फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Allegation of illegal detention of minor girl in Dera Sacha Sauda

Haryana: डेरा सच्चा सौदा में नाबालिग लड़की की अवैध हिरासत का आरोप, पिता पहुंचा हाईकोर्ट

Thu, 28 Aug 2025 10:35 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Thu, 28 Aug 2025 10:35 PM IST
सार

डेरा सच्चा सौदा में नाबालिग बच्ची की कथित अवैध हिरासत को लेकर पिता हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने बच्ची की काउंसलिंग पीजीआई चंडीगढ़ से करवाने और रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।

विज्ञापन
Allegation of illegal detention of minor girl in Dera Sacha Sauda
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिरसा डेरा सच्चा सौदा में मां की कथित अवैध हिरासत में नाबालिग बच्ची के होने का आरोप लगाते हुए उसकी काउंसलिंग पीजीआई चंडीगढ़ से करवाने की मांग को लेकर पिता हाईकोर्ट पहुंचा है। हाईकोर्ट ने बच्ची की कस्टडी को लेकर पीजीआई को उसकी काउंसिंलग करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा, काउंसलर बच्ची की काउंसलिंग पूरी करने के बाद रिपोर्ट दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। 

विज्ञापन


पिता करेगा काउंसलिंग का खर्च

जस्टिस सुभाष मेहला ने आदेश में कहा कि काउंसलिंग का शेड्यूल तैयार कर दोनों पक्षों के वकीलों को सूचित किया जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि काउंसलिंग का पूरा खर्च पिता (याचिकाकर्ता) वहन करेंगे। गोवा निवासी पिता साइप्रियानो ब्रिट्टो कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बच्ची को उसकी मां से लेकर याची को सौंपने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। 
विज्ञापन


पिता ने जताई चिंता 

याची ने आरोप लगाया कि बेटी को उसकी मां ने डेरे में अवैध रूप से रोका हुआ है। याचिका लंबित रहने के दौरान बच्ची को आश्रम में न रखा जाए क्योंकि यह कई विवादों और आपराधिक मामलों के लिए बदनाम रहा है। पिता ने अपील की कि बच्ची को योग्य चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से काउंसलिंग दिलाई जाए और उसकी भलाई, भावनात्मक स्थिति और सर्वोत्तम हितों पर विशेषज्ञ रिपोर्ट ली जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


डेरे के कारण बच्ची को स्वतंत्र इच्छा से निर्णय लेने का अवसर नहीं मिला। डेरे की ओर से तर्क दिया गया कि याचिका में संस्था के खिलाफ कोई विशेष आरोप या राहत नहीं मांगी गई है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।

ये भी पढ़ें: दुष्कर्म मामला: पड़ोसी ने पांच साल की बच्ची से किया था दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई 40 साल की कैद
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed