{"_id":"697920cc84692e07240c8f5a","slug":"anita-goyal-became-emotional-after-seeing-her-great-grandfathers-clothes-saying-i-felt-like-hugging-him-chandigarh-news-c-16-pkl1079-933865-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: परदादा के कपड़े देखकर भावुक हुईं अनीता गोयल, कहा-ऐसा लगा उनसे लिपट जाऊं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: परदादा के कपड़े देखकर भावुक हुईं अनीता गोयल, कहा-ऐसा लगा उनसे लिपट जाऊं
विज्ञापन
चंडीगढ़। लाला लाजपत राय की 161वीं जयंती के अवसर पर उनकी स्मृतियों से जुड़ी दुर्लभ धरोहरें आम लोगों के दर्शन के लिए रखी जा रही हैं। इस दौरान भावुक पल उस समय देखने को मिले, जब लाला लाजपत राय की परपोती और सर्वेंट ऑफ द पीपल सोसाइटी, चंडीगढ़ शाखा की चेयरपर्सन अनीता गोयल ने पहली बार अपने परदादा के कपड़े और किताबें देखीं। अनीता गोयल ने कहा कि जब उन्होंने लालाजी के कपड़ों और पुस्तकों को देखा तो भावनाएं उमड़ पड़ीं। ऐसा लगा मानो लालाजी सामने खड़े हों और उनसे लिपट जाने का मन कर रहा हो।
उन्होंने बताया कि चेयरपर्सन बनने के बाद पहली बार उन्हें लालाजी की निजी वस्तुओं के सेक्शन में ले जाया गया। कुर्ता-पायजामा देखकर ऐसा महसूस हुआ मानो लालाजी उसी परिधान में सजीव खड़े हों। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि वह ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी की वंशज हैं, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
सेक्टर-15 स्थित लाला लाजपत राय भवन में बुधवार को उनकी 161वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर उनके द्वारा स्थापित द्वारकादास लाइब्रेरी में दो दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में लाला लाजपत राय के कुर्ता-पायजामा, अचकन, खेस और चादर के साथ-साथ उनकी लिखी और पढ़ी गई करीब 30 पुस्तकें प्रदर्शित की जा रही हैं। इसके अलावा गोपाल कृष्ण गोखले को लिखी गई उनकी चिट्ठी और उनके द्वारा शुरू किए गए समाचार पत्र ‘द पीपल्स’ की प्रति भी प्रदर्शनी का हिस्सा है।
विज्ञापन
द्वारकादास लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन अल्का ने बताया कि लालाजी से जुड़ी वस्तुएं अत्यंत पुरानी और ऐतिहासिक हैं। इन्हें विशेष रसायनों से संरक्षित कर शीशे के बॉक्स में रखा जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां लालाजी के जीवन और योगदान से परिचित हो सकें।
जयंती के अवसर पर लाला लाजपत राय भवन में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया है, जिसमें त्वचा, दंत, आयुर्वेद, जनरल फिजिशियन और फिजियोथेरेपी की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि चेयरपर्सन बनने के बाद पहली बार उन्हें लालाजी की निजी वस्तुओं के सेक्शन में ले जाया गया। कुर्ता-पायजामा देखकर ऐसा महसूस हुआ मानो लालाजी उसी परिधान में सजीव खड़े हों। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि वह ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी की वंशज हैं, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
विज्ञापन
सेक्टर-15 स्थित लाला लाजपत राय भवन में बुधवार को उनकी 161वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर उनके द्वारा स्थापित द्वारकादास लाइब्रेरी में दो दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में लाला लाजपत राय के कुर्ता-पायजामा, अचकन, खेस और चादर के साथ-साथ उनकी लिखी और पढ़ी गई करीब 30 पुस्तकें प्रदर्शित की जा रही हैं। इसके अलावा गोपाल कृष्ण गोखले को लिखी गई उनकी चिट्ठी और उनके द्वारा शुरू किए गए समाचार पत्र ‘द पीपल्स’ की प्रति भी प्रदर्शनी का हिस्सा है।
विज्ञापन
द्वारकादास लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन अल्का ने बताया कि लालाजी से जुड़ी वस्तुएं अत्यंत पुरानी और ऐतिहासिक हैं। इन्हें विशेष रसायनों से संरक्षित कर शीशे के बॉक्स में रखा जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां लालाजी के जीवन और योगदान से परिचित हो सकें।
जयंती के अवसर पर लाला लाजपत राय भवन में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया है, जिसमें त्वचा, दंत, आयुर्वेद, जनरल फिजिशियन और फिजियोथेरेपी की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।