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उठो बच्चो, सुस्ती भगाओ... आज से खुल गया स्कूल, हो जाओ रवाना
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चंडीगढ़। लगभग डेढ़ वर्ष के बाद सोमवार से शहर के सरकारी, निजी और केंद्रीय विद्यालय सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए खोल दिए गए हैं। हालांकि बच्चों को स्कूल आते समय अभिभावकों से अनुमति पत्र लेकर आना होगा। निजी स्कूलों में अभी विद्यार्थियों के स्कूल आने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसलिए बहुत से स्कूलों ने अगले हफ्ते से प्राथमिक कक्षाएं शुरू करने की योजना बनाई है। वहीं, कॉलोनी के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं को दो शिफ्टों में चलाने की योजना बनाई गई है। निजी स्कूल संचालकों ने बताया कि उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष पक्ष रखा था कि एकतरफा फैसला दिया जाए और कक्षाएं पूरी तरफ आफलाइन आयोजित हो। इसका कारण यह है कि ऑनलाइन के विकल्प में निजी स्कलों के ज्यादातर विद्यार्थी स्कूल नहीं आएंगे। स्कूलों ने सभी कक्षाओं की साफ सफाई के साथ सैनिटाइज किया गया है।
कोट्स -
दो शिफ्ट में स्कूल चलाने की बना रहे योजना
कॉलोनी का स्कूल होने के कारण लगभग सभी विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की उम्मीद है। इसलिए अभी सोमवार को पहले दिन समीक्षा के बाद स्कूल दो शिफ्ट में चलाने की योजना है, क्योंकि एक बैंच पर एक विद्यार्थी के नियम के अनुसार एक कक्षा में लगभग 25 विद्यार्थी ही बैठा सकते हैं। इसलिए दूसरी शिफ्ट में सुबह साढ़े ग्यारह े शाम साढ़े पांच बजे तक स्कूल चलाया जाएगा।
- रविंदर कौर, प्राचार्य, जीएमएचएस-आरसी-2 धनास
बच्चों के स्कूल पहुंचने पर पता चलेगी स्थिति
सभी बच्चों को संदेश भेज दिया है कि सोमवार को स्कूल आते समय अभिभावकों से अनुमति पत्र लेकर स्कूल आए। विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने पर ही सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इसलिए अभी पहले की तरह ही सुबह साढ़े आठ से दोपहर डेढ़ बजे का स्कूल समय रहेगा। आगे की योजना विद्यार्थियों की स्कूल में होने वाली उपस्थिति को देखते हुए बनाई जाएगी। - दविंदर कुमार, प्राचार्य, जीएमएसएसएस-35
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80 प्रतिशत अभिभावक बच्चों को भेजना चाहते हैं स्कूल
अगले हफ्ते से प्राथमिक कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने की योजना बनाई है, क्योंकि अभी तक सभी अभिभावकों की ओर से अनुमति का जवाब नहीं आया है। अभी तक जो जवाब मिले हैं, उनमें 80 प्रतिशत अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं। हमने विभाग अधिकारियों के समक्ष पक्ष रखा था कि एकतरफा फैसला दो, क्योंकि ऐसे बच्चे स्कूल नहीं आएंगे। लेकिन उनका जवाब था कि सरकार ने ब्लेंडेड मोड़ में कक्षाएं चलाने का आदेश दिया है, इसलिए उसकी अवहेलना नहीं कर सकते । - एचएस मामिक, चेयरपर्सन, विवेक हाई स्कूल
शुक्रवार से बुलाएंगे पहली से तीसरी कक्षा
अभी सोमवार से सिर्फ चौथी से आठवीं कक्षा को बुलाने की ही योजना बनाई है। शुक्रवार से पहली से तीसरी कक्षा की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया है। अभी तक अभिभावकों की ओर से मिली प्रतिक्रिया के अनुसार 20 प्रतिशत अभिभावकों ने ही ऑफलाइन कक्षाओं के लिए हामी भरी है। इसलिए जब हमारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक थी, तब हमने कहा था कि वे सभी कक्षाओं के पूरी तरह ऑफलाइन संचालन का फैसला दें। जब तक ऑनलाइन का विकल्प रहेगा, तब तक विद्यार्थी स्कूल आना नहीं चाहेंगे। -लुइस लोपेज, प्राचार्य, सेंट स्टीफन स्कूल
स्कूल की बच्चों को बुलाने को लेकर तैयारी पूरी
स्कूल की तरफ से सभी बच्चों को सोमवार से स्कूल बुलाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। लेकिन अभी तक सभी अभिभावकों की तरफ से अनुमति का जवाब नहीं मिला है। बच्चों को अभिभावकों की अनुमति के साथ ही स्कूल आना है। इसलिए सोमवार को बच्चों के स्कूल पहुंचने पर ही असल स्थिति का पता चलेगा कि कितने विद्यार्थी उपस्थित रहते हैं। आगामी व्यवस्थाएं उपस्थिति के आधार पर की जाएगी। -अनुजा शर्मा, प्राचार्य, डीएवी-15
कोट..
