Amritpal Singh: 12 दिन से अमृतपाल की तलाश, 15 बार बदली लोकेशन, 10 फोटो और छह वीडियो भी आ चुके सामने
18 मार्च को अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के लिए मोगा के कमालके में नाकेबंदी की गई। आठ जिलों के एसएसपी के अलावा दो डीआईजी स्तर के अधिकारी व अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियां लगी रहीं लेकिन अमृतपाल सिंह उनके सामने से निकल गया। तब से उसकी तलाश जारी है।
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'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख अमृतपाल सिंह 18 मार्च से फरार है। इस बीच मोगा के कमालके से लेकर मंगलवार रात को होशियारपुर के मरनाइयां गांव समेत 15 जगह उसकी लोकेशन मिल चुकी है। अभी तक 10 फोटो और छह वीडियो भी सामने आ चुके हैं। इनमें अमृतपाल खुलेआम घूमता दिख रहा है लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियों के हाथ उस तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर अमृतपाल ने वीडियो जारी कर पुलिस को चुनौती दी और कहा कि कोई उसका बाल भी बांका नहीं कर सकता।
वह रोज चुनौती दे रहा है लेकिन पुलिस विभाग का साइबर सेल भी बेबस नजर आ रहा है। साइबर सेल अभी तक न तो यह बता पाया है कि यह वीडियो व फोटो कौन और कहां से जारी कर रहा है। क्या वजह है कि पुलिस अब तक इनके माध्यम से अमृतपाल तक नहीं पहुंच पा रही। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमृतपाल कहां है?
अमृतपाल सिंह 18 मार्च को मोगा के सीमावर्ती इलाके कमालके से फरार हुआ था। इस पूरे ऑपरेशन में पंजाब पुलिस के 80 हजार जवानों के अलावा तमाम राजपत्रित अधिकारी, काउंटर इंटेलिजेंस व खुफिया एजेंसी के अधिकारी बुरी तरह से विफल हुए हैं। उसकी तलाश नौ राज्यों में की जा रही है। उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा पर अमृतपाल के पोस्टर लगाकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। तमाम सीसीटीवी फुटेज मिली लेकिन अमृतपाल सिंह नहीं मिला।
पुलिस को ऐसे छका रहा अमृतपाल
18 मार्च को अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के लिए मोगा के कमालके में नाकेबंदी की गई। आठ जिलों के एसएसपी के अलावा दो डीआईजी स्तर के अधिकारी व अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियां लगी रहीं लेकिन अमृतपाल सिंह उनके सामने से निकल गया। 18 मार्च को ही उसने नंगल अंबियां के गुरुद्वारा साहिब में कपड़े बदले और फिर वहां से बाइक पर निकल गया और महितपुर से निकलकर बिलगा के रास्ते लुधियाना पहुंचा।
वहां से पटियाला चला गया। 18 मार्च को ही अमृतपाल हरियाणा के शाहाबाद पहुंचा। रात भर बलजीत कौर के निवास पर रुका। वहां से 19 मार्च को भाग निकला। 21 मार्च को पूर्वी दिल्ली के रमेश पार्क इलाके में देखा गया। उसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वो बिना पगड़ी के चश्मा पहने चल रहा है, जबकि उसका साथी पपलप्रीत उसके पीछे चल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अमृतपाल, रमेश पार्क इलाके में 21 मार्च को एक महिला के यहां रुका था, जो पपलप्रीत की जानकार है और दोनों की मुलाकात किसान आंदोलन के दौरान हुई थी। 23 मार्च को अमृतपाल सिंह की लोकेशन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मिली। भारत सरकार से लेकर पंजाब के अधिकारी यह कयास लगाने लगे कि अमृतपाल सिंह नेपाल में दाखिल हो चुका है।
नेपाल सरकार को भी इस बारे में लिखित जानकारी दी गई। 25 मार्च को एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसमें अमृतपाल सिंह कथित तौर पर मोबाइल फोन पर बात करते दिखा। 29 मार्च को अमृतपाल सिंह पपलप्रीत सिंह के साथ फगवाड़ा व होशियारपुर में देखा गया। 29 मार्च को अमृतपाल सिंह ने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी।
पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी: डीआईजी
डीआईजी स्वप्न शर्मा का कहना है कि अमृतपाल सिंह बार-बार लोकेशन के साथ हुलिया भी बदल लाहा है। हमारी ट्रैकिंग चल रही है लेकिन वह कुछ समय पहले ही अपनी लोकेशन बदल रहा है। पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।