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बिना बताए शहर छोड़कर जाने पर एक और कांस्टेबल निलंबित
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चंडीगढ़। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने अपने सभी मुलाजिम को शहर छोड़कर दूसरे शहरों में न जाने की हिदायत दी है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। रविवार को एक बार फिर अधिकारियों को बिना बताए रेस्ट के दिन कांस्टेबल मुकेश कुमार शहर के बाहर चला गया। इसके बाद एसएसपी नीलांबरी जगदले के आदेशों के बाद कांस्टेबल मुकेश कुमार को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर में तैनात कांस्टेबल मुकेश कुमार अधिकारियों से बिना परमिशन लिए एक युवती को शिमला (हिमाचल प्रदेश) स्थित उसके गांव छोड़ने जा रहा था। कांस्टेबल मुकेश चोरी-छिपे युवती को कंडाघाट तक लेकर पहुंच गया। बताया गया कि इस दौरान बस स्टैंड की ओर लगे नाके को देखकर कांस्टेबल ने युवती को पीछे उतारकर बाइक को सोलन की तरफ मोड़ लिया। नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने देख लिया। इसके बाद उन्होंने बाइक का कुछ दूर पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि उसके पास शहर छोड़ने का परमिशन पास नहीं है। इसके बाद कंडाघाट पुलिस ने कांस्टेबल मुकेश कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 व 269 के तहत मामला दर्ज कर 14 दिन के लिए कंडाघाट में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया है। इसकी सूचना जब चंडीगढ़ पुलिस को मिली तो एसएसपी नीलांबरी जगदले ने सख्त कार्रवाई करते हुए मुकेश कुमार को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया है।
पहले भी हुआ था ऐसा मामला
कुछ ऐसा ही मामला वीरवार को भी सामने आया था, जहां सेक्टर 36 थाने में तैनात कांस्टेबल राम अवतार बिना बताए नारनौल स्थित अपने गांव पहुंच गया। इसके बाद गांव वालों ने उन्हें खांसी और बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती करवा दिया। जब यह बात चंडीगढ़ पुलिस को मिली तो विभाग ने लाइन हाजिर कर उसे निलंबित कर दिया था।
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इमरजेंसी में कोई भी मुलाजिम नहीं छोड़ेगा शहर
हाल ही में पुलिस विभाग ने एक आर्डर जारी किया था, जिसमें सभी पुलिसकर्मियों को कहा गया कि कोरोना के चलते शहर में कर्फ्यू लगा है। ऐसे में कोई भी मुलाजिम छुट्टी होने पर बिना बताए शहर से बाहर नहीं जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि इमरजेंसी के वक्त किसी को भी ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है।
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चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर में तैनात कांस्टेबल मुकेश कुमार अधिकारियों से बिना परमिशन लिए एक युवती को शिमला (हिमाचल प्रदेश) स्थित उसके गांव छोड़ने जा रहा था। कांस्टेबल मुकेश चोरी-छिपे युवती को कंडाघाट तक लेकर पहुंच गया। बताया गया कि इस दौरान बस स्टैंड की ओर लगे नाके को देखकर कांस्टेबल ने युवती को पीछे उतारकर बाइक को सोलन की तरफ मोड़ लिया। नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने देख लिया। इसके बाद उन्होंने बाइक का कुछ दूर पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि उसके पास शहर छोड़ने का परमिशन पास नहीं है। इसके बाद कंडाघाट पुलिस ने कांस्टेबल मुकेश कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 व 269 के तहत मामला दर्ज कर 14 दिन के लिए कंडाघाट में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया है। इसकी सूचना जब चंडीगढ़ पुलिस को मिली तो एसएसपी नीलांबरी जगदले ने सख्त कार्रवाई करते हुए मुकेश कुमार को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया है।
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पहले भी हुआ था ऐसा मामला
कुछ ऐसा ही मामला वीरवार को भी सामने आया था, जहां सेक्टर 36 थाने में तैनात कांस्टेबल राम अवतार बिना बताए नारनौल स्थित अपने गांव पहुंच गया। इसके बाद गांव वालों ने उन्हें खांसी और बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती करवा दिया। जब यह बात चंडीगढ़ पुलिस को मिली तो विभाग ने लाइन हाजिर कर उसे निलंबित कर दिया था।
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इमरजेंसी में कोई भी मुलाजिम नहीं छोड़ेगा शहर
हाल ही में पुलिस विभाग ने एक आर्डर जारी किया था, जिसमें सभी पुलिसकर्मियों को कहा गया कि कोरोना के चलते शहर में कर्फ्यू लगा है। ऐसे में कोई भी मुलाजिम छुट्टी होने पर बिना बताए शहर से बाहर नहीं जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि इमरजेंसी के वक्त किसी को भी ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है।