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Chandigarh News: देश को विकसित बनाने के लिए स्कूलों में रिसर्च और इनोवेशन का माहौल जरूरी

Tue, 12 Dec 2023 12:51 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Dec 2023 12:51 PM IST
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An environment of research and innovation is necessary in schools to make the country developed.
चंडीगढ़। साल 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अभी से नई पीढ़ी को तैयार करना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि स्कूलों व विश्वविद्यालयों में रिसर्च और इनोवेशन का माहौल बनाया जाए। यह बात सेक्टर-6 स्थित पंजाब राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय विकसित भारत 2047: वॉयस ऑफ यूथ कार्यक्रम में शिक्षाविदों ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर चर्चा के दौरान कही।
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पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में 40 से अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपति, स्कूल व कॉलेज से 300 से अधिक प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे। बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि केंद्र सरकार का देश की आजादी के 100वें वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना है। इसके लिए एक महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी एजेंडा तैयार करने की जरूरत है। सशक्त भारत विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में पीयू की कुलपति प्रो. रेणु विग, पीजीआई निदेशक डॉ. विवेक लाल, आईसर मोहाली निदेशक प्रो. जय गौरी शंकर, आईआईटी रोपड़ निदेशक प्रो. राजीव आहूजा और पेक निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया शामिल रहे।
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प्रो. जय गौरी शंकर ने बुढ़ापे की ओर अग्रसर होती देश की युवा पीढ़ी पर गौर करने की बात कही। आज देश में युवाओं की संख्या बच्चे-बूढ़ों से अधिक है लेकिन आने वाले समय में इसी पीढ़ी की निर्भरता अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ेगी। देश को विकसित बनाने के लिए तीन बिंदुओं पर काम होना जरूरी है। देश के बजट में उच्च शिक्षा पर तीन प्रतिशत खर्च हो रहा है, इसे दोगुना करने की जरूरत है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ स्कूली शिक्षा में अधिक निवेश करना होगा। डॉ. सेतिया ने कहा कि शिक्षा व उद्योग को साथ लाने की जरूरत है।
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सेमीकंडक्टर उद्योग भविष्य के लिए महत्वपूर्ण
प्रो. राजीव आहूजा ने कहा कि सभी आईआईटी से हर साल 15 हजार इंजीनियर तैयार हो रहे हैं और बाकी अन्य संस्थानों से हैं। वहीं, अन्य संस्थानों में भी पढ़ाई के स्तर को बढ़ाने की जरूरत है। भविष्य में सेमीकंडक्टर और जहाज निर्माण उद्योग का बहुत स्कोप है। उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर और कौशलयुक्त इंजीनियरों की जरूरत होगी, इसलिए जरूरी है कि शिक्षा की नींव स्कूल से मजबूत की जाए और सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर शिक्षा मिले।
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