फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Amar Ujala Campaign Hindi Hain Hum, Expert Said to Promote Hindi Language in Urban Area

#हिंदीहैंहमः ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहा हिंदी के प्रति प्रेम, शहरों में भी मजबूती से लागू होनी चाहिए

Fri, 28 Aug 2020 02:34 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली
अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 28 Aug 2020 02:34 PM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Campaign Hindi Hain Hum, Expert Said  to Promote Hindi Language in Urban Area
हिंदी भाषा के विशेषज्ञ - फोटो : अमर उजाला
हर भाषा का अपना महत्व है, लेकिन हिंदुस्तान में हिंदी का दर्जा अलग है। हिंदी विशेषज्ञ ही इस भाषा को अव्वल नहीं मानते बल्कि अन्य लोग भी गर्व से यह भाषा बोलने लगे हैं। उनमें आत्मविश्वास यह भाषा बढ़ा रही है। यही भाषा प्रेम व भाईचारे का संदेश दे रही है। अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के तहत विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रामीण भारत में इस भाषा के प्रति प्रेम लगातार बढ़ रहा है। शहरी इलाकों में इसे और मजबूती से लागू करना चाहिए। हिंदी विशेषज्ञों की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस भाषा को और आगे ले जाने के लिए कुछ नए शब्दकोष तैयार करें जो सभी को स्वीकार्य हों।
विज्ञापन


हिंदी को आगे ले जाने के लिए संकल्प लें
हिंदी तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसको और आगे ले जाने के लिए संकल्प लेते हुए बेहतर दिशा देनी चाहिए। हिंदी के विशेषज्ञों की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसके लिए मजबूत शब्दकोष तैयार करें और सभी लोग हिंदी का प्रयोग करें।
विज्ञापन

- प्रो. एमसी सिद्धू, बॉटनी विभाग, पीयू

युवा हिंदी पर पकड़ मजबूत करें
अब हिंदी को पद, प्रतिष्ठा व सम्मान से जोड़ा जाने लगा है। यह रोजगार की भाषा बन गई है। केंद्रीय कार्यालय हों या राज्य, अधिकांश जगह हिंदी के विशेषज्ञ रखे जा रहे हैं। युवा हिंदी पर अपनी पकड़ मजबूत करें, नौकरियां इसमें बहुत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रो. देवेंद्र सिंह, लॉ विभाग, पीयू

हिंदी में काम करना आवश्यक

हिंदी का उत्थान अब तभी हो सकता है जब हम हिंदी में काम करने लगेंगे। कई बड़े संस्थानों में हिंदी का प्रयोग किया जाता है, लेकिन अभी भी ज्यादातर काम अंग्रेजी में होता है। हम हिंदी दिवस मनाते हैं और उस दौरान काफी कामकाज हिंदी में हो जाते हैं। यदि यही प्रक्रिया साल भर चले तो बात बन जाएगी।
- नीरू मित्तल, साहित्यकार

स्कूली स्तर से मिले हिंदी को बढ़ावा
हिंदी को बढ़ावा देने के लिए शुरुआत स्कूली स्तर से की जानी चाहिए। इसमें कई माध्यमों से हिंदी को प्रमोट किया जा सकता है। हिंदी के लिए होने वाली प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार दिए जाने चाहिए। इसके साथ ही हिंदी का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करने का प्रयास किया जाना चाहिए।  
- पवन जैन, प्राचार्य, मोरनी

मातृभाषा हिंदी ने सदियों से देश को जोड़ा
हिंदी सिर्फ एक भाषा ही नहीं है, बल्कि हमारी इस मातृभाषा ने देश को सदियों से जोड़ कर रखा है। वर्षों की गुलामी ने हमारी भाषा को अपने ही देश में बेगाना कर दिया है। हिंदी अपनी समृद्घ वर्णमाला के साथ एक वैज्ञानिक भाषा भी है। यह हमारे विचारों को जोड़ती है और सांस्कृतिक रूप से एक साथ रखती है। इसके प्रति अलगाव का भाव रखना अपनी जननी से मुंह मोड़ने जैसा है।
- सर्वजीत सिंह, समाजसेवी

नई शिक्षा नीति से हिंदी को मिलेगा बढ़ावा
दुनियाभर में अनेकों भाषाएं बोली जाती हैं। हर देश अपनी भाषा को लेकर सजग रहता है। इसके जरिये हम अपनी मातृभूमि और संस्कृति से जुड़े रहते हैं। अब नई शिक्षा नीति में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जो सराहनीय कदम है।
- नवेली दास राजपूत, आईटी प्रोफेशनल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed