फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Amar Ujala Campaign Hindi Hain Hum: Expert Told to Promote Hindi language

#हिंदीहैंहमः हिंदी की समृद्धि बहुत जरूरी, तभी होगी देश की तरक्की...एकता के सूत्र में पिरोये रखेगी

Tue, 01 Sep 2020 01:43 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 01 Sep 2020 01:43 PM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Campaign Hindi Hain Hum: Expert Told to Promote Hindi language
Hindi Hai Hum - फोटो : अमर उजाला
हिंदी देश की वह भाषा है जो लोगों को एकता के सूत्र में पिराये हुए है। भाईचारा भी इसके जरिये कायम है। यह भाषा तेजी से सरकारी कार्यालयों में प्रयोग की जा रही है। राज्य सरकारों को भी इस पर ध्यान देना होगा। अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान के चलत विशेषज्ञों ने राय दी कि हिंदी के आगे बढ़ने से देश की तरक्की और होगी, क्योंकि देश में उत्पादित हर माल के बारे में लोगों को इस भाषा के जरिये अधिक से अधिक जानकारी मिल सकेगी। सभी का कहना है कि हिंदी की समृद्धि बहुत जरूरी है। साथ ही सरकारों को भी हिंदी के लिए और रोजगार संचालित करने होंगे।
विज्ञापन


रोजगार के जरिये आगे बढ़ेगी भाषा
हिंदी भाषा बोलने से हर किसी को गर्व महसूस होता है, क्योंकि इस भाषा का जुड़ाव सीधे हिंदुस्तान से है। हिंदी के लिए सरकारें रोजगार के रास्ते निकालें ताकि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सकें। रोजगार के जरिये ही यह भाषा और आगे बढ़ेगी।
विज्ञापन

- मनप्रीत सिंह माहल, पीयू

विद्यार्थियों को मिले विशेष प्रशिक्षण
शिक्षण संस्थानों में हिंदी के विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। साथ ही सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। अधिक से अधिक स्टूडेंट एडमिशन लेंगे तो हिंदी का प्रयोग और बढ़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- जतिन सिंह, पीयू

हिंदी में अवसरों की कमी नहीं

हर भाषा का अपना एक महत्व है लेकिन हिंदी में भी अब अवसरों की कमी नहीं है। आज पूरा सिस्टम बदल गया है। कई नामी कंपनियां हिंदोस्तान में आ रही हैं जिनका लक्ष्य ही हिंदी भाषा बोलने वाले लोगों को कैच करना है। फोन तक में हिंदी भाषा हैं। ऐसे में हमें हिंदी का सम्मान करना चाहिए।
- जगंदबा प्रसाद रतूड़ी, आचार्य

हिंदी दिलों और रिश्तों की भाषा
हिंदी हमारी मातृभाषा है। इस भाषा से हम कोई भी नई भाषा या चीज आसानी से सीख सकते हैं। यह भाषा हमारी दिलों और रिश्तों की भाषा है। इतना ही नहीं इससे हम अपने बच्चों को संस्कार दे सकते हैं।
- पंडित एनके शास्त्री, मोहाली

बोलचाल में हिंदी का प्रयोग करें
हिंदी की बजाय अंग्रेजी पर दिया जा रहा जोर
हमारे देश में हिंदी साहित्य की बजाय अंग्रेजी साहित्य को ज्यादा जोर दिया जाता है। यदि हमें हिंदी को ऊंचा उठाना और ह्द़िी साहित्य को पढ़ना चाहिए। साथ ही जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा बोलचाल की भाषा में हिंदी को लाएं।
- रेखा जिंदल, लेक्चरार

हिंदी हमारी मातृ भाषा है और हमको इसे अपनाना चाहिए। आप जर्मनी जाएं, फ्रांस जाएं या फिर लंदन.. सभी जगह उनकी अपनी भाषाएं ही बोली जाती हैं। हमारे देश में ही ऐसा है कि हम अपनी राष्ट्रभाषा पर ध्यान नहीं देते।
- कुसुम कुमार गुप्ता, मैनेजर, न्य़ू इंडिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed