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Chandigarh News: अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी दे लोगों को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का एक और शातिर काबू

Mon, 08 May 2023 02:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 08 May 2023 02:12 AM IST
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Another vicious control of gang blackmailing people by threatening to make obscene pictures viral
चंडीगढ़। तत्काल लोन का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाने और उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे मांगने वाले गिरोह के एक और शातिर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गिरोह के सरगना चीनी नागरिक के करीबी नई दिल्ली निवासी 41 वर्षीय भरत कुमार लखमानी के रूप में हुई है। आरोप है कि लखमानी ने गिरोह के सरगना को नेपाल के जरिए भागने में मदद की।
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पूछताछ में पता चला है कि लखमानी ने वर्ष 2006 से 2011 तक चीन में काम किया था। वह 2016 में भारत आया और एक चीनी नागरिक के साथ मिलकर मोबाइल के सामान का व्यापार शुरू कर दिया। 2022 में अपने चीनी दोस्त याओ के जरिए स्टार्क नामक के व्यक्ति से मिला जो गुरुग्राम में स्टार्क के साथ फ्लैट में रह रहा था। उसे पता था कि स्टार्क के पास नेपाल का फर्जी पासपोर्ट है। इसके बाद उन्होंने एक फर्जी कंपनी खोली जो डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन डेटिंग एप्लीकेशन के लिए थी। भरत कुमार और उसकी पत्नी इसके निदेशक बन गए।
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जून 2022 में आरोपी ने भारतीय रकम को यूएसडीटी में बदलवाने के लिए आशीष जैन, दक्ष प्रताप सिंह और आयुष अग्रवाल को स्टार्क से मिलवाया। यहां सबका कमीशन तय हुआ। इसके बाद भरत अन्य आरोपियों के साथ मिलकर भारतीय रकम को यूएसटडी में बदलने लगा। जुलाई 2022 में पुलिस चीनी नागरिक याओ की गिरफ्तारी के बाद सब घबरा गए। भरत ने स्टार्क को नेपाल सीमा तक पहुंचाया और वह नेपाल के रास्ते चीन भाग निकला। अब स्टार्क चीन से ठगी का नेटवर्क चला रहा है।
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60 लाख रुपये की रकम 20 बैंकों में फ्रीज

चंडीगढ़ पुलिस लोन एप फर्जीवाड़े में अभी तक 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, 400 करोड़ रुपये तक की रकम मनी लांडरिंग के रूप में इससे जुड़ी हुई थी। चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस थाने ने वसूली, जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने समेत महिला की शालीनता भंग करने की धाराओं में बीते वर्ष 3 सितंबर को एक केस दर्ज किया गया था। वहीं 30 अगस्त को वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में भी एक केस साइबर क्राइम पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। दोनों मामले लोन एप्लीकेशन घपले से जुड़े थे। पुलिस ने मामले में 17.31 लाख रुपये की धोखाधड़ी की रकम पहले पकड़े गए आरोपियों से पकड़ी थी। 60 लाख रुपये की रकम 20 बैंकों में फ्रीज पड़ी हुई है। पकड़े गए आरोपियों की जानकारी गृह मंत्रालय को भेज दी गई है। पकड़े जा चुके आरोपियों के खिलाफ देशभर में 1578 शिकायतें और 89 केस दर्ज हैं।

गिरोह के चंगुल में फंसे करीब 60 लोग कर चुके हैं आत्महत्या
लोग आसानी से कम लोन लेने के चक्कर में इस गिरोह के झांसे में फंस जाते थे और लोन एप डाउनलोड कर लेते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य एप के जरिए व्यक्ति के मोबाइल में मौजूद कांटेक्ट्स, फोटो आदि को चुरा लेते थे। इसके बाद तस्वीरों में छेड़खानी कर व्यक्ति को ब्लैकमेल करते थे पैसों की वसूली करते थे। एक दावे के मुताबिक इस अपराध के शिकार हुए करीब 60 लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में आत्महत्या कर चुके हैं। कई पीड़ित शर्म के मारे इसलिए आगे नहीं आते थे क्योंकि आरोपी उनकी तस्वीर को आगे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते थे।


पकड़े आरोपियों में ये शामिल

पकड़े गए आरोपियों में विद्यार्थी, टैक्स सलाहकार, वकील, बंद हो चुकी कंपनियों के निदेशक, फर्म, प्रापर्टी डीलर और विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसमें एक चीनी व्यक्ति भी आरोपी है, जिसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है। आरोपियों के खिलाफ जिला अदालत में मुकदमा भी चल रहा है।
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