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अमृतसर ट्रेन हादसाः पंजाब के सीएम ने दिए न्यायिक जांच के निर्देश, रेलवे ने नहीं मानी चूक

Sun, 21 Oct 2018 01:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 21 Oct 2018 01:14 AM IST
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Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
कैप्टन अमरिंदर सिंह
अमृतसर में हुई रेल दुर्घटना की न्यायिक जांच के आदेश पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तो दे दिये हैं लेकिन रेलवे ने किसी जांच से इनकार किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि ट्रेन हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच की जाएगी और रिपोर्ट चार सप्ताह में सौंपी जाएगी। जालंधर के मंडल आयुक्त को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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दूसरी तरफ रेलवे की ओर से रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा जांच से इनकार किया गया है और कहा है कि यह कोई रेल दुर्घटना नहीं बल्कि रेल पटरियों पर अनधिकृत प्रवेश का एक मामला है।
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अमृतसर रेल हादसे पर मायावती ने दुख जताया

बसपा अध्यक्ष मायावती ने पंजाब के अमृतसर में हुए दर्दनाक रेल हादसे में 61 लोगों की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया और मामले की जांच करके दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की बात कही। मायावती ने ने कहा कि बिना पूर्व अनुमति के इस प्रकार के आयोजनों पर सख्ती से तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना न हो।
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सुखबीर सिंह बादल बोले...
हादसा बेहद दर्दनाक है। सरकार को इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए, ऐसा करना अक्षम्य है। हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे और हालातों का जायजा लिया।

नवजोत कौर सिद्धू ने फिर दी सफाई, बोलीं...

धोबी घाट पर बैठने के लिए काफी जगह थी। रावण को भी बेहद सुरक्षित तरीके से बांधा गया था। उसके गिरने का कोई चांस नहीं था। किसी भी तरह से भगदड़ का माहौल नहीं था। काफी खुली जगह थी। लोगों को बैठने के लिए कई बार कहा गया, मंच से दो से तीन बार घोषणा भी कराई गई थी।
घायलों से मिलने के बाद बोले मुख्यमंत्री...

अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह हादसे पर दुख जताया और तुरंत पीड़ित परिवारों के लिए तीन करोड़ का फंड जारी करने के आदेश दे दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वक्त एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने और एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का नहीं है। नवजोत सिद्धू के बयान का गलत मतलब न निकालें। जांच कमेटी गठित कर दी गई है, चार हफ्ते में जांच की रिपोर्ट मांगी गई है। जांच होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।
 

13 साल के बेटे का शव लेकर हाइवे पर बैठे परिजन

अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे में 13 साल के एक लड़के की मौत हो गई। आज सवेरे परिजन उसका शव लेकर अमृतसर-जालंधर हाइवे पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वे लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
 
रेल राज्यमंत्री एम सिन्हा ने दी सफाई, बोले...
लोगों को रेलवे फाटक या ट्रैक के नजदीक इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से बचना चाहिए। भविष्य में ऐसा न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। रेलवे ड्राइवरों को विशेष निर्देश देता है कि उन्हें ट्रेन कहां पर स्लो रखनी चाहिए। वहां पर एक मोड़ था, जो ड्राइवर को नजर नहीं आया। ऐसे में हमें क्या कार्रवाई करनी चाहिए, ट्रेन स्पीड से ही दौड़ती हैं।
  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने जताया शोक

अमृतसर ट्रेन हादसा देखकर पूरी दुनिया के लोग सदमे में हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर ने भी शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि पंजाब में हुआ ट्रेन हादसा बेहद दर्दनाक है। मारे गए लोगों के परिजनों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है। मैं दुआ करुंगा कि भगवान उन्हें इस मुश्किल वक्त का सामना करने की हिम्मत दे।
 
