अमृतसर ट्रेन हादसाः पंजाब के सीएम ने दिए न्यायिक जांच के निर्देश, रेलवे ने नहीं मानी चूक
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दूसरी तरफ रेलवे की ओर से रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा जांच से इनकार किया गया है और कहा है कि यह कोई रेल दुर्घटना नहीं बल्कि रेल पटरियों पर अनधिकृत प्रवेश का एक मामला है।
अमृतसर रेल हादसे पर मायावती ने दुख जताया
बसपा अध्यक्ष मायावती ने पंजाब के अमृतसर में हुए दर्दनाक रेल हादसे में 61 लोगों की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया और मामले की जांच करके दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की बात कही। मायावती ने ने कहा कि बिना पूर्व अनुमति के इस प्रकार के आयोजनों पर सख्ती से तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना न हो।
सुखबीर सिंह बादल बोले...
हादसा बेहद दर्दनाक है। सरकार को इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए, ऐसा करना अक्षम्य है। हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे और हालातों का जायजा लिया।
नवजोत कौर सिद्धू ने फिर दी सफाई, बोलीं...
धोबी घाट पर बैठने के लिए काफी जगह थी। रावण को भी बेहद सुरक्षित तरीके से बांधा गया था। उसके गिरने का कोई चांस नहीं था। किसी भी तरह से भगदड़ का माहौल नहीं था। काफी खुली जगह थी। लोगों को बैठने के लिए कई बार कहा गया, मंच से दो से तीन बार घोषणा भी कराई गई थी।
There were vacant seats at Dhobi Ghat ground. Ravan was tied securely & there were no chances of it falling down & creating chaos. There was no stampede. Announcements were made 4-5 times asking people to come inside Dhobi Ghat ground: Navjot Kaur Sidhu on #AmritsarTrainAccident pic.twitter.com/SMeeKeGTkg
— ANI (@ANI) October 20, 2018
घायलों से मिलने के बाद बोले मुख्यमंत्री...
अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह हादसे पर दुख जताया और तुरंत पीड़ित परिवारों के लिए तीन करोड़ का फंड जारी करने के आदेश दे दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वक्त एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने और एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का नहीं है। नवजोत सिद्धू के बयान का गलत मतलब न निकालें। जांच कमेटी गठित कर दी गई है, चार हफ्ते में जांच की रिपोर्ट मांगी गई है। जांच होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।
Punjab CM Capt Amarinder Singh visits Amandeep Hospital in Amritsar where injured have been admitted after the #AmritsarTrainAccident yesterday. pic.twitter.com/T6oNamqjLd
— ANI (@ANI) October 20, 2018
We are ordering a magisterial inquiry into the incident under the police commissioner who will submit a report in 4 weeks: Punjab CM Captain Amarinder Singh #AmritsarTrainAccident pic.twitter.com/vy9DSD4Pso
— ANI (@ANI) October 20, 2018
13 साल के बेटे का शव लेकर हाइवे पर बैठे परिजन
अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे में 13 साल के एक लड़के की मौत हो गई। आज सवेरे परिजन उसका शव लेकर अमृतसर-जालंधर हाइवे पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वे लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
#Punjab: Family of 13-year-old boy who died in #AmritsarTrainAccident yesterday, protests with his body at Amritsar-Jalandhar highway, demands compensation pic.twitter.com/PiyiSdakzy
— ANI (@ANI) October 20, 2018
रेल राज्यमंत्री एम सिन्हा ने दी सफाई, बोले...
