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Pollution: हरियाणा के 10 शहरों की हवा बेहद खराब, सोनीपत-बहादुरगढ़ देश में सबसे प्रदूषित; इस कारण बढ़ा प्रदूषण

Sun, 15 Oct 2023 09:24 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 15 Oct 2023 09:24 AM IST
सार

हरियाणा के 10 शहरों की हवा सांस लेने लायक नहीं है। सोनीपत और बहादुरगढ़ देश में सबसे प्रदूषित है। देश के सबसे प्रदूषित तीन शहरों में दो हरियाणा के और तीसरा मुजफ्फरनगर शामिल है। पराली और उद्योगों के अवशेष जलने एवं मौसम में बदलाव के कारण ऐसा हो रहा है।

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Air polluted of 10 cities of Haryana is very bad Sonipat and Bahadurgarh are most polluted in country
हिसार की फिजा में घुल रहा पराली का धुआं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पराली, उद्योगों के अवशेष जलने व मौसम में बदलाव के कारण हरियाणा की हवा में प्रदूषण के कण बढ़ने लगे हैं। देश के सबसे तीन प्रदूषित शहरों में से दो हरियाणा के सोनीपत व बहादुरगढ़ और एक यूपी का मुजफ्फरनगर हैं। इन दोनों शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) शनिवार को औसतन 300 (बहुत खराब श्रेणी) पार कर गया। 
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इनके अलावा प्रदेश के 8 अन्य शहरों में भी एक्यूआई 200 पार कर गया। यानी इन सभी दस शहरों की हवा सांस लेने लायक नहीं है। इसी का नतीजा है कि हरियाणा के कुछ शहरों में सुबह स्मॉग भी दिखने लगी है। फतेहाबाद में शनिवार सुबह करीब दस बजे तक आसमान में धूलकण साफ नजर आए। 
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सीजन में यह पहली बार है जब एक साथ दो शहरों का एक्यूआई 300 पार कर गया हो। एक दिन पहले यह आंकड़ा 300 से नीचे था। सोनीपत में तो सुबह 10 बजे एक्यूआई (पीएम-10) 424 व बहादुरगढ़ में रात 2 बजे 491 पहुंच गया था। हालांकि पूरे दिन का औसत 321 व 305 दर्ज किया गया। करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। 
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दिन में एक-दो बार इन शहरों का प्रदूषण का स्तर 300 को छूने के करीब पहुंच गया था। वहीं, पिछले एक सप्ताह में भिवानी, हिसार और फतेहाबाद में प्रदूषण तीन गुना तक बढ़ गया है। इससे आंखों में जलन की शिकायत भी देखने का मिल रही है। 

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हवा की गति धीमी पड़ गई है। इससे प्रदूषण के कण ठहर से गए हैं। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने से सड़कों व उसके आसपास काफी धूल जमा है, जो यातायात की वजह से सतह से ऊपर उठकर हवा में शामिल हो रहे हैं। 

 

वहीं, पिछले दो दिन से हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। औद्योगिक क्षेत्र के कूड़े में रात को आग लगाना भी प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। सोनीपत के जठेड़ी स्थित लघु औद्योगिक क्षेत्र के पास रातभर कूड़े के ढेर में आग से धुआं उठता रहा। 

 

सोनीपत के एसडीएम अमित कुमार का भी कहना है कि एक सप्ताह में केवल पांच जगह पराली जली। फैक्टरियों से निकलने वाले कूड़े में आग लगाने से वातावरण में खतरनाक प्रदूषण फैलता है।

एक दिन में पराली जलाने के 44 मामले...अब तक 415
सरकार के तमाम दावों के बावजूद पराली जलाने की घटनाओं में फिलहाल कमी नहीं आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक शनिवार को 44 स्थानों पर पराली जलीं। अब तक 415 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। चार शहरों अंबाला (62), फतेहाबाद (53), कुरुक्षेत्र (51), जींद (41) में सबसे ज्यादा पराली जलने की शिकायतें दर्ज हुईं।

थोड़ी राहत : अगले से दो दिन बारिश के आसर...बैठ जाएंगे धूलकण
हरियाणा के कई शहरों में अगले दो दिन बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं की वजह से 15 से 16 अक्तूबर तक बारिश होगी। 17 अक्तूबर को बूंदाबांदी हो सकती है। इससे प्रदूषण के कण घुल जाएंगे और हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। हरियाणा के अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। हालांकि यह राहत चार से पांच दिन ही मिलेगी। इसके बाद 20 नवंबर तक लोगों को प्रदूषण से जूझना पड़ सकता है।
 

पंजाब, हरियाणा पराली जलाने की समस्या के समाधान के लिए उपाय करें

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर दिल्ली के राज्यपाल वीके सक्सेना ने गंभीर चिंता जताई है। सक्सेना ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अपने-अपने राज्यों में पराली जलाने की समस्या के समाधान के लिए उचित उपाय करने को कहा है ताकि इस सर्दी में दिल्ली का दम न घुटे। इन दोनों राज्यों में व्यापक पैमाने पर पराली जलाने से राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण बहुत अधिक बढ़ जाता है।

उपचारात्मक उपाय तेज करें
उपराज्यपाल ने दोनों मुख्यमंत्रियों से कहा है कि पराली जलाने की घटनाओं रोकने के लिए उपचारात्मक उपायों में तेजी लाएं। उन्होंने लिखा, मुझे यकीन है कि आप मामले को समझते हैं और आपसे आग्रह करता हूं कि आप सभी उपलब्ध संसाधनों को जुटाएं और किसानों को इस घातक खतरे को हराने में इच्छुक भागीदार बनाएं। साथ ही राजधानी के साथ-साथ पूरे एनसीआर को राहत पहुंचाने में मदद करें।

सबसे खराब हवा
सोनीपत 321
बहादुरगढ़ 305

वायु गुणवत्ता सूचकांक

करनाल 282
कैथल 266
कुरुक्षेत्र 264
फरीदाबाद 267
यमुनानगर 248
मानेसर 232
धारूहेड़ा 222
चरखी दादरी 210












 
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