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पेक का एलान : परास्नातक के सभी छात्रों आ सकेंगे कैंपस
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चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) ने परास्नातक के सभी छात्रों के लिए कैंपस खोल दिया है। अब बीटेक के छात्रों को बुलाने की तैयारी चल रही है। हालांकि यह मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष पेक प्रशासन रखेगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा।
कोरोना के बाद से शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों का प्रवेश कैंपस में बंद कर दिया था। जैसे ही पहली लहर निपटी तो उसके बाद शोधार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दी गई, लेकिन बाकी के छात्रों पर निर्णय नहीं हो सका था। जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर निपटी और हालात ठीक हुए तो एमटेक अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाया जाने लगा। अब एमटेक प्रथम वर्ष के छात्रों को भी आने की अनुमति दे दी गई। इससे छात्र खुश हैं। पेक ने विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के भी द्वार खोल दिए हैं।
सूत्रों का कहना है कि बीटेक के विद्यार्थियों को भी इसी माह पेक बुला सकता है। उसके लिए उच्चाधिकारियों की अनुमति ली जाएगी। हालांकि एक साथ पूरा कैंपस विद्यार्थियों से नहीं भरा जाएगा। इसके लिए रोस्टर भी बनाया जा सकता है।
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पेक से सीखे पंजाब विश्वविद्यालय
पंजाब विश्वविद्यालय डेढ़ साल से बंद चल रहा है। यहां केवल शोधार्थियों को बुलाया गया है। जानकारों का पता लगा कि पेक ने अपने सभी परास्नातक के विद्यार्थियों को कैंपस बुलाना शुरू कर दिया है तो उन्होंने पीयू के अधिकारियों को सीख दी है कि वह पेक से कुछ सीखे और छात्रों की पढ़ाई बाधित न करे। वह भी पेक की तरह परास्नातक के अपने सभी विद्यार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दे। इसे लेकर पीयू में छात्रों का प्रदर्शन भी चल रहा है, पर पीयू के जिम्मेदार अभी तक निर्णय नहीं ले सके हैं। हालांकि पीयू की ओर से कमेटी जरूर बनाई गई है जो कैंपस खोलने को लेकर निर्णय लेगी। 10 सितंबर तक इसको लेकर निर्णय हो सकता है। वहीं छात्रों का गुस्सा भी पीयू के अधिकारियों के खिलाफ बढ़ रहा है।
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कोरोना के बाद से शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों का प्रवेश कैंपस में बंद कर दिया था। जैसे ही पहली लहर निपटी तो उसके बाद शोधार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दी गई, लेकिन बाकी के छात्रों पर निर्णय नहीं हो सका था। जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर निपटी और हालात ठीक हुए तो एमटेक अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाया जाने लगा। अब एमटेक प्रथम वर्ष के छात्रों को भी आने की अनुमति दे दी गई। इससे छात्र खुश हैं। पेक ने विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के भी द्वार खोल दिए हैं।
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सूत्रों का कहना है कि बीटेक के विद्यार्थियों को भी इसी माह पेक बुला सकता है। उसके लिए उच्चाधिकारियों की अनुमति ली जाएगी। हालांकि एक साथ पूरा कैंपस विद्यार्थियों से नहीं भरा जाएगा। इसके लिए रोस्टर भी बनाया जा सकता है।
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पंजाब विश्वविद्यालय डेढ़ साल से बंद चल रहा है। यहां केवल शोधार्थियों को बुलाया गया है। जानकारों का पता लगा कि पेक ने अपने सभी परास्नातक के विद्यार्थियों को कैंपस बुलाना शुरू कर दिया है तो उन्होंने पीयू के अधिकारियों को सीख दी है कि वह पेक से कुछ सीखे और छात्रों की पढ़ाई बाधित न करे। वह भी पेक की तरह परास्नातक के अपने सभी विद्यार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दे। इसे लेकर पीयू में छात्रों का प्रदर्शन भी चल रहा है, पर पीयू के जिम्मेदार अभी तक निर्णय नहीं ले सके हैं। हालांकि पीयू की ओर से कमेटी जरूर बनाई गई है जो कैंपस खोलने को लेकर निर्णय लेगी। 10 सितंबर तक इसको लेकर निर्णय हो सकता है। वहीं छात्रों का गुस्सा भी पीयू के अधिकारियों के खिलाफ बढ़ रहा है।