लोगों को रेलवे फाटक या ट्रैक के नजदीक इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से बचना चाहिए। भविष्य में ऐसा न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। रेलवे ड्राइवरों को विशेष निर्देश देता है कि उन्हें ट्रेन कहां पर स्लो रखनी चाहिए। वहां पर एक मोड़ था, जो ड्राइवर को नजर नहीं आया। ऐसे में हमें क्या कार्रवाई करनी चाहिए, ट्रेन स्पीड से ही दौड़ती हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने जताया शोकPpl should restrain from organising such events near tracks in future.Drivers are given specific instructions on where to slow down.There was a curve, driver couldn't have seen it.About what should we order an inquiry?Trains travel in speed only: M Sinha on #AmritsarTrainAccident pic.twitter.com/5s1PMrZCHV
— ANI (@ANI) October 20, 2018
अमृतसर ट्रेन हादसा देखकर पूरी दुनिया के लोग सदमे में हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर ने भी शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि पंजाब में हुआ ट्रेन हादसा बेहद दर्दनाक है। मारे गए लोगों के परिजनों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है। मैं दुआ करुंगा कि भगवान उन्हें इस मुश्किल वक्त का सामना करने की हिम्मत दे।
I offer my deepest sympathies over tragic consequences of an accident on railways in Punjab. I ask to convey my words of sympathy&support to families & friends of killed people & to wish soonest recovery to those injured: Russia President Vladimir Putin on #AmritsarTrainAccident pic.twitter.com/h3MlcB786t
— ANI (@ANI) October 20, 2018
अमृतसर पहुंचे सीएम, एयरपोर्ट पर अधिकारियों के साथ की बैठक
हादसे के 16 घंटे बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अमृतसर पहुंचे और घटनास्थल पर जाने से पहले एयरपोर्ट पर ही मंत्रियों से मंत्रणा की। पूरे हादसे की रिपोर्ट ली, साथ ही हर संभव व्यवस्था और इंतजाम करने के निर्देश दिए।
दशहरा कार्यक्रम को लेकर रेलवे के पास सूचना नहीं#AmritsarTrainAccident: Punjab CM Captain Amarinder Singh being briefed by the Crisis Management Group on relief and rehabilitation measures, in Amritsar pic.twitter.com/4xttCYB5pt
— ANI (@ANI) October 20, 2018
अमृतसर रेल हादसे पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने एक बयान में कहा कि रेलवे पटरियों के निकट हो रहे दशहरा कार्यक्रम के बारे में विभाग को सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह हादसा दो स्टेशनों-अमृतसर एंव मनावाला के बीच हुई न कि रेलवे फाटक पर।
अमृतसर हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात
रेल दुर्घटना की जगह पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को पंजाब पुलिस के कमांडो और त्वरित कार्यबल के जवानों की तैनाती की गई। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह आज दिन में घटनास्थल का दौरा करेंगे। उन्होंने इस त्रासद ट्रेन हादसे की जांच के आदेश दिए। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिऐ हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सात लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है
अमृतसर ट्रेन हादसे में घायल लोगों को अमृतसर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, सात लोगों की हालत अभी तक गंभीर बनी हुई है। कई मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। 29 शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है।
ड्राइवर ने ट्रेन रोकने की कोशिश की थी
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी कहते हैं कि ड्राइवर ने ट्रैक पर लोगों को देखकर ट्रेन रोकने की कोशिश की थी। उसने ट्रेन की स्पीड भी कम कर दी थी, लेकिन ट्रेन रुक नहीं सकी। क्योंकि इतनी स्पीड से आ रही ट्रेन को रुकने के लिए टाइम और स्पेस दोनों चाहिए। अगर ड्राइवर इमरजेंसी ब्रेक लगाता तो वह पलट जाती और फिर कई सारे लोगों की जान चली जाती।
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ट्रेन के ड्राइवर ने दर्ज कराए बयान
अमृतसर ट्रेन हादसे में मौत की ट्रेन बनी हावड़ा मेल के ड्राइवर जगवीर सिंह ने बयान दर्ज कराए। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर डीटीएम (डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर) ऐ एस सलारिया की निगरानी में उसके बयान दर्ज किए गए, लेकिन ड्राइवर ने कैमरे के सामने बोलने से इनकार करते हुए कहा कि हादसा हावड़ा मेल से नहीं हुआ है, दूसरी ट्रेन से हुआ है। रेलवे विभाग की तरफ से जांच की रही है।
37 ट्रेनें निरस्त, 16 का बदला रास्ता
रेल हादसे के आलोक में रेलवे ने शनिवार को वहां से गुजरने वाली 37 रेलगाड़ियों को निरस्त कर दिया है, जबकि 16 अन्य का मार्ग परिवर्तित कर दिया है। इसके साथ ही जालंधर-अमृतसर रेलमार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि 10 मेल/एक्सप्रेस और 27 पैसेंजर रेलगाड़ियों को निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा 16 अन्य गाड़ियों को दूसरे मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जबकि 18 ट्रेनों को बीच में ही रोक कर उनकी यात्रा समाप्त कर दी गई है।
8 trains have been cancelled, 5 trains diverted, 10 trains short-terminated and 5 trains short-originated today following #AmritsarTrainAccident between Amritsar & Manawala yesterday.
— ANI (@ANI) October 20, 2018
Due to #AmritsarTrainAccident on Amritsar-Manawala section, 10 Mail Express trains&27 passenger trains cancelled, 16 trains diverted, 10 Mail Express trains & 2 passenger trains short terminated and 6 Mail Express trains short originated,
— ANI (@ANI) October 20, 2018
नवजोत सिद्धू घायलों से मिलने को पहुंचे
अमृतसर ट्रेन हादसे में घायलों से मिलने के लिए शनिवार सुबह मंत्री नवजोत सिद्धू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए यह वक्त बेहद मुश्किल है। सभी को मिल जुलकर इस मुसीबत का सामना करना होगा। यह एक हादसा था, जिसने पंजाब को कभी न भूल सकने वाला दर्द दे दिया।
It was a sad and an unfortunate incident. It is necessary to understand that it was an accident. There has been negligence but it was never intentional or motivated: Punjab Minister Navjot Singh Sidhu at Civil Hospital on #AmritsarTrainAccident pic.twitter.com/qIvQkWF1m5
— ANI (@ANI) October 20, 2018
घायलों की मदद के लिए आगे आया आरएसएस...
संघ के स्वंयसेवक अस्पताल में मौजूद हैं. किसी भी तरह की मदद के लिए सम्पर्क करें-
— Mohan Bhagwat (@MohanBhagwat_) October 20, 2018
▪राजीव जी [सिविल अस्पताल के लिए]
9888143996
▪साजन जी [सिविल अस्पताल के लिए]
9417427329
▪रघु जी [गुरू नानक अस्पताल के लिए]
7888539839
▪सुरिन्दर जी [गुरू नानक अस्पताल के लिए] 6280298022#Amritsar
हादसे में 'रावण' की भी जान गई
अमृतसर ट्रेन हादसे में उस शख्स की मौत भी हो गई है, जो रावण का किरदार निभा रहा था। बताया जा रहा है कि वह अपना पाठ करने के बाद ट्रैक पर आ गया था और लोगों से मिल रहा था। लोग उसके साथ फोटो क्लिक करा रहे थे, कि अचानक ट्रेन आ गई और उसकी भी जान चली गई।
#Amritsar: Dalbir Singh (pic 1), who played the role of Ravan in a Ramlila in the city during Dussehra celebrations, died in #AmritsarTrainAccident, yesterday. His mother (pic 3) says, "I appeal to the govt to provide a job to my daughter-in law. She also has a 8-month old baby." pic.twitter.com/MFDHVhwf4G
— ANI (@ANI) October 20, 2018
61 लोगों की मौत हो गई, 70 से ज्यादा घायल
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जौड़ा बाजार फाटक के पास दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन के वक्त शुक्रवार शाम 6.45 बजे मैदान में भारी भीड़ के कारण लोग पास ही रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। इसी दौरान जालंधर-अमृतसर डेमू ट्रेन आ गई। पटाखों के शोर से लोग हॉर्न नहीं सुन पाए और ट्रेन उन्हें रौंदती हुई गुजर गई। मृतकों में बच्चे, महिलाएं व 16 से 19 साल के युवा भी हैं।
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चश्मदीद सन्नी ने बताया, हादसे के पहले जौड़ा फाटक से अन्य दो ट्रेनें भी गुजरीं, तब लोग ट्रैक से हट गए। इसके बाद जब रावण जल रहा था, तब डेमू ट्रेन 74943 गुजरी। लोग पटाखों की आवाज के कारण हॉर्न नहीं सुन पाए और बचने का मौका भी नहीं मिला। रेलवे इतिहास में ऐसा भीषण हादसा कभी नहीं हुआ। घटनास्थल पर 150 मीटर तक शव बिखर गए।
रेलवे और प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
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रेलवे के पीआरओ ने कहा कि घटना करीब शाम 6:40 के आस-पास की है। हादसा अमृतसर और मानावाला स्टेशन के पास की है। पटाखे की आवाज की हड़बड़ी में काफी लोग ट्रैक पर आ पहुंचे और जालंधर से अमृतसर जा रही ट्रेन की चपेट में आ गई।
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हेल्पलाइन नंबर- मानावाला स्टेशन
रेलवे - 73325
बीएसएनएल - 0183-2440024
पवार केबिन अमृतसर रेलवे - 72820
बीएसएनएल - 0183-2402927
फिरोजपुर कमर्शियल कंट्रोल - 01632-1072
जांच के लिए बनेगी कमेटी
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अमृतसर के एक रेल अधिकारी के मुताबिक रेलवे फाटक जोड़ा के पास गोल्डन एवेन्यू के खुले मैदान में दशहरा समारोह मनाया जा रहा था। मैदान खचाखच भरा था। इनमें ज्यादातर मजदूर थे। जैसे ही पुतलों का दहन किया गया, पटाखे दागे जाने लगे, राकेट जैसे पटाखे लोगों की तरफ हुए और आग के सेक से लोग ट्रैक की तरफ दौड़े। इसी दौरान घटनास्थल से हावड़ा-अमृतसर (12054) ट्रेन गुजर चुकी थी।
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अंधेरा होने के कारण लोगों को दूसरी ट्रेन के बारे में पता नहीं चला। उसी समय वहां पर जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन डीएमयू (74643) ट्रेन गुजरी। ट्रैक पर कई लोग खड़े थे, जिन्हें ट्रेन कुचलते हुए गुजर गई। इसके बाद गुस्साए लोगों ने घटनास्थल पर रेलवे की एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन पर हमला बोल दिया और ट्रेन के शीशे तोड़ दिए।
ट्रेन में रेलवे के डाक्टर और अधिकारी सवार थे। रेल अधिकारी ट्रेन को वहां से वापस अमृतसर ले गए। रेल अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली से सीआरबी अश्वनी लोहानी और जीएम विश्वेष चौबे दिल्ली से स्पेशल ट्रेन के जरिए अमृतसर के लिए रवाना हो चुके हैं।
प्रशासन की लापरवाही से हुआ हादसा
पांच-पांच लाख का मुआवजा सीएम ने इस्राइल दौरा टाला
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। इस बीच, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना इस्राइल दौरा टाल दिया। शनिवार सुबह सीएम घटनास्थल का दौरा कर अस्पताल में घायलों से मिलेंगे।
पटना हादसे की दिला दी याद
अमृतसर हादसे ने चार साल पहले बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में हुए हादसे की याद दिला दी। 3 अक्तूबर, 2014 को पटना के गांधी मैदान में रावण दहन के बाद हुई भगदड़ में 33 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 27 महिलाएं और पांच पुरुष थे।
एसजीपीसी करेगी हादसे के घायलों का निशुल्क इलाज
लोंगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी इस रेल हादसे के मृतकों के परिवारों के दुख में शरीक है और घायलों के साथ भी संवेदना व्यक्त करती है। उन्होंने इस रेल हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि श्री गुरु रामदास चैरिटेबल अस्पताल में घायलों के मुफ्त इलाज की प्रबंध कर दिया गया है और उनके इलाज पर जितना भी खर्च आएगा, वह एसजीपीसी द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज की एंबुलेंस भेजी गईं है और इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं को तुरंत शुरू करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए सभी पुख्ता प्रबंध कर दिए गए हैं।
नवजोत कौर सिद्धू पर फूटा लोगों का गुस्सा... बोले 45 मिनट देरी से पहुंचीं सिद्धू
चिकित्सक बनकर इलाज किया...
घायलों का हाल जानने पंहुची नवजोत कौर सिद्धू घायल लोगों का उपचार करने लगी। नवजौत कौर पेशे से एक डॉक्टर भी हैं। डा. नवजोत कौर सिद्धू ने बताया कि वह दशहरा दहन के 6 कार्यक्रमों में गई थी। मुझे जोड़ा फाटक स्थित धोबी घाट में जिस समय पर बुलाया था, मैं उसी समय पर वहां पहुंच गई थी। मैं जब कार्यक्रम से जा चुकी थी तो मुझे 10 मिनट बाद इस घटना की जानकारी मिली। मेरे वहां होते हुए कोई घटना नहीं हुई। हमारा पहला फर्ज लोगों की जान बचाना है। अगर किसी को मेरे खून की जरूरत पड़ी तो वे देने के लिए कतराएंगी नहीं। यह उनका अपना घर है और उनको इस घटना का काफी दर्द है।
जोशी का आरोप- हादसा होते ही भाग गईं नवजोत
जोशी ने पूरे मामले की जांच राज्य से बाहर किसी एजेंसी से कराए जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नवजोत कौर सिद्धू झूठ बोल रही है कि उनके वहां रहने तक हादसा नहीं हुआ था। जोशी ने कहा कि सभी जानते हैं कि हादसा होते ही नवजोत सिद्धू वहां से भाग खड़ी हुई। इस हड़बड़ी में उनकी चप्पल भी टूट गई। जोशी ने प्रदेश कांग्रेस से मांग की कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ पर्चा दर्ज किया जाए और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू को तुरंत बर्खास्त करें।
केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना और पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने रेल हादसे पर दुख जताते हुए अमृतसर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं। साथ ही भाजपा नेताओं ने कहा कि इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं नवजोत कौर सिद्धू ने इस घटनाक्रम के दौरान असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नवजोत कौर ने पीड़ितों की मदद करने के बजाय वहां से भागना सही समझा।
राजकीय शोक का एलान, सभी कार्यालय व शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद
स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के नेतृत्व में बनाए इस ग्रुप में राजस्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरंजीत सिंह चन्नी के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। स्थिति का आकलन और निपटान करने के लिए टीम दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई है।
राज्यपाल बदनौर ने हादसे पर गहरा दुख जताया
पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अमृतसर में दुखद हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें लगभग 61 लोग मारे गए हैं। शुक्रवार को जारी एक बयान में, राज्यपाल ने हादसे को सबसे दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया। राज्यपाल ने डीजीपी और जिला प्रशासन से भी त्रासदी की घड़ी में पीड़ितों को हर तरह की राहत और सहायता प्रदान करने को कहा है। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है।