अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: हजारों लोगों को कोरोना से सुरक्षा चक्र देने के साथ नियमित टीकाकरण ने भी पकड़ी रफ्तार
जो बच्चे गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं कोविड के दौरान उनकी जान बचाने में टीकाकरण की भूमिका अहम है। यह कहना है भारतीय बाल अकादमी की सदस्य डॉ. गुंजन बवेजा का
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कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी शहर में नियमित टीकाकरण अभियान पर विराम नहीं लगा। दो वर्षों के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने हजारों लाभार्थियों को टीके की खुराक लगाई है। इतना ही नहीं पल्स पोलियो अभियान के तहत लक्ष्य से ज्यादा परिणाम हासिल करने का क्रम भी पूर्व की ही भांति जारी है।
महामारी के दौरान अभियान में लगे स्वास्थ्यकर्मियों ने जान की परवाह किए बिना बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा चक्र प्रदान किया। वहीं, विभाग ने कर्मचारियों की बेहतरी के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित कराए जिसके परिणामस्वरूप कोरोना टीकाकरण अभियान को भी बिना रुकावट के संचालित करने में आसानी हो रही है।
टीकाकरण अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि कोरोना टीकाकरण अभियान के शुरुआती दौर में तकनीकी जानकारी के अभाव व सरवर की समस्या से कुछ परेशानी जरूर हुई लेकिन अब आईटी सेल अभियान के प्रत्येक पहलू से अवगत हो चुका है। वहीं, टीकाकरण में लगाए गए कर्मचारियों को भी कोविन पोर्टल से संबंधित प्रत्येक जानकारी है वे केंद्र पर आने वाले लाभार्थियों का मौके पर पंजीकरण कर उनका टीकाकरण कर रहे हैं। इसके अलावा अभियान से जुड़ी पल पल की जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। टीकाकरण से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए हेल्प डेस्क भी बनाया गया है।
गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चे की जान बचाने में टीकाकरण की भूमिका अहम
जो बच्चे गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं कोविड के दौरान उनकी जान बचाने में टीकाकरण की भूमिका अहम है। यह कहना है भारतीय बाल अकादमी की सदस्य डॉ. गुंजन बवेजा का। उन्होंने बताया कि महामारी के शुरुआती दौर में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बच्चों को लेकर अकादमी बेहद चिंतित थी लेकिन टीकाकरण अभियान की शुरुआत ने उस डर को कम करने में मदद की है।
डॉ. गुंजन का कहना है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य की तुलना में कम होती है। संक्रमण के कारण उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है ऐसे में टीके का सुरक्षा चक्र उन बच्चों के संक्रमित होने पर भी उन्हें संक्रमण की गंभीरता से सुरक्षा देने में सहायक साबित हो रहा है इसलिए अभिभावक डर और भ्रम को दरकिनार कर जल्द से जल्द अपने बच्चों को टीका लगवाएं।
पल्स पोलियो अभियान में लगातार नंबर वन
डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान में चंडीगढ़ लगातार लक्ष्य से आगे बढ़कर परिणाम हासिल कर रहा है। अभियान के दौरान रात में चिह्नित किए गए क्षेत्रों में जाकर बच्चों को खुराक देने का क्रम जारी है। इसके साथ ही टीकाकरण में लगे कर्मचारी अपने क्षेत्र की सूची के अनुसार बच्चों को चिह्नित कर उनको खुराक देते हैं जिससे बच्चों के छूटने की आशंका नहीं रहती। नियमित टीकाकरण अभियान के दौरान भी इसी तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
कोविड में नियमित टीकाकरण की रफ्तार ऐसी रही
- वर्ष नियमित टीकाकरण एंटीनेटल टीकाकरण (गर्भवती महिलाओं का)
- 2020-21 86.89 प्रतिशत 81 प्रतिशत
- 2021-22 80 प्रतिशत 69 प्रतिशत
पोलियो का परिणाम
- वर्ष लक्ष्य परिणाम प्रतिशत
- 2020 92911 102749 110.58 प्रतिशत
- 2021 90035 95019 105.53 प्रतिशत
- 2022 92619 97543 105.31 प्रतिशत
कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी अगर नियमित टीकाकरण अभियान बिना बाधा के संचालित की जा रही है तो इसका श्रेय हमारे स्वास्थ्यकर्मियों और टीम को जाता है। उनकी मेहनत के कारण ही नियमित टीकाकरण के साथ कोरोना टीकाकरण को भी सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। -डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य