मंत्री बनते ही खोली हेल्थ महकमे की पोल
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंत्रालय संभालते ही अफसरशाही से जवाब-तलब किया है। बुधवार को सचिवालय में विज ने विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई।
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव नवराज संधू ने बताया कि कौन से महकमे में क्या चल रहा है। इसी बीच विज ने अधिकारियों से सीधे संवाद शुरू कर दिया।
अफसरों से उनके विभागों की उपलब्धियां जानने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे खुद अस्पतालों का दौरा करके आए हैं। प्रदेशभर के अस्पतालों का बुरा हाल है। एक बेड पर दो-दो मरीज कराह रहे हैं।
अस्पताल मंदिर की तरह साफ होने चाहिए, लेकिन नाक पर रुमाल रखे बिना वहां पर घुसा नहीं जा सकता है। उन्होंने अफसरों को साफ-साफ चेतावनी दी कि फाइलों में काम करना छोड़ें। फील्ड का दौरा कर समस्याओं का हल करें।
खेल अधिकारी को भी किया जवाब-तलब
खेल एवं युवा मामले के प्रधान सचिव अमित झा ने बताया कि विभाग बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करता है। खेलों में मेडल हमारी उपलब्धि है, यह सुनते ही विज ने कहा कि मेडल जीत कर तो ला रहे हैं। मेडल लगातार आते रहे हैं, लेकिन उसके लिए विभाग की तरफ से किया क्या जा रहा है।
खेलों के कोच न होने के साथ-साथ स्टेडियम खस्ताहाल हैं। खिलाड़ियों के आगे भी मेडल जीतने और लाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
अनिल विज ने कहा कि इलाज से पहले डॉयग्नोसिस की तरह हमने स्वास्थ्य विभाग का डॉयग्नोस शुरू कर दिया है। मर्ज समझ में आते ही इलाज का हल कर देंगे।
अभी तक 10 साल से प्रदेश की सरकार सोई हुई थी। अफसरों और मुलाजिमों में काम करने की आदत खत्म हो गई है। अब हम सिखाएंगे कि वर्क कल्चर किसे कहते हैं।