वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ बोले-‘शूट फायर एंड फारगेट’ की तर्ज पर काम करेगा अपाचे
- अपाचे एएच 64 ई की लांचिंग के दौरान उत्साहित दिखे वायुसेना प्रमुख।
- दुश्मन के एयर डिफेंस को बिखेरने की क्षमता भी रखता है अपाचे।
- 2020 तक वायुसेना में शामिल होंगे 22 अपाचे हेलीकॉप्टर।
विस्तार
वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा कि अपाचे एएच 64ई के बेड़े में शामिल होने के बाद निसंदेह एयरफोर्स की ताकत बढ़ी है। जिस तरह से इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर की खूबियां हैं, उसे देखें तो यह हेलीकॉप्टर ‘शूट फायर एंड फारगेट’ की तर्ज पर काम करेगा।
यानी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, रॉकेट, गन इत्यादि हथियारों से लैस यह हेलीकॉप्टर एक बार फायर दागने के बाद दुश्मन खेमे में भारी तबाही मचाएगा। धनोआ ने कहा कि मैं आश्वस्त हूं कि अपाचे के आने से इंडियन एयरफोर्स की ऑपरेशन क्षमता में भी इजाफा होगा।
मंगलवार को पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन में आयोजित अपाचे के लांचिंग कार्यक्रम में एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। अपाचे की पहली खेप आने को लेकर खासे उत्साहित दिखे धनोआ ने कहा कि यूएस की बोइंग कंपनी ने हमें समय से पहले आठ अपाचे दे दिए हैं और आश्वस्त किया है कि बाकी 14 अपाचे भी मार्च 2020 तक इंडियन एयरफोर्स के पास पहुंच जाएंगे।
धनोआ ने कहा कि अपग्रेडेड राडार सिस्टम, डाटा शेयरिंग कैपेबिलिटी समेत विभिन्न ऑपरेशंस में अहम भूमिका निभाने वाला यह अपाचे युद्ध क्षेत्र में दुश्मन के एयर डिफेंस को बिखेरने की क्षमता भी रखता है। उन्होंने कहा कि बोइंग कंपनी ने इसके निर्माण के दौरान इंडियन एयरफोर्स के बताए मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखा है।
धनोआ ने कहा कि वैसे तो इंडियन एयरफोर्स 1954 से हेलीकॉप्टर उड़ा रही है। चीता, चेतक हो या फिर एमआई-35 आईवी इन सभी अटैक हेलीकॉप्टरों ने विभिन्न युद्ध क्षेत्रों में कई मिशन फतह किए हैं।
धनोआ ने कहा कि एमआई-35 को हम पिछले 3 दशकों से उड़ा रहे हैं और यूएस के कई पीस कीपिंग ऑपरेशंस में भी एमआई-35 ने कई जोखिम भरे अभियानों को सफल बनाया है। अब अपाचे की एंट्री के बाद एयरफोर्स और मजबूत हुई है।
उनके अनुसार यूएस, यूके, इजराइल समेत कई देशों ने भी अपाचे का लोहा माना है। अंत में धनोआ ने कहा कि मैं पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन को अपाचे की 125 ग्लेडिएटर स्क्वाड्रन मिलने से बहुत खुश हूं और साथियों को सर्वदा ‘हैप्पी लैंडिंग’ की शुभकामनाएं देता हूं, जय हिन्द।