फरीदकोट के एसएसपी हरजीत सिंह ने फरवरी में लाइसेंस रद्द किया था, हालांकि हथियार जब्त नहीं किया था। उन्होंने कहा कि हथियार जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी तरफ अमृतसर निवासी हरजीत सिंह व बलजिंदर सिंह, कोटकपूरा का राम सिंह बराड़, मोगा का गुरमत सिंह, संगरूर का अवतार सिंह, तरनतारन का वरिंदर सिंह व अमृतपाल, पटियाला का हरप्रीत देवगन और तरनतारन के तलविंदर सिंह के खिलाफ जांच चल रही है।
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याद रहे कि दिसंबर 2022 में गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में सभी राज्यों के डीजीपी की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की तरफ से एक प्रेजेंटेशन दी गई थी। इसमें उन्होंने हथियार और नशे की तस्करी के अलावा खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के बारे में विस्तार से बताया था। जिसकी वजह से पूरे राज्य में माहौल खराब हो रहा था। डीजीपी खुद साफ कर चुके हैं कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस से भी किया संपर्क
अमृतसर कमिश्नरेट के एक आला अधिकारी ने संपर्क करने पर बताया कि पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह के 10 समर्थकों के खिलाफ यह कार्रवाई कर रही है लेकिन एक समर्थक के पास जम्मू-कश्मीर का लाइसेंस है। यही वजह है कि उसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। दूसरी तरफ पंजाब में नौ समर्थकों के लाइसेंस को रद्द कर करने की प्रक्रिया चल रही है।
यह है मामला
24 फरवरी को अमृतपाल के साथी लवप्रीत सिंह तूफान को पुलिस से छुड़वाने के लिए उसके समर्थकों ने हिंसा की थी। खुद अमृतपाल सिंह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर अजनाला थाने पहुंचा था। इसकी आड़ में उसके समर्थकों ने थाने पर हमला बोल दिया था। इस हमले में छह पुलिसवाले घायल हो गए थे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी न हो, इसलिए पुलिस ने सख्त एक्शन नहीं लिया। अमृतपाल खालिस्तान की मांग कर रहा है।