PGI Research: दिमाग पर भी दबाव डालता है एनीमिया, छिन सकती है आंखों की रोशनी; महिलाओं में दिक्कत ज्यादा
शोध में शामिल किए गए 64.6 मरीजों में एनीमिया का स्तर कम था। इससे यह साबित होता है कि एनीमिया के कारण इडियोपैथिक इंट्राक्रैनील हाइपरटेंशन की घटना बढ़ जाती हैं। वहीं, ये आंखों की रोशनी छीन सकता है।
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एनीमिया सिर्फ शरीर को ही कमजोर नहीं करता बल्कि इसके कारण दिमाग की नसों पर दबाव बढ़ सकता है। इस दबाव के कारण आंखों की रोशनी तक जा सकती है। इसकी पुष्टि पीजीआई न्यूरोलॉजी और न्यूरोऑप्थल्मोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने मरीजों पर शोध के परिणाम में की है।
शोध में शामिल मरीजों में पाया गया कि महिलाओं में यह समस्या पुरुषों से ज्यादा है। वहीं, जिन मरीजों में इस बीमारी का स्तर ज्यादा गंभीर पाया गया उनकी आंखों की रोशनी ज्यादा प्रभावित थी। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि महिलाएं खासतौर पर खानपान में आयरन रिज डाइट को प्रधानता दें जिससे इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।
इस शोध को न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख व पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल के मार्गदर्शन में डॉ. आस्था, डॉ. कार्तिक विनय महेश, डॉ. बसव राज, डॉ. चेतन ने मिलकर किया है। डॉ. आस्था ने बताया कि इस शोध में 65 मरीजों को शामिल किया गया था। उनकी औसत आयु 34 वर्ष थी। मरीजों में महिलाओं की संख्या 93.8 प्रतिशत था। अधिकतर की आयु 20-40 वर्ष के बीच थी। उस समय उनमें से सिरदर्द (100%) था, इसके बाद 55.4% में दृष्टि का धुंधलापन, 56.3% में टिनिटस और 29.2% में दोहरी दृष्टि थी। जबकि 90.8 प्रतिशत मोटापे के शिकार पाए गए। उनमें से 21.5 प्रतिशत ने कुछ ही दिनों में वेट गेन किया था। शोध में शामिल 69.2 प्रतिशत डब्ल्यूएचओ के द्वारा जारी एनीमिया के मानकों के अनुसार ग्रस्त पाए गए। इसमें महिलाएं 68.7 प्रतिशत और पुरुष 25 प्रतिशत थे।
एनीमिया वालों में दबाव ज्यादा मिला
डॉ. आस्था ने बताया कि एनीमिया रहित समूह की तुलना में एनीमिया वाले समूह में मस्तिष्कमेरु द्रव का दबाव (मस्तिष्क के अंदर तरल पदार्थ का दबाव) अधिक था। वहीं, एनीमिया से पीड़ित रोगियों में एनीमिया रहित रोगियों (60%) की तुलना में खराब समग्र दृश्य परिणाम (75%) देखा गया। इसके साथ ही ज्यादा एनीमिया वाले मरीजों में कम एनीमिया वालों की तुलना में आवश्यकता ज्यादा नजर आई। बता दें कि शोध में 64.6 मरीजों में एनीमिया का स्तर कम था। इससे यह साबित होता है कि एनीमिया के कारण इडियोपैथिक इंट्राक्रैनील हाइपरटेंशन की घटना बढ़ जाती हैं। वहीं, ये आंखों की रोशनी छीन सकता है।
आप भी जान लें ये मर्ज
इडियोपैथिक इंट्राक्रैनील हाइपरटेंशन तब होता है जब मस्तिष्क के चारों ओर उच्च दबाव दृष्टि परिवर्तन और सिरदर्द जैसे लक्षण पैदा करता है। इडियोपैथिक का अर्थ है कारण ज्ञात नहीं है। इंट्राक्रैनील का अर्थ है खोपड़ी में और हाइपरटेंशन का अर्थ है उच्च दबाव। यह मर्ज तब होता है जब बहुत अधिक मस्तिष्क मेरु द्रव्य मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास का द्रव्य खोपड़ी में जमा हो जाता है। यह मस्तिष्क और आपकी आंख के पीछे की तंत्रिका पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिसे ऑप्टिक तंत्रिका कहा जाता है।
ये लक्षण हैं मुख्य
सिरदर्द
टिनिटस (कानों में बजना)
अस्थायी अंधापन
दोहरी दृष्टि
अंधे धब्बे
गर्दन और कंधे में दर्द
परिधीय (पार्श्व) दृष्टि हानि
शोध में 65 मरीजों को किया शामिल
20-40 वर्ष के बीच अधिकांश की आयु
100% मरीजों में उस समय था सिरदर्द
55.4% में दृष्टि का धुंधलापन
56.3% में टिनिटस
29.2% में दोहरी दृष्टि
90.8 प्रतिशत मोटापे के शिकार