सजा भुगतने पहुंचे सुखबीर बादल: गले में तख्ती लटका स्वर्ण मंदिर में की सेवा, अकाली नेताओं ने साफ किए बाथरूम
शिअद-भाजपा सरकार के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं समेत कई अन्य पंथ विरोधी घटनाओं के लिए सुखबीर बादल को श्री अकाल तख्त की तरफ से तनखाहिया घोषित किया गया था। सोमवार को पांच सिंह साहिबान ने सुखबीर बादल को धार्मिक सजा सुनाई थी।
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इस मौके पर सुखबीर सिंह बादल और सुखदेव सिंह ढींडसा ने अपने गले में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से लिखी गुरबाणी की पंक्तियों वाली तख्ती भी लटकाई हुई थी। सेवा के दौरान दोनों ने चुप्पी बनाए रखी। सुखबीर के आसपास एसजीपीसी के अलग-अलग पदाधिकारियों व सदस्यों का जमावड़ा लगा रहा। सुखबीर मुंह में जाप करते दिखाए दिए। एक घंटा सेवा करने के बाद सुखबीर ने लंगर हाॅल में बर्तन साफ करने की सेवा निभाई। वह तय समय के अनुसार कीर्तन सुनने भी गए।
पूर्व मंत्रियों ने साफ किया शौचालय
इसी तरह बीबी जगीर कौर, प्रेम सिंह चंदूमाजरा, बिक्रम मजीठिया, सुरजीत सिंह रखड़ा, डाॅ. दलजीत सिंह चीमा, गुलजार सिंह रणिके, सोहन सिंह ठंडल, शरणजीत ढिल्लों, बलविंदर सिंह भूंदड़, महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल, जुनेजा सिंह सेखों आदि ने बाद दोपहर 12 बजे से लेकर एक बजे तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालयों में जाकर भी साफ सफाई की। सुखबीर की सुविधा के लिए एसजीपीसी ने नया रेड कारपेट बिछाया था। लंगर हाल में भी रेड कारपेट बिछा गया। पूर्व मंत्रियों बिक्रम मजीठिया व अन्य लोगों के आसापास एसजीपीसी के कर्मचारी तौलिया आदि पकड़ कर खड़े रहे। उधर, एसजीपीसी के अध्यक्ष एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि एसजीपीसी ने किसी अकाली नेता को विशेष सुविधा नहीं दी।
#WATCH | Punjab: Shiromani Akali Dal leader Bibi Jagir Kaur cleaned toilets at the Golden Temple in Amritsar, as part of the religious punishment announced by the Akal Takht yesterday. pic.twitter.com/BSQ8FdL52X
— ANI (@ANI) December 3, 2024
गले में डाली गई थी तख्तियां
जत्थेदार रघबीर सिंह की ओर से धार्मिक सजा सुनाने के तुरंत बाद सुखबीर बादल समेत सभी दोषी अकाली नेताओं के गले में तख्तियां डाली गईं। इन तख्तियों पर गुरबाणी की पंक्तियां अंकित हैं- निरवैर पुरख सतगुरु प्रभ दाते, हम अपराधी तुम बख्शाते, जिस पापी को मिले ना ढोई, शरण आवे ता निर्मल होई।। इसमें परमात्मा को संबोधित करते हुए कहा गया है कि हे वाहेगुरु हम अपराधी हैं और तुम बख्शने वाले हो। हम जैसे जिस भी पापी को कोई शरण आसरा सहारा नहीं मिलता है, वह अगर तेरी शरण में आ जाता है, तो वह पवित्र पावन हो जाता है।
अकाली नेताओं में दिखा मनभेद
अकाल तख्त साहिब के आदेशों के बावजूद अकाली नेताओं में एक-दूसरे के खिलाफ मनभेद देखा गया। सुखबीर और सुखदेव सिंह ढींडसा ने द्वारपाल की सेवा निभाई, लेकिन एक-दूसरे को सतश्री अकाल नहीं कहा। इसी तरह श्री गुरु अर्जुन देव यात्री निवास के वाशरूम की सेवा के दौरान प्रेम सिंह चंदूमाजरा और कई नेताओं का आमना-सामना भी हुआ, लेकिन किसी ने एक दूसरे से बात नहीं की। डाॅ. चीमा व चंदूमाजरा ने बात नहीं की।अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने धार्मिक सजा के ताैर पर स्वर्ण मंदिर में बर्तन धोए। उनके अलावा बीबी जागीर कौर ने भी शौचालयों में सफाई की। उन्हें धार्मिक सजा के तौर पर शौचालय की सफाई करने की सजा मिली है।