सिखों के विवाह पंजीकरण में चौंकाने वाला खुलासा
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पंजाब में सिखों के विवाह पंजीकरण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हैरानगी की बात ये हैं कि सिखों की नगरी में अभी तक आनंद मैरिज (अमेंडमेंट) एक्ट-2012 लागू नहीं हो पाया है।
प्रदेश में पिछले साल से सभी शादियां पंजाब कंप्लसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिजेस एक्ट-2012 के तहत रजिस्टर हो रही हैं। इस एक्ट में आनंद मैरिज एक्ट-1909, हिंदू मैरिज एक्ट, इंडियन क्रिश्चियन मैरिज एक्ट, मुस्लिम पर्सनल लॉ और अन्य परंपराओं व पर्सनल लॉ के मुताबिक होने वाली शादियां कवर होती हैं।
हालांकि, इस एक्ट के तहत आनंद मैरिज एक्ट-1909 (7 ऑफ 1909) को कवर किया गया है, लेकिन संसद द्वारा पारित सिखों की शादियों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित कानून आनंद मैरिज (अमेंडमेंट) एक्ट-2012 का कोई जिक्र इसमें नहीं है।
नियम व शर्तों की स्टडी शुरू
स्पष्ट है कि आनंद मैरिज (अमेंडमेंट) एक्ट-2012 के अस्तित्व में आने के दो साल बाद भी पंजाब सरकार इससे संबंधित नियम व शर्तें तय नहीं कर पाई है।
वहीं, पंजाब कंप्लसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिजिस एक्ट-2012 के तहत रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बावजूद तकनीकी रूप से प्रदेश में इस वक्त भी सिखों की शादियां आनंद मैरिज (अमेंडमेंट) एक्ट-2012 के नियमों के तहत रजिस्टर नहीं हो रही हैं।
बुधवार को हरियाणा द्वारा सिखों के विवाह आनंद मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर किए जाने संबंधी जारी की गई अधिसूचना के बाद वीरवार को पंजाब सरकार की नींद खुली है। सूत्रों के मुताबिक, अफसरशाही में खलबली मची और हरियाणा से अधिसूचना की प्रति लेने के बाद, इससे संबंधित नियम व शर्तों की स्टडी शुरू की गई।
क्या कहता है आनंद मैरिज (अमेंडमेंट) एक्ट-2012
कोट्स
‘आनंद मैरिज (अमेंडमेंट) एक्ट-2012 से संबंधित नियम व शर्तें तय करने के लिए काम शुरू हो चुका है। पंजाब कंप्लसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिजिस एक्ट-2012 और आनंद मैरिज (अमेंडमेंट) एक्ट-2012 के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद जल्द ही संबंधित नए नियम तय कर दिए जाएंगे।’
-एसएस चन्नी, प्रमुख सचिव गृह विभाग पंजाब