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Chandigarh News: भारत-जर्मनी के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए फ्रैंकफर्ट में हुई अहम बैठक
Thu, 09 Oct 2025 10:17 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Oct 2025 10:17 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल अंडरटेकिंग्स (सीआईसीयू) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों से मुलाकात कर भारत-जर्मनी के बीच आर्थिक सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान को नए स्तर पर ले जाने की रणनीति तय की।
इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने और नई तकनीकों के साझा उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। सीआईसीयू के 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के उपाध्यक्ष दिदारजीत सिंह लोटे ने किया। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र, विशेषकर पंजाब के उद्योगों को जर्मन बाजार से जोड़ने के लिए ठोस कदमों पर चर्चा की। इस अवसर पर भारतीय वाणिज्य दूतावास के काउंसिल भूपेन्द्र निखुरपा ने दोनों देशों के उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करने की दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
-औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना: दोनों पक्षों ने संयुक्त उद्यमों और तकनीकी साझेदारी के ऐसे ढांचे तैयार करने पर विचार किया, जिनसे जर्मनी की उन्नत तकनीक भारत के उत्पादन क्षेत्र तक पहुंच सके और भारतीय उद्योगों की गुणवत्ता व प्रतिस्पर्धा क्षमता में सुधार हो।
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-बाजार तक पहुंच आसान बनाना: भारतीय निर्मित उत्पादों को जर्मनी के प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रवेश दिलाने के लिए व्यावहारिक उपायों पर भी विचार हुआ। इस दौरान काउंसिल निखुरपा ने कहा कि वाणिज्य दूतावास भारतीय निर्यातकों को व्यापारिक नियमों की जानकारी देने और जर्मन कंपनियों से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
-ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान: बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि उद्योग-विशिष्ट यात्राओं और ज्ञान-साझा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, जिससे भारतीय उद्योगपति जर्मनी की इंजीनियरिंग, ऑटोमेशन और सतत उत्पादन पद्धतियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें।
दिदारजीत सिंह लोटे ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल निर्यात बढ़ाना नहीं है। बैठक के अंत में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भरोसा दिलाया कि उसका वाणिज्य प्रकोष्ठ भारतीय उद्योगों और उद्यमियों को जर्मनी में व्यापारिक अवसरों से जोड़ने के लिए सेतु का कार्य करेगा।
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लुधियाना। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल अंडरटेकिंग्स (सीआईसीयू) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों से मुलाकात कर भारत-जर्मनी के बीच आर्थिक सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान को नए स्तर पर ले जाने की रणनीति तय की।
इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने और नई तकनीकों के साझा उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। सीआईसीयू के 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के उपाध्यक्ष दिदारजीत सिंह लोटे ने किया। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र, विशेषकर पंजाब के उद्योगों को जर्मन बाजार से जोड़ने के लिए ठोस कदमों पर चर्चा की। इस अवसर पर भारतीय वाणिज्य दूतावास के काउंसिल भूपेन्द्र निखुरपा ने दोनों देशों के उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करने की दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
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-औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना: दोनों पक्षों ने संयुक्त उद्यमों और तकनीकी साझेदारी के ऐसे ढांचे तैयार करने पर विचार किया, जिनसे जर्मनी की उन्नत तकनीक भारत के उत्पादन क्षेत्र तक पहुंच सके और भारतीय उद्योगों की गुणवत्ता व प्रतिस्पर्धा क्षमता में सुधार हो।
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-बाजार तक पहुंच आसान बनाना: भारतीय निर्मित उत्पादों को जर्मनी के प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रवेश दिलाने के लिए व्यावहारिक उपायों पर भी विचार हुआ। इस दौरान काउंसिल निखुरपा ने कहा कि वाणिज्य दूतावास भारतीय निर्यातकों को व्यापारिक नियमों की जानकारी देने और जर्मन कंपनियों से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
-ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान: बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि उद्योग-विशिष्ट यात्राओं और ज्ञान-साझा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, जिससे भारतीय उद्योगपति जर्मनी की इंजीनियरिंग, ऑटोमेशन और सतत उत्पादन पद्धतियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें।
दिदारजीत सिंह लोटे ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल निर्यात बढ़ाना नहीं है। बैठक के अंत में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भरोसा दिलाया कि उसका वाणिज्य प्रकोष्ठ भारतीय उद्योगों और उद्यमियों को जर्मनी में व्यापारिक अवसरों से जोड़ने के लिए सेतु का कार्य करेगा।