कई अभिभावक भेजना चाहते हैं बच्चों को स्कूल
बच्चों को घर बैठे हुए बहुत ज्यादा समय हो गया है। ऐसे में सिर्फ पढ़ाई के अलावा उनकी अन्य किसी तरह का कोई विकास नहीं हुआ है। छोटे बच्चों के लिए यह बहुत जरूरी है। अभी तीसरी लहर की आशंका भी बहुत कम है और चंडीगढ़ में तो काफी समय से स्कूल खुले हैं, लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। - अधिवक्ता, नितिन गोयल, अध्यक्ष, चंडीगढ़ अभिभावक संघ
अभिभावकों के सामने ये हैं चुनौतियां
1. स्कूल बसें और अन्य ट्रांसपोर्ट के साधन पूरी तरह से चलने शुरू नहीं हुए।
2. कोविड-19 के बाद लंबे समय के बाद स्कूल भेजने पर बच्चों की देख-रेख की चिंता।
3. अभिभावकों को बच्चों को स्कूल छोड़ने के साथ उन्हें लेने भी आना पड़ेगा।
4. बहुत से बच्चे लंबे समय के बाद स्कूल जाने के लिए कम राजी हैं, ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ी।
अभी तक स्कूलों में 70-80 प्रतिशत है उपस्थिति
सरकारी और केंद्रीय विद्यालयों में अभी तक पांचवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति 70-80 प्रतिशत तक है। स्कूल प्रमुखों के अनुसार आम दिनों में भी 90 प्रतिशत के करीब ही विद्यार्थी स्कूल आते हैं। वहीं, कुछ निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 60 प्रतिशत के करीब है। छोटे निजी स्कूलों में पूरी संख्या में विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं।
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दो शिफ्ट में स्कूल चलाने की बना रहे योजना
कॉलोनी का स्कूल होने के कारण लगभग सभी विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की उम्मीद है। इसलिए अभी सोमवार को पहले दिन समीक्षा के बाद स्कूल दो शिफ्ट में चलाने की योजना है, क्योंकि एक बैंच पर एक विद्यार्थी के नियम के अनुसार एक कक्षा में लगभग 25 विद्यार्थी ही बैठा सकते हैं। इसलिए दूसरी शिफ्ट में सुबह साढ़े ग्यारह े शाम साढ़े पांच बजे तक स्कूल चलाया जाएगा।
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- रविंदर कौर, प्राचार्य, जीएमएचएस-आरसी-2 धनास
बच्चों के स्कूल पहुंचने पर पता चलेगी स्थिति
सभी बच्चों को संदेश भेज दिया है कि सोमवार को स्कूल आते समय अभिभावकों से अनुमति पत्र लेकर स्कूल आए। विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने पर ही सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इसलिए अभी पहले की तरह ही सुबह साढ़े आठ से दोपहर डेढ़ बजे का स्कूल समय रहेगा। आगे की योजना विद्यार्थियों की स्कूल में होने वाली उपस्थिति को देखते हुए बनाई जाएगी। - दविंदर कुमार, प्राचार्य, जीएमएसएसएस-35
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80 प्रतिशत अभिभावक बच्चों को भेजना चाहते हैं स्कूल
अगले हफ्ते से प्राथमिक कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने की योजना बनाई है, क्योंकि अभी तक सभी अभिभावकों की ओर से अनुमति का जवाब नहीं आया है। अभी तक जो जवाब मिले हैं, उनमें 80 प्रतिशत अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं। हमने विभाग अधिकारियों के समक्ष पक्ष रखा था कि एकतरफा फैसला दो, क्योंकि ऐसे बच्चे स्कूल नहीं आएंगे। लेकिन उनका जवाब था कि सरकार ने ब्लेंडेड मोड़ में कक्षाएं चलाने का आदेश दिया है, इसलिए उसकी अवहेलना नहीं कर सकते । - एचएस मामिक, चेयरपर्सन, विवेक हाई स्कूल
शुक्रवार से बुलाएंगे पहली से तीसरी कक्षा
अभी सोमवार से सिर्फ चौथी से आठवीं कक्षा को बुलाने की ही योजना बनाई है। शुक्रवार से पहली से तीसरी कक्षा की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया है। अभी तक अभिभावकों की ओर से मिली प्रतिक्रिया के अनुसार 20 प्रतिशत अभिभावकों ने ही ऑफलाइन कक्षाओं के लिए हामी भरी है। इसलिए जब हमारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक थी, तब हमने कहा था कि वे सभी कक्षाओं के पूरी तरह ऑफलाइन संचालन का फैसला दें। जब तक ऑनलाइन का विकल्प रहेगा, तब तक विद्यार्थी स्कूल आना नहीं चाहेंगे। -लुइस लोपेज, प्राचार्य, सेंट स्टीफन स्कूल
स्कूल की बच्चों को बुलाने को लेकर तैयारी पूरी
स्कूल की तरफ से सभी बच्चों को सोमवार से स्कूल बुलाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। लेकिन अभी तक सभी अभिभावकों की तरफ से अनुमति का जवाब नहीं मिला है। बच्चों को अभिभावकों की अनुमति के साथ ही स्कूल आना है। इसलिए सोमवार को बच्चों के स्कूल पहुंचने पर ही असल स्थिति का पता चलेगा कि कितने विद्यार्थी उपस्थित रहते हैं। आगामी व्यवस्थाएं उपस्थिति के आधार पर की जाएगी। -अनुजा शर्मा, प्राचार्य, डीएवी-15
कोट..
कई अभिभावक भेजना चाहते हैं बच्चों को स्कूल
बच्चों को घर बैठे हुए बहुत ज्यादा समय हो गया है। ऐसे में सिर्फ पढ़ाई के अलावा उनकी अन्य किसी तरह का कोई विकास नहीं हुआ है। छोटे बच्चों के लिए यह बहुत जरूरी है। अभी तीसरी लहर की आशंका भी बहुत कम है और चंडीगढ़ में तो काफी समय से स्कूल खुले हैं, लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। - अधिवक्ता, नितिन गोयल, अध्यक्ष, चंडीगढ़ अभिभावक संघ
अभिभावकों के सामने ये हैं चुनौतियां
1. स्कूल बसें और अन्य ट्रांसपोर्ट के साधन पूरी तरह से चलने शुरू नहीं हुए।
2. कोविड-19 के बाद लंबे समय के बाद स्कूल भेजने पर बच्चों की देख-रेख की चिंता।
3. अभिभावकों को बच्चों को स्कूल छोड़ने के साथ उन्हें लेने भी आना पड़ेगा।
4. बहुत से बच्चे लंबे समय के बाद स्कूल जाने के लिए कम राजी हैं, ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ी।
अभी तक स्कूलों में 70-80 प्रतिशत है उपस्थिति
सरकारी और केंद्रीय विद्यालयों में अभी तक पांचवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति 70-80 प्रतिशत तक है। स्कूल प्रमुखों के अनुसार आम दिनों में भी 90 प्रतिशत के करीब ही विद्यार्थी स्कूल आते हैं। वहीं, कुछ निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 60 प्रतिशत के करीब है। छोटे निजी स्कूलों में पूरी संख्या में विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं।