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तीनों नए आपराधिक कानून लागू : पहले दिन चंडीगढ़-पंचकूला में दो-दो और मोहाली में तीन एफआईआर
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चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली। देशभर में सोमवार से लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के तहत चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में पहले दिन कुल 7 केस दर्ज हुए। खास बात रही कि तीनों शहरों में पहली एफआईआर चोरी की दर्ज हुई। चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र थाने में प्लॉट से सामान, पंचकूला के सेक्टर-14 थाने में ई-रिक्शा से बैटरी और मोहाली के फेज-1 थाने में वाहन चोरी का केस दर्ज किया गया।
नए आपराधिक कानूनों के तहत पहले दिन चंडीगढ़ और पंचकूला में दो-दो और मोहाली में कुल तीन मामले दर्ज किए गए। सभी मामलों में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और रिकार्डिंग, क्लाउड सिंकिंग की कार्रवाई के साथ सर्टिफिकेट जनरेट कर कानूनी सलाहकार से सलाह पर नई धाराओं में केस दर्ज किया। चंडीगढ़ के औद्योगिक थाने में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ, जो मारपीट का है। औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज चोरी के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया गया जबकि मारपीट के मामला में बीएनएसएस की धारा 115(2), 126(2), 190, 191(2), 191(3), 351(2) और 351(3) के तहत दर्ज किया गया।
औद्योगिक थाना क्षेत्र पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि थाना क्षेत्र स्थित एक प्लॉट से काफी सामान चोरी हुआ है। थाने से जांच अधिकारी (आईओ) मौके पर पहुंचे और मुआयना कर नए कानूनों के तहत मिले टैबलेट पर पहले से इंस्टॉल ई-साक्ष्य एप का उपयोग कर एकत्र साक्ष्य की जानकारी एप में दर्ज की। यह प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 105 के अनुपालन में की गई। साथ ही आईओ ने अपराध स्थल की रिकॉर्डिंग की और ई-साक्ष्य एप के माध्यम से दस्तावेजीकरण किया। इसके बाद पुलिस ने क्लाउड सिंकिंग के तहत कैप्चर किए गए वीडियो को क्लाउड से सिंक किया और सिंक किए गए साक्ष्य की एसआईडी (सेशन आईडी) केस डायरी में दर्ज की।
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वहीं, दूसरे मामले में पुलिस को जीएमसीएच-32 से एक घायल व्यक्ति की सूचना (रुक्का) मिली। जांच अधिकरी ने अस्पताल पहुंचकर नियमानुसार घायल व्यक्ति के बयान दर्ज किए। शिकायतकर्ता ने बताया कि 5-6 अज्ञात युवकों ने बीच रास्ते में रोककर उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। उसे कई जगह चोट आई है। परिजन उसे अस्पताल लाए और दाखिल करवाया। इसके बाद पुलिस ने नए कानून के तहत केस दर्ज कर लिया। इस दौरान ई-साक्ष्य एप पर दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया के साथ साक्ष्य भी जुटाए गए।
चंडीगढ़ में ऐसे दर्ज हुई पहली एफआईआर
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प्रमाण पत्र तैयार किया : भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63(4) के तहत एप से स्वचालित रूप से एक प्रमाणपत्र तैयार किया गया, जिससे कस्टडी की चेन सुनिश्चित हुई।
एफआईआर पंजीकरण : एफआईआर संख्या 72/2024 पीएस औद्योगिक क्षेत्र, उप-मंडल पूर्व में बीएनएसएस की धारा 305 और 331(4) के तहत सीसीटीएनएस प्लेटफॉर्म पर शाम 5:29 बजे दर्ज की गई।
विशेषज्ञ की भागीदारी : बीएनएसएस की धारा 176(3) का अनुपालन करने के लिए सीएफएसएल विशेषज्ञ को मौके पर जाने का अनुरोध किया गया।
कम्यूनिकेशन : एफआईआर की एक प्रति शिकायतकर्ता के साथ साझा की गई।
