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हरियाणा की खराब हवा के पीछे पंजाब से उठ रहा धुंआ, पराली जलाने के 22000 मामले आए सामने

Sat, 02 Nov 2019 12:52 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 02 Nov 2019 12:52 AM IST
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Air Pollution Increased due to Stubble burning continues in Punjab and Haryana
असमान में छाई धुंध - फोटो : अमर उजाला

पंजाब में पराली और फसली अवशेष जलने से उठ रहा धुआं हरियाणा में कहर बरपा रहा है। यह कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है। इस सीजन में अब तक पूरे हरियाणा में पराली जलाने के 4400 मामले सामने आए हैं, तो पंजाब 22000 मामले।

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बताया जाता है कि पंजाब सीमा से लगते अंबाला, कैथल, फतेहाबाद, जींद, पंचकूला और सिरसा से होते हुए पराली का धुआं स्मॉग बनकर हरियाणा की हवा को बेहद खराब स्तर तक पहुंचा चुका है। इधर, सिरसा जिले में प्रशासन ने पराली जलाने पर 100 से ज्यादा किसानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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कृषि विभाग के मुताबिक कैथल जिले में अब तक पराली जलाने की सर्वाधिक 864 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 460 मामले जांच में गलत साबित हुए हैं, जबकि 30 किसानों पर 2500 रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया है। जिले में दिवाली के बाद भी पराली जलाने के 30 मामलों का पता चला है। इन शिकायतों का सत्यापन किया जा रहा है। 
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अधिकारियों का दावा है कि पंजाब की तरफ से ज्यादा धुआं आ रहा है। राहत की बात यह है कि कैथल जिले में पिछले साल के मुकाबले अभी तक 60 प्रतिशत कम शिकायतें मिली हैं। उधर, करनाल जिले में पराली जलाने के 800 मामले सामने आए हैं। जांच के बाद 73 किसानों पर केस दर्ज किया गया है। इसी तरह सिरसा जिले में भी पराली जलाने के अब तक 194 केस सामने आए हैं। दिवाली के बाद पांच दिनों में 66 केस दर्ज हुए हैं। विभाग ने 13 लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाया है।    

पंजाब से सटे जींद जिले में भी 198 जगहों पर पराली जलाने की शिकायतें आईं, जिनमें 144 चिह्नित किए गए। 21 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 52 लोगों के खिलाफ चालान किया गया है। 54 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। फतेहाबाद जिले में 200 मामले सामने आए चुके हैं। 

विभाग पांच आरोपी किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा चुका है। उधर, सोनीपत जिले में कुल 13 शिकायतें आईं, जिनमें सात पर जुर्माना लगाया गया है। एक किसान को नोटिस थमाया गया है, जबकि पांच शिकायतें गलत पाई गईं।

अंबाला जिले में तीन किसानों पर पराली जलाने का मामला दर्ज किया गया है। कृषि उपनिदेशक गिरीश नागपाल ने बताया कि ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का अनुपालन करते हुए पराली को आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

कैथल में भी 30 मामले सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि होनी बाकी है। रोहतक जिले में पांच जगहों से धुआं उठने की जानकारी सेटेलाइट से मिली है। हालांकि अभी केवल धान की 25 फीसदी फसल ही काटी गई है।

पूरी फसल की कटाई होने पर पराली जलाने के मामले बढ़ने की आशंका है। हिसार में अब तक 34 मामले सामने आ चुके हैं। पांच किसानों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा चुकी है, जबकि एक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 
 
इन जिलों में पराली जलाने का कोई मामला नहीं
महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी

       पराली जलाने के मामले

जिला  केस   
कैथल 864 
करनाल 800
सिरसा 194
जींद 144
फतेहाबाद 200
कुरुक्षेत्र 63
हिसार 34 
यमुनानगर 17
सोनीपत 13
अंबाला 3

पराली मसले पर किसानों पर मुकदमे दर्ज करने के पक्ष में नहीं जजपा
जजपा न पराली जलाने के पक्ष में है और न ही इस मुद्दे पर किसानों पर मुकदमे दर्ज करवाने का पक्षधर है। पार्टी की ओर से उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से बात की जाएगी कि इस मुद्दे पर किसानों के साथ नरमी बरती जाए और कार्रवाई को सिर्फ जुर्माने तक सीमित रखा जाए। हां, अगर कोई किसान बार-बार पराली जलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। - निशान सिंह, जजपा प्रदेशाध्यक्ष  

पराली जलाने पर कार्रवाई के लिए पहुंचे अधिकारियों को किसानों ने बनाया बंधक
पराली जलाने के मुद्दे पर किसानों के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमों से आजिज किसानों का गुस्सा शुक्रवार दोपहर को फूट गया। गांव ढ़ाणी चेतनपुर में किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम को खेत में ही बंधक बना लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सूचना मिलने पर सिटी एसएचओ यादविंद्र सिंह की अगुवाई में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को समझा-बुझाकर अधिकारियों को मौके से छुड़वाया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने कई अज्ञात किसानों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज करवाया है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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