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अमर उजाला असर: किरकिरी हुई तो नगर निगम ने खुद ही लगाया पेड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Nov 2017 09:16 AM IST
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दो विभागों की सीमा रेखा में फंसा है अनुमति का पचड़ा
सेक्टर-8 में गिरे पेड़ को दोबारा लगाने की परमिशन तो नगर निगम ने नहीं दी लेकिन खुद उसे रीप्लांट जरूर कर दिया। असल में अमर उजाला में खबर छपने से हुई किरकिरी से बचने के लिए उसने ऐसा किया। 10 दिन पहले यह पेड़ नंबर 82 गिरा था।
ये था मामला: 10 दिन से गिरा है पेड़, री-प्लांट की मंजूरी देने को तैयार नहीं प्रशासन और निगम
चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा के निर्देश पर बागवानी विभाग ने खुद ही सेक्टर-8 में गिरे पेड़ को री प्लांट कर दिया जबकि इस पेड़ को री प्लांट करने के लिए पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन मंजूरी मांग रहे थे। लेकिन प्रशासन और नगर निगम अपनी अपनी जिम्मेवारी से पीछे हटते हुए मंजूरी देने की बात एक दूसरे पर टाल रहे थे। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अगले ही दिन निगम अफसर हरकत में आ गए।
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चीफ इंजीनियर का कहना है कि गिरे हुए पेड़ को री प्लांट कर दिया गया है। उनका कहना है कि जो भी पेड़ गिरे और अगर वह बच सकता है तो वह री प्लांट हर हालत में होना चाहिए ।इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन कहना है कि ठीक है बेशक उन्हें री प्लांट करने की मंजूरी नहीं दी लेकिन नगर निगम के बागवानी विभाग ने खुद री प्लांट कर दिया है अच्छा है उनका मकसद तो सिर्फ पेड़ को बचाना है।
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ये था मामला: 10 दिन से गिरा है पेड़, री-प्लांट की मंजूरी देने को तैयार नहीं प्रशासन और निगम
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चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा के निर्देश पर बागवानी विभाग ने खुद ही सेक्टर-8 में गिरे पेड़ को री प्लांट कर दिया जबकि इस पेड़ को री प्लांट करने के लिए पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन मंजूरी मांग रहे थे। लेकिन प्रशासन और नगर निगम अपनी अपनी जिम्मेवारी से पीछे हटते हुए मंजूरी देने की बात एक दूसरे पर टाल रहे थे। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अगले ही दिन निगम अफसर हरकत में आ गए।
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चीफ इंजीनियर का कहना है कि गिरे हुए पेड़ को री प्लांट कर दिया गया है। उनका कहना है कि जो भी पेड़ गिरे और अगर वह बच सकता है तो वह री प्लांट हर हालत में होना चाहिए ।इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन कहना है कि ठीक है बेशक उन्हें री प्लांट करने की मंजूरी नहीं दी लेकिन नगर निगम के बागवानी विभाग ने खुद री प्लांट कर दिया है अच्छा है उनका मकसद तो सिर्फ पेड़ को बचाना है।