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यूटी पुलिस ने बनाया कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन नंबर जारी
नए कानूनों को लागू करने में अभी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। इन दिक्कतों का दूर करने के लिए यूटी पुलिस ने अलग से एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां सातों दिन 24 घंटे एक्सपर्ट तैनात रहेंगे। पुलिस की ओर से बाकायदा कंप्यूटर सेक्शन के लिए हेल्पलाइन नंबर 172-2740708 और मोबाइल नंबर 7889114112 जारी किया गया है। जरूरत पड़ने पर सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। यूटी के सभी थाने-चौकियों समेत एनआईसी, कंप्यूटर सेक्शन और सभी एसडीपीओ को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
लोगों को जागरूक करेगी पुलिस, डीजीपी ने गाड़ी को दिखाई हरी झंडी
तीनों नए आपराधिक कानून सोमवार को लागू कर दिए गए। सेक्टर-17 पुलिस थाने में एक विशेष जागरूकता सत्र के साथ तीनों कानूनों को लांच करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा ने मुख्य अतिथि रहे जबकि पुलिस महानिदेशक सुरेंद्र सिंह यादव, आईजी राज कुमार सिंह, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह, एसपी मुख्यालय केतन बंसल और एसपी क्राइम मृदुल उपस्थित रहे। इस दौरान डीजीपी ने लोगों को जागरूक करने के लिए एक गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पुलिस ने तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी। डीजीपी ने बताया कि सभी एसडीपीओ, एसएचओ, यूनिट इंचार्ज, आईओ और सीसीटीएनएस ऑपरेटरों को पहले ही नए कानूनों, ई-साक्ष्य एप के उपयोग, नए कानूनों के कार्यान्वयन के संबंध में एसओपी/सर्कुलर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशासक राजीव वर्मा ने जांच अधिकारियों को नए टैब सौंपे।
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वर्जन
नए कानूनों के तहत चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र थाने में चोरी और मारपीट से संबंधित दो मामले दर्ज किए गए हैं। दोनों मामलों में नए कानूनों के तहत नियमों का ध्यान रखते हुए ई-साक्ष्य पर भी सारे दस्तावेज सहित वीडियो भी अपलोड किया गया है। मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
- कंवरदीप कौर, एसएसपी, चंडीगढ़
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पंचकूला : ई-रिक्शा से दो बैटरियां चोरी, शराब पीकर दो लोग कर रहे थे झगड़ा
पंचकूला। सेक्टर-14 थाने में दर्ज ई-रिक्शा से बैटरी चोरी के मामले में पुलिस ने बताया कि इंदिरा कॉलोनी निवासी अमर सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि रविवार रात को उसने बुढ़नपुर में अपने भाई की दुकान के बाहर अपनी ई-रिक्शा खड़ी की थी। सोमवार दोपहर जब वह ई-रिक्शा स्टार्ट करने लगा तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। जांच करने पर पता चला कि दोनों बैटरियां चोरी हो गई हैं। सूचना पर सेक्टर-14 थाने से जांच अधिकारी मौक पहुंचे और घटना स्थल की जांच की। पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर रात में मामला दर्ज किया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता के तहत धारा 303 के तहत दर्ज किया गया है। पहले इस तरह के मामले भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत दर्ज होते थे।
