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चंडीगढ़वासियों 31 दिसंबर आ रही, अपने शहर को नंबर वन बनाने में सहयोग करें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 13 Dec 2017 03:29 PM IST
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चंडीगढ़वासी ध्यान दें, अगर आप भी स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के लिए अपनी भागीदारी निभाना चाहते हैं तो आपके पास 31 दिसंबर तक मौका है। शहरवासी स्वच्छता एप को डाउनलोड करके अपना फीडबैक दर्ज करवा सकता है। इस एप को डाउनलोड करने का शहरवासियों को फायदा भी मिल रहा है कि अब उन्हें सफाई के लिए पार्षदों और अधिकारियों के यहां पर आकर चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ रही है क्योंकि अब शहर में स्वच्छ एप ही सफाई करवा रहा है।
17 हजार शहरवासी स्वच्छता एप को डाउनलोड कर चुके हैं। इसमें समस्या की तस्वीर डालने पर अब पार्षदों की भी टेंशन कम हो गई है। वहीं नगर निगम के सैनिटेशन विंग के कर्मचारियों के लिए यह एप सिरदर्दी बन गया है क्योंकि इस एप पर कचरे की तस्वीर आने के 24 घंटे के भीतर इसकी सफाई होना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर अतिरिक्त कमिश्नर की ओर से कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। स्वच्छता एप पर आने वाली शिकायत को प्रमुखता से दूर करने के लिए कहा गया है।
इस एप पर प्रतिदिन 700 से 800 शिकायतें आ रही हैं, जबकि पिछले माह तक एप पर प्रतिदिन 100 से 150 शिकायतें आती थीं। अब इस पर शहरवासियों को रुझान बढ़ रहा है। इस एप पर अगर कोई शिकायत भी नहीं डालता तो भी वह दूसरे की डाली हुई समस्या पर अपना वोटअप करके भागीदारी निभा सकता है। मालूम हो कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में चंडीगढ़ की रैकिंग दो से गिरकर 11 पर पहुंच गई थी। इसका कारण यह था कि शहरवासियों का फीडबैक कम था जिसमें इस कैटेगरी में काफी कम अंक मिले थे।
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इस कारण इस बार लोगों की फीडबैक ज्यादा से ज्यादा हो सके इसके लिए कमिश्नर, मेयर और अतिरिक्त कमिश्नर खुद सड़क पर उतरे हैं। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी ज्यादा से ज्यादा लोगों को एप डाउनलोड करने पर लगाई है। स्वच्छता एप मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। 4 जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में सर्वे भी शुरू हो जाएगा।
किस तरह की शिकायतें एप पर पोस्ट की जा सकती हैं
गंदगी, डस्टबीन की सफाई न हो रही हो, कचरे की गाड़ी न आई हो, अगर कहीं पर मृत पशु पड़ा हुआ हो, जन शौचालय में भराव हो रहा हो या फिर शौचालय की सफाई न हो रही हो, इन सब की शिकायतें डाली जा सकती हैं।
प्रयोग करना आसान
. मोबाइल के प्ले स्टोर पर स्वच्छता एप डाउनलोड कीजिए
. समस्या की तस्वीर खींचे
. तस्वीर एप पर पंजीकृत करें
. आसपास की जगह का नाम भरिए
. समस्याएं दूर होने या न होने पर अपनी राय भी दीजिए
शहरवासी अपना फीडबैक दें : अतिरिक्त कमिश्नर
अतिरिक्त कमिश्नर सौरभ मिश्रा का कहना है कि 17 हजार शहरवासी स्वच्छता एप डाउनलोड कर चुके हैं। एप पर आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने के लिए कहा गया है। अगर कोई कर्मचारी समय सीमा के भीतर समस्या को दूर नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाती है। शहरवासी को सफाई होने के बाद अपना फीडबैक भी देना चाहिए।
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17 हजार शहरवासी स्वच्छता एप को डाउनलोड कर चुके हैं। इसमें समस्या की तस्वीर डालने पर अब पार्षदों की भी टेंशन कम हो गई है। वहीं नगर निगम के सैनिटेशन विंग के कर्मचारियों के लिए यह एप सिरदर्दी बन गया है क्योंकि इस एप पर कचरे की तस्वीर आने के 24 घंटे के भीतर इसकी सफाई होना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर अतिरिक्त कमिश्नर की ओर से कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। स्वच्छता एप पर आने वाली शिकायत को प्रमुखता से दूर करने के लिए कहा गया है।
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इस एप पर प्रतिदिन 700 से 800 शिकायतें आ रही हैं, जबकि पिछले माह तक एप पर प्रतिदिन 100 से 150 शिकायतें आती थीं। अब इस पर शहरवासियों को रुझान बढ़ रहा है। इस एप पर अगर कोई शिकायत भी नहीं डालता तो भी वह दूसरे की डाली हुई समस्या पर अपना वोटअप करके भागीदारी निभा सकता है। मालूम हो कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में चंडीगढ़ की रैकिंग दो से गिरकर 11 पर पहुंच गई थी। इसका कारण यह था कि शहरवासियों का फीडबैक कम था जिसमें इस कैटेगरी में काफी कम अंक मिले थे।
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इस कारण इस बार लोगों की फीडबैक ज्यादा से ज्यादा हो सके इसके लिए कमिश्नर, मेयर और अतिरिक्त कमिश्नर खुद सड़क पर उतरे हैं। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी ज्यादा से ज्यादा लोगों को एप डाउनलोड करने पर लगाई है। स्वच्छता एप मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। 4 जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में सर्वे भी शुरू हो जाएगा।
किस तरह की शिकायतें एप पर पोस्ट की जा सकती हैं
गंदगी, डस्टबीन की सफाई न हो रही हो, कचरे की गाड़ी न आई हो, अगर कहीं पर मृत पशु पड़ा हुआ हो, जन शौचालय में भराव हो रहा हो या फिर शौचालय की सफाई न हो रही हो, इन सब की शिकायतें डाली जा सकती हैं।
प्रयोग करना आसान
. मोबाइल के प्ले स्टोर पर स्वच्छता एप डाउनलोड कीजिए
. समस्या की तस्वीर खींचे
. तस्वीर एप पर पंजीकृत करें
. आसपास की जगह का नाम भरिए
. समस्याएं दूर होने या न होने पर अपनी राय भी दीजिए
शहरवासी अपना फीडबैक दें : अतिरिक्त कमिश्नर
अतिरिक्त कमिश्नर सौरभ मिश्रा का कहना है कि 17 हजार शहरवासी स्वच्छता एप डाउनलोड कर चुके हैं। एप पर आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने के लिए कहा गया है। अगर कोई कर्मचारी समय सीमा के भीतर समस्या को दूर नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाती है। शहरवासी को सफाई होने के बाद अपना फीडबैक भी देना चाहिए।