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Punjab: बिक्रम मजीठिया को SIT ने फिर भेजा समन, 18 जुलाई को पटियाला में एसआईटी के सामने होना होगा पेश
Thu, 11 Jul 2024 10:56 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 Jul 2024 10:56 AM IST
सार
ड्रग तस्करी का मामला 3 साल पहले कांग्रेस सरकार के समय 20 दिसंबर, 2021 को दर्ज किया था। इसके बाद बिक्रम मजीठिया को जेल भी जाना पड़ा था। 5 महीने जेल में रहने के बाद मजीठिया को 10 अगस्त, 2022 को जमानत मिल गई थी।
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बिक्रम मजीठिया।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
ड्रग्स तस्करी केस में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने बुधवार को दोबारा समन किया है। एसआईटी ने मजीठिया को 18 जुलाई को पटियाला में एसआईटी के समक्ष सुबह 10 बजे पेश होने के समन में आदेश दिए हैं।
शिअद के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि राजनीति से प्रेरित केस में सरकार क्या साबित करना चाहती है। अदालत में सरकार सबूत नहीं दे पा रही है। उन्होंने सीएम से सवाल किया है कि ऐसे में अफसरशाही का राजनीतिकरण क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम एसआईटी के प्रमुख बनकर खुद ही पूछताछ कर लें। आमने-सामने बैठकर मामला निपटा दें, क्यों सरकार का पैसा और समय बर्बाद किया जा रहा है।
इससे पहले जब पिछले महीने एसआईटी ने मजीठिया को नोटिस भेजा था, तब मजीठिया ने इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें बार-बार समन भेजकर परेशान किया जा रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें 8 जुलाई तक एसआईटी के समक्ष पेश होने की राहत दी थी। वहीं गत सुनवाई पर एसआईटी ने समन को वापस ले लिया था।
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पुलिस ने मजीठिया के खिलाफ यह मामला 3 साल पहले कांग्रेस सरकार के समय 20 दिसंबर, 2021 को दर्ज किया था। इसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। 5 महीने जेल में रहने के बाद मजीठिया को 10 अगस्त, 2022 को जमानत मिल गई थी। मजीठिया ने आरोप लगाया है कि जिस मामले में वह जेल में रहे हैं, उसमें अभी तक कोई चार्जशीट तक दाखिल नहीं की गई है। यहां तक ड्रग्स तस्करी को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसमें उनके पास से कोई रिकवरी तक नहीं हुई है।
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शिअद के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि राजनीति से प्रेरित केस में सरकार क्या साबित करना चाहती है। अदालत में सरकार सबूत नहीं दे पा रही है। उन्होंने सीएम से सवाल किया है कि ऐसे में अफसरशाही का राजनीतिकरण क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम एसआईटी के प्रमुख बनकर खुद ही पूछताछ कर लें। आमने-सामने बैठकर मामला निपटा दें, क्यों सरकार का पैसा और समय बर्बाद किया जा रहा है।
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इससे पहले जब पिछले महीने एसआईटी ने मजीठिया को नोटिस भेजा था, तब मजीठिया ने इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें बार-बार समन भेजकर परेशान किया जा रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें 8 जुलाई तक एसआईटी के समक्ष पेश होने की राहत दी थी। वहीं गत सुनवाई पर एसआईटी ने समन को वापस ले लिया था।
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पुलिस ने मजीठिया के खिलाफ यह मामला 3 साल पहले कांग्रेस सरकार के समय 20 दिसंबर, 2021 को दर्ज किया था। इसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। 5 महीने जेल में रहने के बाद मजीठिया को 10 अगस्त, 2022 को जमानत मिल गई थी। मजीठिया ने आरोप लगाया है कि जिस मामले में वह जेल में रहे हैं, उसमें अभी तक कोई चार्जशीट तक दाखिल नहीं की गई है। यहां तक ड्रग्स तस्करी को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसमें उनके पास से कोई रिकवरी तक नहीं हुई है।