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बाइक टैक्सी को हरी झंडी, ओला और उबर ने दिखाई दिलचस्पी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 27 May 2017 09:20 AM IST
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बाइक टैक्सी
- फोटो : file photo
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नौजवानों को रोजगार देने का वादा पूरा करने के मकसद से बाइक टैक्सी शुरू करने का एलान किया है। इसे आपणी गड्डी, आपणा रोजगार स्कीम के तहत शुरू किया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि यह स्कीम न सिर्फ रोजगार पैदा करेगी बल्कि नौजवानों को स्व-रोजगार के प्रति प्रोत्साहित करेगी। लोग वहां तक पहुंच सकेंगे, जहां चार पहिया टैक्सी नहीं पहुंच सकतीं।
उबर और ओला ने इस स्कीम में दिलचस्पी दिखाई है, जल्द ही सरकार इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करेगी। ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। मोटरसाइकिल मालिक बाइक टैक्सी के लिए परमिट व लाइसेंस हासिल कर सकेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, पश्चिम बंगाल व हरियाणा में यह सफलतापूर्वक चल रही हैं।
इनसे सड़कों से भीड़ कम होगी और प्रदूषण स्तर भी घटेगा। आपणी गड्डी, आपणा रोजगार स्कीम के तहत एक लाख कॉमर्शियल एलसीवी व अन्य वाहन हर साल नौजवानों को सब्सिडी पर दिए जाएंगे। जिनके लिए कोई जमानत या सरकारी गारंटी नहीं देनी होगी। नौजवान पांच साल में कर्ज का भुगतान कर सकेंगे। सरकार का ओला व उबर के साथ समझौता करने का प्रस्ताव है।
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उबर और ओला ने इस स्कीम में दिलचस्पी दिखाई है, जल्द ही सरकार इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करेगी। ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। मोटरसाइकिल मालिक बाइक टैक्सी के लिए परमिट व लाइसेंस हासिल कर सकेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, पश्चिम बंगाल व हरियाणा में यह सफलतापूर्वक चल रही हैं।
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इनसे सड़कों से भीड़ कम होगी और प्रदूषण स्तर भी घटेगा। आपणी गड्डी, आपणा रोजगार स्कीम के तहत एक लाख कॉमर्शियल एलसीवी व अन्य वाहन हर साल नौजवानों को सब्सिडी पर दिए जाएंगे। जिनके लिए कोई जमानत या सरकारी गारंटी नहीं देनी होगी। नौजवान पांच साल में कर्ज का भुगतान कर सकेंगे। सरकार का ओला व उबर के साथ समझौता करने का प्रस्ताव है।
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