अकाली दल का प्रदर्शन, प्रतिमा पर कालिख पोतने वाले का किया समर्थन, निगम ने की कार्रवाई
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सोसायटी सिनेमा के ठीक पीछे बनी बिल्डिंग को बुधवार सुबह निगम अधिकारियों ने गिरा दिया। निगम अफसरों की इस कार्रवाई के बाद अकाली नेताओं के गुस्से का पारा चढ़ गया है क्योंकि यह बिल्डिंग गुरदीप गोशा के रिश्तेदार की है। गौरतलब है कि गुरदीप गोशा वही शख्स है जिन्होंने राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोती थी। मामले में खुद निगम कमिश्नर केपी बराड़ कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। उनका सिर्फ इतना कहना है कि कार्रवाई हुई है लेकिन उन्हें नहीं पता यह बिल्डिंग किस व्यक्ति की है।
सरकार की वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी का क्यों नहीं दिया फायदा
शहर में अवैध तरीके से बने लगभग 50 से ज्यादा होटलों को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई चल रही है। 15 दिसंबर को हाईकोर्ट ने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर निगम कमिश्नर और लोकल बॉडी प्रिंसिपल सेक्रेटरी को तलब कर स्टेट्स रिपोर्ट फाइल करने के लिए कहा था। उस दिन लोकल बॉडी प्रिंसिपल सेक्रेटरी की तरफ से दिए गए हलफनामे में साफ कहा गया कि सरकार अवैध बिल्डिंगों को लेकर वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लेकर आ रही है।
इसमें एक मुश्त पैसा लेकर अवैध बिल्डिंगों को रेगुलर किया जाएगा। इसके अलावा अदालत में चल रहे कई अन्य मामलों में अधिकारी वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी आने का हवाला दे चुके हैं। सवाल यही है कि आखिरकार फिर इस बिल्डिंग को निशाने पर क्यों लिया गया।
तोड़ी गई इमारत का नक्शा पास था। नक्शे में सिर्फ डेढ़ मंजिल डालने की इजाजत दी गई थी। बिल्डिंग मालिक ने गलत तरीके से तीन मंजिल का निर्माण कर लिया था। इस संबंध में उसे नोटिस भी दिए गए थे। बुधवार को कार्रवाई करते हुए उसके अवैध हिस्से को तोड़ा गया है। यह इमारत किसकी थी इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। -मोहन सिंह, एटीपी जोन ए
डीसी दफ्तर के बाहर अकालियों ने दिया धरना
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बुत पर कालिख पोतने वाले यूथ अकाली नेता गुरदीप सिंह गोशा और मीतपाल सिंह दुगरी के समर्थन में पूरा अकाली दल उतर आया है। अकाली दल की तरफ से बुधवार को डीसी दफ्तर के बाहर फिरोजपुर रोड पर धरना लगाया गया। इसमें पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, अकाली नेता महेश इंद्र सिंह गरेवाल के साथ-साथ जिले के सारे अकाली नेता पहुंचे थे।
प्रदर्शन में दंगा पीड़ित परिवार के लोग भी शामिल हुए। अकाली नेताओं ने कहा कि दोनों यूथ नेता गुरसिख हैं और 1984 दंगों से आहत होकर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जिम्मेदार ठहराया और उनके बुत पर कालिख पोत दी। उन्होंने कहा कि भावनाएं किसी की भी आहत हो सकती हैं। करीब ढाई घंटे प्रदर्शन करने के बाद मजीठिया की अगुवाई में अकाली नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का पुतला जलाया।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इसके बाद रोष मार्च निकालते हुए अकाली नेता पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर पहुंचे जहां पर भारी पुलिस फोर्स तैनात थी। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोका। इसके बाद पूर्व मंत्री मजीठिया के साथ कुछ अकाली नेता पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे।
कालिख पोतने वाले यूथ अकाली नेता ने किया सरेंडर
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बुत पर कालिख पोतने के मामले में नामजद यूथ अकाली नेता एडवोकेट मीत पाल सिंह दुगरी ने बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जिस समय मीत पाल सिंह दुगरी ने अदालत में सरेंडर किया, उस समय उनके साथ पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, महेशइंद्र सिंह गरेवाल, जिला अकाली दल के प्रधान रंजीत सिंह ढिल्लों, शरणजीत सिंह ढिल्लों समेत अन्य लोग थे।
पुलिस ने अदालत से आरोपी का छह दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। देर शाम करीब चार बजे पुलिस ने पहले से गिरफ्तार यूथ अकाली नेता गुरदीप सिंह गोशा को भी पेश किया। अदालत ने गोशा को भी पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
एडीसीपी वन गुरप्रीत सिंह सिकंद ने बताया कि मीतपाल सिंह दुगरी ने अदालत में सरेंडर कर दिया था। जिसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। गोशा भी एक दिन के पुलिस रिमांड पर है। दोनों से पूछताछ की जा रही है कि वह बुत पर स्प्रे करने के लिए सामान कहां से लाए और किन गाड़ियों पर गए थे।
मजीठिया ने लगाए पुलिस पर टार्चर करने के आरोप
बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर भी कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जो एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है, वह सरकार के आदेश पर ही दर्ज की गई है। पुलिस ने गोशा को गिरफ्तार करने के बाद उसे देर रात थर्ड डिग्री टार्चर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पगड़ी से बुत साफ करने पर सिख कौम की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। अकाली दल की तरफ से कांग्रेसी नेता सिमरनजीत सिंह मंड के खिलाफ शिकायत दी जाएगी।