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Chandigarh News: कैंसर मरीजों के दर्द पर मरहम लगा रहा 'अपना घर'

Fri, 19 Apr 2024 06:14 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2024 06:14 AM IST
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'Apna Ghar' is healing the pain of cancer patients
चंडीगढ़। कहते हैं कि ''अपना घर'' तो अपना होता है। इसे सच साबित कर रहा है इंटास फाउंडेशन। इंटास फाउंडेशन कैंसर मरीजों के दर्द पर मरहम लगाने का काम कर रही है। सेक्टर-11 में फाउंडेशन का अपना घर नाम से एक सेंटर है, जहां दूसरे राज्यों से इलाज के लिए आए कैंसर मरीज और तीमारदार मुफ्त में ठहरते हैं। संस्था ने दो साल में ही यह सेंटर शुरू किया था। यहां अब तक 400 से ज्यादा मरीज ठहर चुके हैं। इंटास फाउंडेशन के प्रोजेक्ट एसोसिएट दीपक किरार अपना घर की जिम्मेदारी संभालते हैं। दीपक ने बताया कि देशभर में उनकी संस्था के 40 सेंटर हैं। इस साल 10 नए सेंटर खोलने की योजना है। उन्होंने बताया कि पीजीआई, जीएमसीएच-32 और होमी भाभा अस्पताल में कैंसर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, यूपी, उत्तारखंड, जम्मू कश्मीर, राजस्थान व लद्दाख सहित अन्य राज्यों के मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। कुछ लोगों के पास शहर में ठहरने का साधन नहीं होता। वहीं, कुछ मरीज गरीब होते हैं जिनके पास बाहर ठहरने के लिए पैसे नहीं होते। उन मरीजों के लिए अपना घर है। अपना घर में मरीज के साथ एक तीमारदार भी रुक सकता है। मरीजों की सेवा में जुटी संस्था इंटास फाउंडेशन के अपना घर सेंटर में पीजीआई डॉक्टरों का भी सहयोग मिल रहा है।
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अपना घर में साफ-सुथरे नौ कमरे



अपना घर में मरीजों के लिए नौ कमरे हैं। इनमें 18 मरीजों के रहने की व्यवस्था है। अपना घर के दो फ्लोर हैं। हर कमरे में टीवी, एसी, पानी आरओ, टायलेट और वाईफाई तक की सुविधा है। वहीं, साफ सफाई के लिए हाउस कीपिंग, गार्ड और ड्राइवर भी हैं।
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मरीजों को अस्पताल लाने व ले जाने की सुविधा



दीपक ने बताया कि कई मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें बार-बार अस्पताल आना पड़ता है। यहां एक महीने में लगभग 20 नए और कुल 100 से ज्यादा मरीज पहुंचे हैं, जो पहले भी यहां ठहर चुके हैं। मरीजों को अस्पताल लाने व ले जाने के लिए वाहन की सुविधा भी है। अपना घर में चार माह की बच्ची से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्ग मरीज ठहर चुके हैं।
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