अमृतसर पहुंचे सीएम, एयरपोर्ट पर अधिकारियों के साथ की बैठक
हादसे के 16 घंटे बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अमृतसर पहुंचे और घटनास्थल पर जाने से पहले एयरपोर्ट पर ही मंत्रियों से मंत्रणा की। पूरे हादसे की रिपोर्ट ली, साथ ही हर संभव व्यवस्था और इंतजाम करने के निर्देश दिए।
  दशहरा कार्यक्रम को लेकर रेलवे के पास सूचना नहीं

अमृतसर रेल हादसे पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने एक बयान में कहा कि रेलवे पटरियों के निकट हो रहे दशहरा कार्यक्रम के बारे में विभाग को सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह हादसा दो स्टेशनों-अमृतसर एंव मनावाला के बीच हुई न कि रेलवे फाटक पर।

अमृतसर हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात
रेल दुर्घटना की जगह पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को पंजाब पुलिस के कमांडो और त्वरित कार्यबल के जवानों की तैनाती की गई। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह आज दिन में घटनास्थल का दौरा करेंगे। उन्होंने इस त्रासद ट्रेन हादसे की जांच के आदेश दिए। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिऐ हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सात लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है
अमृतसर ट्रेन हादसे में घायल लोगों को अमृतसर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, सात लोगों की हालत अभी तक गंभीर बनी हुई है। कई मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। 29 शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है।

ड्राइवर ने ट्रेन रोकने की कोशिश की थी

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी कहते हैं कि ड्राइवर ने ट्रैक पर लोगों को देखकर ट्रेन रोकने की कोशिश की थी। उसने ट्रेन की स्पीड भी कम कर दी थी, लेकिन ट्रेन रुक नहीं सकी। क्योंकि इतनी स्पीड से आ रही ट्रेन को रुकने के लिए टाइम और स्पेस दोनों चाहिए। अगर ड्राइवर इमरजेंसी ब्रेक लगाता तो वह पलट जाती और फिर कई सारे लोगों की जान चली जाती।

यह भी पढ़ें: अमृतसर ट्रेन हादसाः 'रावण' भी कुचले गए ट्रेन से, राम-लक्ष्मण को तैयार करके ट्रैक पर आ गए थे

ट्रेन के ड्राइवर ने दर्ज कराए बयान
अमृतसर ट्रेन हादसे में मौत की ट्रेन बनी हावड़ा मेल के ड्राइवर जगवीर सिंह ने बयान दर्ज कराए। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर डीटीएम (डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर) ऐ एस सलारिया की निगरानी में उसके बयान दर्ज किए गए, लेकिन ड्राइवर ने कैमरे के सामने बोलने से इनकार करते हुए कहा कि हादसा हावड़ा मेल से नहीं हुआ है, दूसरी ट्रेन से हुआ है। रेलवे विभाग की तरफ से जांच की रही है।

37 ट्रेनें निरस्त, 16 का बदला रास्ता
रेल हादसे के आलोक में रेलवे ने शनिवार को वहां से गुजरने वाली 37 रेलगाड़ियों को निरस्त कर दिया है, जबकि 16 अन्य का मार्ग परिवर्तित कर दिया है। इसके साथ ही जालंधर-अमृतसर रेलमार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि 10 मेल/एक्सप्रेस और 27 पैसेंजर रेलगाड़ियों को निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा 16 अन्य गाड़ियों को दूसरे मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जबकि 18 ट्रेनों को बीच में ही रोक कर उनकी यात्रा समाप्त कर दी गई है।
 
नवजोत सिद्धू घायलों से मिलने को पहुंचे

अमृतसर ट्रेन हादसे में घायलों से मिलने के लिए शनिवार सुबह मंत्री नवजोत सिद्धू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए यह वक्त बेहद मुश्किल है। सभी को मिल जुलकर इस मुसीबत का सामना करना होगा। यह एक हादसा था, जिसने पंजाब को कभी न भूल सकने वाला दर्द दे दिया।
 
घायलों की मदद के लिए आगे आया आरएसएस...
 
