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भारत बंद: पंजाब में थमे बसों और ट्रेन के पहिये, लोग हुए परेशान, हरियाणा में मिलाजुला असर

Thu, 09 Jan 2020 01:24 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 09 Jan 2020 01:24 AM IST
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All India Trade Union Strike, Bharat Bandh
भारत बंद - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं अखिल भारतीय फेडरेशन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिलाजुला असर रहा। हड़ताल मे केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, कारखानों व असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी और मजदूर शामिल हुए। सर्व कर्मचारी संघ ने हड़ताल में 10 लाख से ज्यादा कर्मचारियों व मजदूरों के शामिल होने का दावा किया है। 

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हड़ताली कर्मचारियों व मजदूरों ने अपने-अपने कार्यालयों व संस्थानों के समक्ष धरने प्रदर्शन किए और सरकारों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद जिला व खंड स्तर पर एकत्रित होकर जुलूस निकाला। हड़ताल का कई किसान व छात्र संगठनों ने भी समर्थन किया, ग्रामीण क्षेत्रों मे मोर्चे लगाए। फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, मानेसर, धारूहेड़ा आदि औद्योगिक क्षेत्रों में भी हड़ताल का असर रहा। 
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कर्मचारियों ने नीतिगत फैसले के तहत आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं किया। सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, सहकारी विभागों, सहकारी समितियों, पंचायती राज संस्थाओं, बैकों व बीमा क्षेत्र मे कार्यरत तीन लाख से ज्यादा कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। 

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नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदों के करीब 32 हजार कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण शहरी स्थानीय निकाय विभाग में काम काज प्रभावित हुआ। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के भी अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यूनिवर्सिटी, शिक्षा बोर्ड भिवानी, हरियाणा टूरिज्म निगम के पर्यटन केंद्रों, जन स्वास्थ्य, स्वास्थ्य, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभागों में कामकाज ठप रहा। 

सरकार की वादाखिलाफी और अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर 50 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी, आशा व मिड डे मील वर्कर हड़ताल पर रहीं। आशा वर्कर सहित नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया।

बिजली निगमों में हड़ताल का ज्यादा असर
हड़ताल का ज्यादा असर बिजली निगमों में रहा। बिजली कर्मचारियों व अधिकारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण सैकड़ों 11 केवी फीडर ब्रेक डाउन रहे। उपभोक्ताओं की बिजली व बिलों संबंधी शिकायतों का निवारण नहीं हो पाया। सब डिवीजन व शिकायत केंद्र सुनसान रहे।

मांगें पूरी न होने पर करेंगे बड़ा आंदोलन: लांबा
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश शास्त्री व उप प्रधान सीलक राम मलिक ने हड़ताल की सफलता का दावा किया है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि अगर पुरानी पेंशन नीति बहाली, ठेका प्रथा समाप्त कर सभी प्रकार के पार्ट टाइम व अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करना, पंजाब समान वेतन व पेंशन देने सहित बीस जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग मे मानी गई मांगों को लागू नहीं किया गया तो वर्तमान वर्ष में सरकार को कर्मचारियों एवं मजदूरों के तीखे आंदोलन का सामना करना पडे़गा।

‘भारत बंद’ का पंजाब में व्यापक असर : चार ट्रेनें रद्द, 16 प्रभावित

All India Trade Union Strike, Bharat Bandh

केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए बुधवार को दस ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाए ‘भारत बंद’ का पंजाब में व्यापक असर दिखा। पंजाब में कई हाईवे प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिए जबकि कई रूट पर बसें ही नहीं चलीं। चार ट्रेनें रद्द हुईं और कई देरी से चलीं। इस कारण ठंड में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

फिरोजपुर में मक्खू से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-54 पर धरना देकर तीन घंटे तक ठप रखा गया। पठानकोट में 110 रूट मिस हुए जिससे रोडवेज को 10 लाख का नुकसान हुआ। इसके अलावा रेल डिवीजन फिरोजपुर की करीब 16 ट्रेनें प्रभावित हुईं। चार पैसेंजर ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। अमृतसर में रेलवे स्टेशन से 200 मीटर की दूरी पर रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक लगभग तीन घंटे तक बाधित किया। लुधियाना में ग्यासपुरा रेलवे फाटक पर लुधियाना-दिल्ली रेल मार्ग पर कुछ देर के लिए प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक पर धरना दिया। इस दौरान एक ट्रेन को कुछ देर वहां रुकना पड़ा। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। वहीं, पनबस और रोडवेज के 65 रूट बंद रहे। पीआरटीसी के 130 में से सिर्फ 65 बसें सड़कों पर चलीं। सरकारी बैंकों के बंद होने के कारण कारोबारियों के लगभग 700 करोड़ की क्लियरिंग नहीं हो पाई है।

फतेहगढ़ साहिब में 250 किसानों ने बुधवार को पटियाला के गांव हसनपुरा सरहिंद-पटियाला मार्ग पर पांच स्थानों पर दो घंटे तक जाम लगाए रखा। अबोहर में पूरे शहर में रोष मार्च निकालते हुए फाजिल्का रोड डीएसपी ऑफिस के सामने करीब एक घंटे तक चक्का जाम किया गया। जालंधर में बंद के चलते बस स्टैंड पर पूरा दिन यातायात ठप रहा। बटाला में शहर में रोष मार्च निकालने के बाद गांधी चौक में चक्का जाम किया गया। करीब तीन घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा। 

संगरूर के सुनाम में पटियाला-बठिंडा मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित करके धरना लगाया गया। बठिंडा में बठिंडा-मानसा नेशनल हाईवे पर जाम लगा रोष मार्च निकाला गया। फरीदकोट में सरकारी बैंकों, डाकघर, एलआईसी, बिजली बोर्ड, नगर काउंसिल समेत कुछ विभागों में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से कामकाज प्रभावित रहा।  

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