फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   An athlete of punjab sitting on hunger strike at singhu border

किसान आंदोलन में डटा एथलीट, तीस दिन से भूख हड़ताल पर बैठे बेटे के गम में मां ने भी छोड़ा अन्न 

Mon, 04 Jan 2021 12:08 PM IST
निवेदिता वर्मा दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर (पंजाब)
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 04 Jan 2021 12:08 PM IST
विज्ञापन
An athlete of punjab sitting on hunger strike at singhu border
धरने पर बैठे जगतार सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

नए कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर डटे किसानों में जीरकपुर के अंतरराष्ट्रीय एथलीट जगतार सिंह भी शामिल हैं। लगभग 30 दिन पहले उन्होंने सिंघु बॉर्डर पर भूख हड़ताल शुरू की थी। यह बात जब उनकी मां को पता चली तो उन्होंने भी अन्न छोड़ दिया। लगातार भूखी रहने के कारण बुजुर्ग मां की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 

विज्ञापन


मां के लबों पर जगतार का ही नाम था। परिजनों ने वीडियो कॉल कर मां की हालत दिखाई तो दोस्तों के साथ जगतार सिंह अस्पताल पहुंचे। बेटे का चेहरा देख मां की हालत में सुधार है। वहीं शरीर में कमजोरी के कारण डॉक्टरों ने जगतार सिंह को भी अस्पताल में भर्ती कर लिया। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - किसान आंदोलनः जनसमर्थन के लिए अब जम्मू का रुख, मध्यप्रदेश-गुजरात पर भी नजर 
विज्ञापन
विज्ञापन


जगतार सिंह ने बताया कि वह 13 नवंबर से सिंघु बॉर्डर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार भूखे रहने के कारण उनका 23 किलो वजन कम हो गया है। जगतार ने बताया कि वह किसान आंदोलन में जाने पहले ओलंपिक की तैयारी में जुटे थे। जगतार वेट लिफ्टिंग करते हैं और अब तक कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में हिस्सा ले चुके हैं। 

मां की हालत सुधरते ही फिर आंदोलन में डटना है
जगतार सिंह ने कहा कि मां की तबीयत में सुधार होते ही चार या पांच जनवरी से वह किसान आंदोलन में दोबारा भूख हड़ताल पर बैठेंगे। जब तक केंद्र सरकार किसानों की मांगें नहीं मान लेती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। जगतार ने पंजाब के सभी युवा किसानों से अपील की है, जो लोग अब तक आंदोलन से दूर हैं, वह भी अब इसे मजबूत करने के लिए आगे आएं।


यह भी पढ़ें - पंजाब : संगरूर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा का विरोध करने पहुंचे किसानों पर लाठीचार्ज 

दोस्तों के कहने पर मां से मिलने आया जगतार
जगतार सिंह की बुजुर्ग मां 2 जनवरी से बीमार थीं। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। मां की पल पल की खबर मोबाइल के जरिए बेटे तक पहुंचती रही। रविवार सुबह डॉक्टरों के कहने पर उनके कुछ दोस्त सिंघु बार्डर पहुंचे और जगतार सिंह को मां से मिलाने के लिए लेकर आए। 

तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए
जगतार सिंह ढींढसा ने बताया कि वह मूल रूप से पंजाब के संगरूर का रहने वाला है। उसकी 35 एकड़ जमीन है, जहां उसका परिवार खेती करता है। उनका कहना है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए क्योंकि ये किसानों के हित में नहीं हैं और कृषि के निजीकरण को प्रोत्साहन देने वाले हैं। इनसे कॉरपोरेट घरानों को फायदा होगा, किसानों को नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed