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Chandigarh News: ओपीएस की मांग पर 26 सितंबर को प्रदेश भर में प्रदर्शन का एलान

Sat, 21 Sep 2024 08:14 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:14 PM IST
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Announcement of demonstration across the state on 26th September on the demand of OPS.
चंडीगढ़। ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लाइज फेडरेशन ने ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) की मांग को लेकर 26 सितंबर को प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की तरफ घोषित यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को कर्मचारियों के साथ धोखा बताया है।
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फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा बताया, कर्मचारियों की तरफ कभी भी नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में संशोधन की मांग नहीं की गई है। वे हमेशा से पुरानी पेंशन बहाली की मांग करते आए हैं।
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तीनों में अंतर

ओपीएस स्कीम
- कर्मचारी का कोई अंशदान नहीं कटता।
- सरकार का भी कोई अंशदान नहीं कटता।
- कर्मचारी के कटने वाली जीपीएफ की राशि पर सरकार का नियंत्रण, जिसे वह विकास कार्यों में खर्च कर सकती हैं।
- अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी।
- रिटायरमेंट पर आयु के फार्मूले के अनुसार पेंशन कम्युटेशन (अग्रिम) लेने की सुविधा।
- पेंशनधारी को मेडिकल की सुविधा।
- 80 साल उम्र में 20 प्रतिशत और 100 साल की उम्र में 100 प्रतिशत बेसिक पेंशन में बढ़ोतरी की सुविधा।
- पे रिवीजन के बाद पेंशन रिवीजन की सुविधा।
- कर्मियों की तरह महंगाई राहत की सुविधा।

यूपीएस
- कर्मचारी के मूल वेतन का दस प्रतिशत कटौती।
- कर्मचारी के मूल वेतन क 18.5 प्रतिशत सरकार का हिस्सा रहेगा।
- कर्मचारी व सरकारी शेयर यानी 28.5 प्रतिशत राशि पर सरकार का नहीं बल्कि कॉरपोरेट के हवाले होगा।
- अंतिम 12 माह औसतन वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी।
- अग्रिम पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है।
- कोई मेडिकल की सुविधा नहीं है।
- पेंशन रिवीजन की कोई सुविधा नहीं है।

एनपीएस
- कर्मचारी के मूल वेतन का दस प्रतिशत कटौती।
- कर्मचारी के मूल वेतन का 14 प्रतिशत सरकार भुगतान करेगी।
- कर्मचारी व सरकारी शेयर यानी 24 प्रतिशत राशि पर सरकार नहीं बल्कि कॉरपोरेट सेक्टर का नियंत्रण है।
- पेंशन की कोई गारंटी नहीं। शेयर बाजार पर निर्भर।
- अग्रिम पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है।
- मेडिकल की कोई सुविधा नहीं है।
- पेंशन रिवीजन का कोई प्रावधान नहीं है।
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