अमेरिकी लेखिका का दावा- कई देश कर रहे तालिबान की मदद, आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत सबसे आगे
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रक्षा, आतंकवाद और एशियाई क्षेत्र से जुड़े मामलों की जानकार अमरीकी लेखिका डॉ. सी क्रिस्टीन फेयर ने कहा कि आतंकवाद को रोकने के लिए दुनिया को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने दावा किया कि एशियाई क्षेत्र के कुछ मुल्क तालिबान समेत कई आतंकवादी संगठनों की मदद कर रहे हैं, जिसका खामियाजा दुनिया भर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट में रक्षा विशेषज्ञ ‘द तालिबान ऑर कमिंग कॉलिंग’ विषय पर खुलकर अपनी राय रख रहे थे।
ईरान में भारत के राजदूत रह चुके केसी सिंह के साथ विचार-विमर्श करते हुए डॉ. फेयर ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार और फौज में बेहतर तालमेल की कमी तालिबान के उभार का एक कारण है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के पास फौज की बड़ी संख्या आतंकवाद के साथ जुड़ी गतिविधियों की रोकथाम का एकमात्र जरिया नहीं हो सकती, बल्कि आतंकवाद का उभार रोकने के लिए सामूहिक रणनीति की जरूरत है।
आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने वाले देशों में भारत सबसे आगे
रक्षा विशेषज्ञों की बैठक में यह बात भी सामने आई कि एशिया क्षेत्र में तालिबान की मदद करने वाले देशों की अंदरूनी और वित्तीय हालत बहुत बढ़िया नहीं है, क्योंकि आतंकवादियों की मदद के लिए खर्च किया गया पैसा विकास कार्यों पर नहीं लगता। साथ ही अंदरूनी हमलों के लिए कई बार ऐसे आतंकवादी ग्रुप ही जिम्मेदार होते हैं, जिनकी मदद हुकूमत की तरफ से की जाती है।
भारत, पाकिस्तान, ईरान, ईराक, अफगानिस्तान और एशिया के अन्य आतंकवाद प्रभावित देशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के कारण भारत विकासशील देशों की सूची में अग्रणी बनकर उभरा है। इस दौरान रक्षा विशेषज्ञों ने अलग-अलग आतंकवादी संगठनों की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तृत चर्चा की।
अमरीका पर 9/11 के आतंकी हमले पर बात करते हुए डॉ. फेयर ने कहा कि आतंकवादी हमलों के पीछे किसी न किसी ताकत का हाथ जरूर होता है और आतंकवादियों को पैसा मुहैया करवाने वाले देश इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने अमरीका की तरफ से अफगानिस्तान में तालिबान के सफाए के लिए उठाए कदम को उचित बताया।
आतंकी संगठनों का सोशल मीडिया पर प्रचार बेहद खतरनाक
रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि आतंकी संगठनों का सोशल मीडिया पर प्रचार चिंता का बड़ा विषय है, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि आज तालिबान सोशल मीडिया का खूब सहारा लेकर अपना आतंकी एजेंडा आगे बढ़ा रहा है। आतंकवादी संगठन बहुत से संदेश और वीडियो सोशल मीडिया के जरिए ही फैलाते हैं। अमरीका में नई सरकार के गठन के साथ तालिबान संबंधी नीतियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस बारे उन्होंने कहा कि यह भविष्य तय करेगा कि नई अमरीकी सरकार क्या योजना तैयार करती है।