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आइए! पंजीकरण कराएं, कोरोना संकट के बीच कल रक्तदान कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं
Wed, 30 Sep 2020 10:16 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 30 Sep 2020 10:16 AM IST
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Blood Donation
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर कल रक्तदार करके अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का मौका आपको मिल रहा है। अमर उजाला फाउंडेशन व श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से एक अक्तूबर वीरवार को सेक्टर-17 ब्रिज मार्केट व नीलम थियेटर के पास रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
कोरोना व लॉकडाउन की वजह से स्कूल-कालेज बंद होने से अस्पतालों में रक्त की बेहद कमी है। कैंप का आयोजन रक्त की कमी को पूरा करना है। कैंप में सोशल डिस्टेसिंग व सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। शिव कांवड़ महासंघ ने ट्राइसिटी के युवाओं से अपील की है कि रक्तदान कैंप में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
कैंप का आयोजन सुबह दस बजे से शुरू हो जाएगा। नीलम थियेटर के पास पीजीआई की बस खड़ी होगी, इसमें रक्तदाता आराम से बैठकर रक्तदान कर सकते हैं, जबकि ब्रिज मार्केट के पास काउच (आरामदायक कुर्सियां) और मेज लगेंगी। दोनों ही जगह रक्तदान की व्यवस्था होगी। शिव कांवड़ महासंघ का इस साल 108वां कैंप है। कैंप में सोशल डिस्टेसिंग का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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कैंप में लेदर डेन सेक्टर-17 चंडीगढ़, महामाई मनसा देवी चैरिटेबल भंडारा कमेटी, एचडीएफसी, आईएसबीटीआई संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं। रक्त एकत्र करने की जिम्मेदारी पीजीआई के ब्लड बैंक को सौंपी गई है।
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कोरोना व लॉकडाउन की वजह से स्कूल-कालेज बंद होने से अस्पतालों में रक्त की बेहद कमी है। कैंप का आयोजन रक्त की कमी को पूरा करना है। कैंप में सोशल डिस्टेसिंग व सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। शिव कांवड़ महासंघ ने ट्राइसिटी के युवाओं से अपील की है कि रक्तदान कैंप में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
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कैंप का आयोजन सुबह दस बजे से शुरू हो जाएगा। नीलम थियेटर के पास पीजीआई की बस खड़ी होगी, इसमें रक्तदाता आराम से बैठकर रक्तदान कर सकते हैं, जबकि ब्रिज मार्केट के पास काउच (आरामदायक कुर्सियां) और मेज लगेंगी। दोनों ही जगह रक्तदान की व्यवस्था होगी। शिव कांवड़ महासंघ का इस साल 108वां कैंप है। कैंप में सोशल डिस्टेसिंग का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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कैंप में लेदर डेन सेक्टर-17 चंडीगढ़, महामाई मनसा देवी चैरिटेबल भंडारा कमेटी, एचडीएफसी, आईएसबीटीआई संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं। रक्त एकत्र करने की जिम्मेदारी पीजीआई के ब्लड बैंक को सौंपी गई है।
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इन नंबरों पर करा सकते हैं पंजीकरण
एक अक्तूबर को रक्तदान संबंधी कोई जानकारी लेना चाहते हैं या रक्तदान के लिए पंजीकरण करवाना चाहते हैं तो 9872832637 व 9646300549 पर संपर्क कर सकते हैं। शिव कांवड़ संस्था के प्रधान राकेश संगर ने बताया कि नंबर पर पंजीकरण कराने के बाद रक्तदाता को रक्तदान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
रक्तदान के लिए इन बातों का ध्यान रखें
रक्तदान के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- रक्तदान से पहले शराब का सेवन न कर
- रक्तदान से पहले पूछी जाने वाली बीमारियों के बारे में जरूर बताएं
- सुबह का नाश्ता करने के लगभग एक-डेढ़ घंटे के बाद रक्तदान करें
- रक्तदान के बाद दस मिनट तक आराम करें
- अगले एक दिन तक जिम न जाएं
- तीन माह बाद ही दोबारा रक्तदान करें
कोरोना संकट के बीच सुरक्षित है रक्तदान करना
कोरोना वायरस के खौफ के बीच रक्तदान करें या नहीं? क्या ऐसा करने से संक्रमण हो सकता है। ऐसे कई सवाल रक्तदान करने वालों के जेहन में चल रहे हैं। पीजीआई के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुचेत सहदेव ने बताया कि इस समय रक्त की कमी है। लॉकडाउन की वजह से स्कूल, कालेज व अन्य संस्थान बंद रहे हैं, जबकि इन संस्थानों से सबसे ज्यादा डोनर मिलते थे।
कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में भले ही इस रक्त का इस्तेमाल न किया जा रहा हो, लेकिन थैलेसीमिया से पीड़ित, एक्सीडेंट में घायल, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और इमरजेंसी में नवजातों को अब भी इसकी जरूरत है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ, अमेरिकन रेड क्रास सोसाइटी व नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल ने माना है कि सोशल डिस्टेसिंग, मास्क पहनना और हाथों को अच्छी तरह से साफ करते रहने से रक्तदान करना और रक्त चढ़ाना दोनों सुरक्षित है।
रक्तदान प्रक्रिया के दौरान पूरी सावधानी बरती जा रही है। बार-बार कर्मियों के दस्ताने भी बदले जा रहे हैं। चिकित्सीय उपकरणों की सफाई की जा रही है। स्टाफ और रक्तदाता के बीच 6 फीट का दूरी का पालन किया जा रहा है इसलिए रक्तदान करने आए ,क्योंकि रक्तदान करना अच्छा लगता है।
कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में भले ही इस रक्त का इस्तेमाल न किया जा रहा हो, लेकिन थैलेसीमिया से पीड़ित, एक्सीडेंट में घायल, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और इमरजेंसी में नवजातों को अब भी इसकी जरूरत है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ, अमेरिकन रेड क्रास सोसाइटी व नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल ने माना है कि सोशल डिस्टेसिंग, मास्क पहनना और हाथों को अच्छी तरह से साफ करते रहने से रक्तदान करना और रक्त चढ़ाना दोनों सुरक्षित है।
रक्तदान प्रक्रिया के दौरान पूरी सावधानी बरती जा रही है। बार-बार कर्मियों के दस्ताने भी बदले जा रहे हैं। चिकित्सीय उपकरणों की सफाई की जा रही है। स्टाफ और रक्तदाता के बीच 6 फीट का दूरी का पालन किया जा रहा है इसलिए रक्तदान करने आए ,क्योंकि रक्तदान करना अच्छा लगता है।