हादसे में 'रावण' की भी जान गई

अमृतसर ट्रेन हादसे में उस शख्स की मौत भी हो गई है, जो रावण का किरदार निभा रहा था। बताया जा रहा है कि वह अपना पाठ करने के बाद ट्रैक पर आ गया था और लोगों से मिल रहा था। लोग उसके साथ फोटो क्लिक करा रहे थे, कि अचानक ट्रेन आ गई और उसकी भी जान चली गई।
 
 

61 लोगों की मौत हो गई, 70 से ज्यादा घायल

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
Amritsar rail accident
19 अक्तूबर 2018 का दिन, दशहरे का त्योहार और जश्न का माहौल, पर उस समय मातम छा गया, जब पंजाब के अमृतसर में ट्रैक पर खड़े होकर जलते रावण को देख रहे लोगों को ट्रेन रौंदकर गुजर गई। पल भर में 59 लोगों की मौत हो गई, 70 से ज्यादा घायल हो गए। भयावह मंजर पसर गया और देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई।

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जौड़ा बाजार फाटक के पास दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन के वक्त शुक्रवार शाम 6.45 बजे मैदान में भारी भीड़ के कारण लोग पास ही रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। इसी दौरान जालंधर-अमृतसर डेमू ट्रेन आ गई। पटाखों के शोर से लोग हॉर्न नहीं सुन पाए और ट्रेन उन्हें रौंदती हुई गुजर गई। मृतकों में बच्चे, महिलाएं व 16 से 19 साल के युवा भी हैं।

यह भी पढ़ें: अमृतसर हादसा: प्रशासन की इन छह लापरवाहियों ने छीन ली 61 जिंदगियां, ऐसे हुआ हादसा

चश्मदीद सन्नी ने बताया, हादसे के पहले जौड़ा फाटक से अन्य दो ट्रेनें भी गुजरीं, तब लोग ट्रैक से हट गए। इसके बाद जब रावण जल रहा था, तब डेमू ट्रेन 74943 गुजरी। लोग पटाखों की आवाज के कारण हॉर्न नहीं सुन पाए और बचने का मौका भी नहीं मिला। रेलवे इतिहास में ऐसा भीषण हादसा कभी नहीं हुआ। घटनास्थल पर 150 मीटर तक शव बिखर गए।

रेलवे और प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
TRAIN
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन भी घटनास्थल पर पहुंचे। रेलवे का कहना है कि हादसे के वक्त फाटक बंद था। हादसा फाटक से कुछ दूरी पर हुआ है। रेलवे और प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। हादसे से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए इन 0183-2223171, 0182-2564485 पर संपर्क किया जा सकता है।

यहा भी देखें: Pics: दो ट्रेनों की आवाजाही के बीच हुआ अमृतसर रेल हादसा, हर तरफ बिखर गए शव

रेलवे के पीआरओ ने कहा कि घटना करीब शाम 6:40 के आस-पास की है। हादसा अमृतसर और मानावाला स्टेशन के पास की है। पटाखे की आवाज की हड़बड़ी में काफी लोग ट्रैक पर आ पहुंचे और जालंधर से अमृतसर जा रही ट्रेन की चपेट में आ गई।

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हेल्पलाइन नंबर- मानावाला स्टेशन
  रेलवे -               73325
बीएसएनएल   - 0183-2440024
पवार केबिन अमृतसर रेलवे   - 72820
बीएसएनएल -    0183-2402927
फिरोजपुर कमर्शियल कंट्रोल -  01632-1072

जांच के लिए बनेगी कमेटी

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
अमृतसर हादसा
अमृतसर के जोड़ा रेलवे फाटक के पास हुए ट्रेन हादसे में घायल हुए लोगों को अमृतसर के विभिन्न अस्पतालों में दाखिल करवाया गया है। रेल डिवीजन फिरोजपुर के एडीआरएम नरेश वर्मा ने बताया कि रेल हादसे में कितने लोग मरे हैं, यह स्पष्ट नहीं है। वह अमृतसर जा रहे हैं। मौके पर पहुंच कर ही मरने वालों की सही जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल उक्त सेक्शन पर कोई ट्रेन नहीं चलाई जाएगी। हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित होगी।