वहीं, पंचकूला में दूसरी एफआईआर चंडीमंदिर थाने में झगड़े की दर्ज की गई। रात करीब 8:30 बजे चंडीमंदिर थाना पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर 25 मार्केट में दो लोग शराब पीकर आपस में झगड़ा कर रहे हैं। इस कारण आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोविंद निवासी आशियाना सेक्टर-26 और महेश निवासी सेक्टर-25 निवासी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले को भारतीय न्याय संहिता के तहत धारा 194 के तहत दर्ज किया गया। पहले इस तरह के मामले भारतीय दंड संहिता की धारा 160 के तहत दर्ज होते थे। संवाद
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मोहाली : नाबालिग से चोरी के पांच वाहन बरामद
मोहाली। फेज-1 थाना पुलिस ने इलाके में नाका लगाया था। इस दौरान बाइक सवार एक नाबालिग युवक को रोककर जब गाड़ी के दस्तावेज मांगे गए तो वह आनाकानी करने लगा। सख्ती से पूछने पर बताया कि उसने बाइक चोरी की है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चोरी के चार और मोटरसाइकिल बरामद किए। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 303 (2), 317 (2), 317 (5) के तहत एफआईआर (संख्या-132) दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि नाबालिग युवक एक गिरोह से जुड़ा है। पुलिस अब उसके साथियों की तलाश में जुट गई है। इसके अलावा शहर के दो अन्य थानों में भी दो एफआईआर दर्ज की गईं हैं। संवाद
पुरानी धाराओं में ही दर्ज होंगे पहले के मामले
जीरकपुर। पुलिस के मुताबिक पहले के मामले पुराने कानून की धाराओं में ही दर्ज किए जाएंगे। सोमवार को जीरकपुर थाने में एक नाबालिग की गुमशुदगी का केस आया। मामला 29 जून का होने के कारण नए सिस्टम में एफआईआर दर्ज नहीं हुई। सीसीटीएनएस सिस्टम में जब गुमशुदगी की तारीख 29 जून डाली गई तो नए सॉफ्टवेयर ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग दो दिन पहले लापता हुई है, ऐसे में मामले को आज का बता कर दर्ज नहीं किया जा सकता क्योंकि अगर दो दिनों में लड़की के साथ कुछ अनहोनी हो गई होगी तो पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठेंगे। अंत में यह मामले को आईपीसी की धारा 363, 366ए के तहत दर्ज किया गया। डीएसपी जीरकपुर सिमरनजीत सिंह ने कहा कि हमने लापता नाबालिग की गुमशुदगी आईपीसी की धारा के तहत दर्ज कर ली है। 30 जून से पहले के सभी मामले आईपीसी की धारा के तहत दर्ज होंगे। एक जुलाई से आए मामले बीएनएस धारा के तहत दर्ज किए जाएंगे। जीरकपुर में आज बीएनएस के तहत कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। संवाद
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नए आपराधिक कानूनों के तहत पहले दिन चंडीगढ़ और पंचकूला में दो-दो और मोहाली में कुल तीन मामले दर्ज किए गए। सभी मामलों में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और रिकार्डिंग, क्लाउड सिंकिंग की कार्रवाई के साथ सर्टिफिकेट जनरेट कर कानूनी सलाहकार से सलाह पर नई धाराओं में केस दर्ज किया। चंडीगढ़ के औद्योगिक थाने में ही दूसरा मामला दर्ज हुआ, जो मारपीट का है। औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज चोरी के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया गया जबकि मारपीट के मामला में बीएनएसएस की धारा 115(2), 126(2), 190, 191(2), 191(3), 351(2) और 351(3) के तहत दर्ज किया गया।
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औद्योगिक थाना क्षेत्र पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि थाना क्षेत्र स्थित एक प्लॉट से काफी सामान चोरी हुआ है। थाने से जांच अधिकारी (आईओ) मौके पर पहुंचे और मुआयना कर नए कानूनों के तहत मिले टैबलेट पर पहले से इंस्टॉल ई-साक्ष्य एप का उपयोग कर एकत्र साक्ष्य की जानकारी एप में दर्ज की। यह प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 105 के अनुपालन में की गई। साथ ही आईओ ने अपराध स्थल की रिकॉर्डिंग की और ई-साक्ष्य एप के माध्यम से दस्तावेजीकरण किया। इसके बाद पुलिस ने क्लाउड सिंकिंग के तहत कैप्चर किए गए वीडियो को क्लाउड से सिंक किया और सिंक किए गए साक्ष्य की एसआईडी (सेशन आईडी) केस डायरी में दर्ज की।
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वहीं, दूसरे मामले में पुलिस को जीएमसीएच-32 से एक घायल व्यक्ति की सूचना (रुक्का) मिली। जांच अधिकरी ने अस्पताल पहुंचकर नियमानुसार घायल व्यक्ति के बयान दर्ज किए। शिकायतकर्ता ने बताया कि 5-6 अज्ञात युवकों ने बीच रास्ते में रोककर उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। उसे कई जगह चोट आई है। परिजन उसे अस्पताल लाए और दाखिल करवाया। इसके बाद पुलिस ने नए कानून के तहत केस दर्ज कर लिया। इस दौरान ई-साक्ष्य एप पर दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया के साथ साक्ष्य भी जुटाए गए।
चंडीगढ़ में ऐसे दर्ज हुई पहली एफआईआर
प्रमाण पत्र तैयार किया : भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63(4) के तहत एप से स्वचालित रूप से एक प्रमाणपत्र तैयार किया गया, जिससे कस्टडी की चेन सुनिश्चित हुई।
एफआईआर पंजीकरण : एफआईआर संख्या 72/2024 पीएस औद्योगिक क्षेत्र, उप-मंडल पूर्व में बीएनएसएस की धारा 305 और 331(4) के तहत सीसीटीएनएस प्लेटफॉर्म पर शाम 5:29 बजे दर्ज की गई।
विशेषज्ञ की भागीदारी : बीएनएसएस की धारा 176(3) का अनुपालन करने के लिए सीएफएसएल विशेषज्ञ को मौके पर जाने का अनुरोध किया गया।
कम्यूनिकेशन : एफआईआर की एक प्रति शिकायतकर्ता के साथ साझा की गई।
यूटी पुलिस ने बनाया कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन नंबर जारी
नए कानूनों को लागू करने में अभी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। इन दिक्कतों का दूर करने के लिए यूटी पुलिस ने अलग से एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां सातों दिन 24 घंटे एक्सपर्ट तैनात रहेंगे। पुलिस की ओर से बाकायदा कंप्यूटर सेक्शन के लिए हेल्पलाइन नंबर 172-2740708 और मोबाइल नंबर 7889114112 जारी किया गया है। जरूरत पड़ने पर सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। यूटी के सभी थाने-चौकियों समेत एनआईसी, कंप्यूटर सेक्शन और सभी एसडीपीओ को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
लोगों को जागरूक करेगी पुलिस, डीजीपी ने गाड़ी को दिखाई हरी झंडी
तीनों नए आपराधिक कानून सोमवार को लागू कर दिए गए। सेक्टर-17 पुलिस थाने में एक विशेष जागरूकता सत्र के साथ तीनों कानूनों को लांच करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा ने मुख्य अतिथि रहे जबकि पुलिस महानिदेशक सुरेंद्र सिंह यादव, आईजी राज कुमार सिंह, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह, एसपी मुख्यालय केतन बंसल और एसपी क्राइम मृदुल उपस्थित रहे। इस दौरान डीजीपी ने लोगों को जागरूक करने के लिए एक गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पुलिस ने तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी। डीजीपी ने बताया कि सभी एसडीपीओ, एसएचओ, यूनिट इंचार्ज, आईओ और सीसीटीएनएस ऑपरेटरों को पहले ही नए कानूनों, ई-साक्ष्य एप के उपयोग, नए कानूनों के कार्यान्वयन के संबंध में एसओपी/सर्कुलर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशासक राजीव वर्मा ने जांच अधिकारियों को नए टैब सौंपे।
वर्जन
नए कानूनों के तहत चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र थाने में चोरी और मारपीट से संबंधित दो मामले दर्ज किए गए हैं। दोनों मामलों में नए कानूनों के तहत नियमों का ध्यान रखते हुए ई-साक्ष्य पर भी सारे दस्तावेज सहित वीडियो भी अपलोड किया गया है। मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
