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एयरफोर्स स्टेशन मामला: केंद्र को 5 महीने की मोहलत

Sat, 22 Mar 2014 02:14 PM IST
सुमेश ठाकुर/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुमेश ठाकुर/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 22 Mar 2014 02:14 PM IST
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Airforce Station Issue, Highcourt Time Bounded Central Govt for 5 Months
गुड़गांव-फरीदाबाद स्थित एयरफोर्स स्टेशन और आयुध डिपो के प्रतिबंधित दायरे में अवैध अतिक्रमण के मामले पर केंद्र सरकार ने नई कमेटी गठित कर ली है। केंद्रीय कैबिनेट सचिव द्वारा गठित की गई कमेटी में केंद्रीय शहरी विकास के एडिशनल सचिव को चेयरमैन नियुक्त किया है। वहीं कमेटी में राज्य शहरी विकास विभाग के चीफ टाउन प्लानर को भी सदस्य बनाया गया है।
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हाईकोर्ट में पेश हलफनामे में कहा गया है कि यह कमेटी जल्द ही इस मसले का कोई उपयुक्त समाधान निकाल लेगी। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल पर आधारित खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश जारी किए कि केंद्र अगली सुनवाई तक समाधान के संबंध में स्टेट्स रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल कर दे। मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त के लिए निर्धारित की है।
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मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश किए गए हलफनामे में कहा गया कि हाईकोर्ट के 11 मार्च के आदेशों के बाद पुरानी कमेटी को भंग करके नई कमेटी गठित कर ली। हलफनामे में आश्वासन दिया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।
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कमेटी के चेयरमैन का जिम्मा केंद्रीय शहरी विकास विभाग के एडिशनल सचिव को सौंपा गया है। इसके अलावा कमेटी के अन्य सदस्यों में एटॉमिक अनर्जी विभाग के पूर्व निदेशक, , डीआरडी के अधिकारी, केंद्रीय कामर्स एवं उद्योग विभाग के संयुक्त मुख्य नियंत्रक और राज्य शहरी विकास विभाग के चीफ टाउन प्लानर  को सदस्य बनाया है।

सनद रहे कि एयरफोर्स स्टेशन और आयुध डिपो के प्रतिबंधित 900 मीटर और 100 मीटर दायरे में हाईकोर्ट ने निर्माण पर प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके वहां निर्माण कार्य जारी है। हाईकोर्ट ने इस मामले का हल निकालने के लिए केंद्र सरकार को कमेटी गठित करने के निर्देश जारी किए थे।


मामले की पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई कमेटी के सदस्यों की लिस्ट को हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया था। चूंकि कमेटी में किसी भी स्थानीय अधिकारी को शामिल नहीं किया गया था।
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