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अमृतसर के एक रेल अधिकारी के मुताबिक रेलवे फाटक जोड़ा के पास गोल्डन एवेन्यू के खुले मैदान में दशहरा समारोह मनाया जा रहा था। मैदान खचाखच भरा था। इनमें ज्यादातर मजदूर थे। जैसे ही पुतलों का दहन किया गया, पटाखे दागे जाने लगे, राकेट जैसे पटाखे लोगों की तरफ हुए और आग के सेक से लोग ट्रैक की तरफ दौड़े। इसी दौरान घटनास्थल से हावड़ा-अमृतसर (12054) ट्रेन गुजर चुकी थी।

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अंधेरा होने के कारण लोगों को दूसरी ट्रेन के बारे में पता नहीं चला। उसी समय वहां पर जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन डीएमयू (74643) ट्रेन गुजरी। ट्रैक पर कई लोग खड़े थे, जिन्हें ट्रेन कुचलते हुए गुजर गई। इसके बाद गुस्साए लोगों ने घटनास्थल पर रेलवे की एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन पर हमला बोल दिया और ट्रेन के शीशे तोड़ दिए।

ट्रेन में रेलवे के डाक्टर और अधिकारी सवार थे। रेल अधिकारी ट्रेन को वहां से वापस अमृतसर ले गए। रेल अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली से सीआरबी अश्वनी लोहानी और जीएम विश्वेष चौबे  दिल्ली से स्पेशल ट्रेन के जरिए अमृतसर के लिए रवाना हो चुके हैं।

प्रशासन की लापरवाही से हुआ हादसा

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
अमृतसर में हादसा
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। अव्वल तो यहां पर कार्यक्रम केआयोजन की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी और दी भी थी तो उचित सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए थे। रेलवे को भी इस बाबत सूचित नहीं किया गया। जिसके कारण ट्रेन स्पीड के साथ भीड़ को कुचलती हुई निकल गई।

पांच-पांच लाख का मुआवजा सीएम ने इस्राइल दौरा टाला
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। इस बीच, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना इस्राइल दौरा टाल दिया। शनिवार सुबह सीएम घटनास्थल का दौरा कर अस्पताल में घायलों से मिलेंगे।

पटना हादसे की दिला दी याद
अमृतसर हादसे ने चार साल पहले बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में हुए हादसे की याद दिला दी। 3 अक्तूबर, 2014 को पटना के गांधी मैदान में रावण दहन के बाद हुई भगदड़ में 33 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 27 महिलाएं और पांच पुरुष थे।

एसजीपीसी करेगी हादसे के घायलों का निशुल्क इलाज

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
Amritsar rail accident - फोटो : ani
अमृतसर के जौड़ा फाटक पर हुए रेल हादसे पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया है।  लोंगोवाल ने एलान किया कि एसजीपीसी रेल हादसे के घायलों का निशुल्क इलाज करेगी। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और मानसिक पीड़ा देने वाला है।

लोंगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी इस रेल हादसे के मृतकों के परिवारों के दुख में शरीक है और घायलों के साथ भी संवेदना व्यक्त करती है। उन्होंने इस रेल हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि श्री गुरु रामदास चैरिटेबल अस्पताल में घायलों के मुफ्त इलाज की प्रबंध कर दिया गया है और उनके इलाज पर जितना भी खर्च आएगा, वह एसजीपीसी द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज की एंबुलेंस भेजी गईं है और इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं को तुरंत शुरू करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए सभी पुख्ता प्रबंध कर दिए गए हैं।

नवजोत कौर सिद्धू पर फूटा लोगों का गुस्सा... बोले 45 मिनट देरी से पहुंचीं सिद्धू

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
Amritsar rail accident - फोटो : ani
नवजौत कौर सिद्धू उस दशहरा समारोह की मुख्य अतिथि थीं, जहां पर यह  रेल हादसा हुआ। स्थानीय लोग नवजोत कौर का विरोध भी कर रहे हैं। चश्मदीदों के अनुसार हादसे के बाद नवजोत कौर तुरंत वहां से रवाना हो गई। इससे आक्रोशित लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की। नारेबाजी करने वालों में साहिल निवासी शरीफपुरा का कहना था कि 6 बजे नवजोत कौर सिद्धू को पहुंचना था लेकिन वह 6.45 पर पहुंची और जब रावण दहण किया तो ट्रेन आ गयी। सिद्धू के खिलाफ सिविल अस्पताल से लेकर रेलवे पटरी पर भी प्रदर्शन किया गया।

चिकित्सक बनकर इलाज किया...
घायलों का हाल जानने पंहुची नवजोत कौर सिद्धू घायल लोगों का उपचार करने लगी। नवजौत कौर पेशे से एक डॉक्टर भी हैं। डा. नवजोत कौर सिद्धू ने बताया कि वह दशहरा दहन के 6 कार्यक्रमों में गई थी। मुझे जोड़ा फाटक स्थित धोबी घाट में जिस समय पर बुलाया था, मैं उसी समय पर वहां पहुंच गई थी। मैं जब कार्यक्रम से जा चुकी थी तो मुझे 10 मिनट बाद इस घटना की जानकारी मिली। मेरे वहां होते हुए कोई घटना नहीं हुई। हमारा पहला फर्ज लोगों की जान बचाना है। अगर किसी को मेरे खून की जरूरत पड़ी तो वे देने के लिए कतराएंगी नहीं। यह उनका अपना घर है और उनको इस घटना का काफी दर्द है।

जोशी का आरोप- हादसा होते ही भाग गईं नवजोत

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
Amritsar rail accident - फोटो : ani
पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने अमृतसर हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि जोड़ा फाटक के पास दशहरे के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी और कांग्रेस ने अपनी मर्जी से यह आयोजन रेल पटरियों के पास किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू मुख्य अतिथि थी। जिनके देरी से पहुंचने के कारण समारोह बहुत देर तक रुका रहा और रावण दहन के समय तक काफी अंधेरा हो चुका था।

जोशी ने पूरे मामले की जांच राज्य से बाहर किसी एजेंसी से कराए जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नवजोत कौर सिद्धू झूठ बोल रही है कि उनके वहां रहने तक हादसा नहीं हुआ था। जोशी ने कहा कि सभी जानते हैं कि हादसा होते ही नवजोत सिद्धू वहां से भाग खड़ी हुई। इस हड़बड़ी में उनकी चप्पल भी टूट गई। जोशी ने प्रदेश कांग्रेस से मांग की कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ पर्चा दर्ज किया जाए और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू को तुरंत बर्खास्त करें।

केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना और पंजाब के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने रेल हादसे पर दुख जताते हुए अमृतसर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं। साथ ही भाजपा नेताओं ने कहा कि इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं नवजोत कौर सिद्धू ने इस घटनाक्रम के दौरान असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नवजोत कौर ने पीड़ितों की मदद करने के बजाय वहां से भागना सही समझा।

राजकीय शोक का एलान, सभी कार्यालय व शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद

Amritsar Train Accident on Dussehra 2018
Amritsar rail accident - फोटो : ani
पंजाब सरकार ने अमृतसर में हुए रेल हादसे को राजकीय शोक घोषित किया है। शनिवार को सभी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री कप्तान अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार रात अमृतसर में हुए दुखद रेल हादसे के चलते राहत व पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए एक आपदा प्रबंधन समूह की स्थापना की।

स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के नेतृत्व में बनाए इस ग्रुप में राजस्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरंजीत सिंह चन्नी के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। स्थिति का आकलन और निपटान करने के लिए टीम दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई है।

राज्यपाल बदनौर ने हादसे पर गहरा दुख जताया
पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अमृतसर में दुखद हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें लगभग 61 लोग मारे गए हैं। शुक्रवार को जारी एक बयान में, राज्यपाल ने हादसे को सबसे दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया। राज्यपाल ने डीजीपी और जिला प्रशासन से भी त्रासदी की घड़ी में पीड़ितों को हर तरह की राहत और सहायता प्रदान करने को कहा है। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है।

 
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