- कंवरदीप कौर, एसएसपी, चंडीगढ़
पंचकूला : ई-रिक्शा से दो बैटरियां चोरी, शराब पीकर दो लोग कर रहे थे झगड़ा
पंचकूला। सेक्टर-14 थाने में दर्ज ई-रिक्शा से बैटरी चोरी के मामले में पुलिस ने बताया कि इंदिरा कॉलोनी निवासी अमर सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि रविवार रात को उसने बुढ़नपुर में अपने भाई की दुकान के बाहर अपनी ई-रिक्शा खड़ी की थी। सोमवार दोपहर जब वह ई-रिक्शा स्टार्ट करने लगा तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। जांच करने पर पता चला कि दोनों बैटरियां चोरी हो गई हैं। सूचना पर सेक्टर-14 थाने से जांच अधिकारी मौक पहुंचे और घटना स्थल की जांच की। पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर रात में मामला दर्ज किया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता के तहत धारा 303 के तहत दर्ज किया गया है। पहले इस तरह के मामले भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत दर्ज होते थे।
वहीं, पंचकूला में दूसरी एफआईआर चंडीमंदिर थाने में झगड़े की दर्ज की गई। रात करीब 8:30 बजे चंडीमंदिर थाना पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर 25 मार्केट में दो लोग शराब पीकर आपस में झगड़ा कर रहे हैं। इस कारण आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोविंद निवासी आशियाना सेक्टर-26 और महेश निवासी सेक्टर-25 निवासी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले को भारतीय न्याय संहिता के तहत धारा 194 के तहत दर्ज किया गया। पहले इस तरह के मामले भारतीय दंड संहिता की धारा 160 के तहत दर्ज होते थे। संवाद
मोहाली : नाबालिग से चोरी के पांच वाहन बरामद
मोहाली। फेज-1 थाना पुलिस ने इलाके में नाका लगाया था। इस दौरान बाइक सवार एक नाबालिग युवक को रोककर जब गाड़ी के दस्तावेज मांगे गए तो वह आनाकानी करने लगा। सख्ती से पूछने पर बताया कि उसने बाइक चोरी की है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चोरी के चार और मोटरसाइकिल बरामद किए। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 303 (2), 317 (2), 317 (5) के तहत एफआईआर (संख्या-132) दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि नाबालिग युवक एक गिरोह से जुड़ा है। पुलिस अब उसके साथियों की तलाश में जुट गई है। इसके अलावा शहर के दो अन्य थानों में भी दो एफआईआर दर्ज की गईं हैं। संवाद
पुरानी धाराओं में ही दर्ज होंगे पहले के मामले
जीरकपुर। पुलिस के मुताबिक पहले के मामले पुराने कानून की धाराओं में ही दर्ज किए जाएंगे। सोमवार को जीरकपुर थाने में एक नाबालिग की गुमशुदगी का केस आया। मामला 29 जून का होने के कारण नए सिस्टम में एफआईआर दर्ज नहीं हुई। सीसीटीएनएस सिस्टम में जब गुमशुदगी की तारीख 29 जून डाली गई तो नए सॉफ्टवेयर ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग दो दिन पहले लापता हुई है, ऐसे में मामले को आज का बता कर दर्ज नहीं किया जा सकता क्योंकि अगर दो दिनों में लड़की के साथ कुछ अनहोनी हो गई होगी तो पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठेंगे। अंत में यह मामले को आईपीसी की धारा 363, 366ए के तहत दर्ज किया गया। डीएसपी जीरकपुर सिमरनजीत सिंह ने कहा कि हमने लापता नाबालिग की गुमशुदगी आईपीसी की धारा के तहत दर्ज कर ली है। 30 जून से पहले के सभी मामले आईपीसी की धारा के तहत दर्ज होंगे। एक जुलाई से आए मामले बीएनएस धारा के तहत दर्ज किए जाएंगे। जीरकपुर में आज बीएनएस के तहत कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। संवाद